Zika virus: कोरोना के बीच एक और वायरस, कहां से आ रहा है यह? यूपी में 121 संक्रमित हुए
कानपुर। कोरोनावायरस का प्रकोप तो थम गया है, लेकिन अब जीका-वायरस की वजह से कई क्षेत्रों में कोहराम मच गया है। उत्तर प्रदेश के कानपुर, लखनऊ, कन्नौज और मथुरा में लोग जीका से संक्रमित हो रहे हैं। आज कानपुर से मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नेपाल सिंह ने बताया कि, उत्तर प्रदेश में जीका के मामले 100 का आंकड़ा पार कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि, एक दिन पहले जीकावायरस के 108 मरीज़ थे, लेकिन कल 13 मरीज़ और पाए गए हैं। ऐसे में कुल मरीज़ों की संख्या बढ़कर 121 हो गई है।

कोरोनावायरस से ज्यादा जीकावायरस का खौफ
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि, उत्तर प्रदेश में चिह्नित किए जा चुके जीकावायरस पीड़ितों में से 31 ठीक भी हो चुके हैं..वे मरीज़ नेगेटिव हो गए हैं। हालांकि, सक्रिय मरीज़ों की संख्या अभी 90 है।
चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि, लोगों का ऐसी बीमारी से बचाव हो, इस बारे में स्वास्थ्य महकमे ने पहले ही अलर्ट जारी कर दिया था। हालांकि, जीका वायरस का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। बीते गुरुवार को राजधानी लखनऊ में दो नए मामले सामने आए थे। वहीं, कानपुर जिले में 16 और नए मरीज मिलने से हड़कंप मच गया। फिलहाल, कानपुर ही वह जिला है, जहां जीका वायरस के 105 मरीज सामने आ चुके हैं।
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अकेले कानपुर में 100 से ज्यादा मरीज मिल चुके
कानपुर में मिले जीका वायरस के 16 नए मरीजों में दो गर्भवती महिलाएं भी शामिल हैं। वहीं, यह आफत बढ़ने पर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ खुद हालातों का जायजा लेने के लिए कानपुर पहुंचे। अधिकारियों के मुताबिक, योगी ने कानपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑडिटोरियम में जिले के स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ बैठक की, जहां जीका वायरस से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की गई। यह भी बताया जा रहा है कि, अब सीएम योगी प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे। कहा जा रहा है कि योगी जीकावायरस से संक्रमित मरीजों के परिजनों से खुद भी मुलाकात करेंगे।

मच्छर की वजह से ही फैलता है यह रोग
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि, जीका वायरस भारत में सबसे पहले केरल में फैला। वहां अभी भी इसके बहुत से मामले सामने आ रहे हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश समेत कुछ उत्तर भारतीय राज्यों में इसके मरीजों का पता चल रहा है। जीकावायरस एक मच्छर से फैलने वाला रोग है, जो एडीज एजिप्टी नाम की प्रजाति के मच्छर के काटने से फैलता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, एडीज मच्छर आमतौर पर दिन के दौरान काटते हैं। ये वही मच्छर है जो डेंगू, चिकनगुनिया फैलाता है। हालांकि, ज्यादातर लोगों के लिए जीका वायरस का संक्रमण कोई गंभीर समस्या नहीं है, लेकिन ये गर्भवती महिलाओं के लिए खतरनाक हो सकता है।

कैसे पता चलेगा कि जीका से पीड़ित हैं?
जीकावायरस से संक्रमित होने पर शरीर में कई लक्षण दिखते हैं, जैसे कि हल्का बुखार, त्वचा पर लाल निशान, दाग, रैशेज, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द। लोगों को सिरदर्द भी होता है। जीका वायरस बीमारी की इन्क्यूबेशन टाइमिंग 3-14 दिन है। कोई इसकी चपेट में आता है तो लक्षण आमतौर पर 2 से 7 दिनों तक रहते हैं। WHO की एक स्टडी के मुताबिक, जीका वायरस के संक्रमण वाले अधिकांश लोगों में लक्षण दिखाई भी नहीं देते हैं।

क्या है जीकावायरस से बचने का इलाज?
फिलहाल जीका वायरस से बचाने वाली वैक्सीन किसी देश के पास नहीं है। कोरोना वायरस की वैक्सीन वैज्ञानिकों ने तैयार कर ली है, लेकिन जीका वायरस पर अभी रिसर्च जारी है। डॉक्टरों का कहना है कि, अगर कोई इससे संक्रमित हो जाता है तो उसे भरपूर आराम करना चाहिए। इसके अलावा ज्यादा से ज्यादा लिक्विड डाइट लेनी चाहिए। बुखार और बॉडी पेन के लिए नॉर्मल दवाई लेने की सलाह दी जाती है।












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