Noida Yuvraj Mehta Case में बड़ा एक्शन! कौन हैं IAS कृष्ण करुणेश? जिन्हें सौंपी गई नोएडा अथॉरिटी की जिम्मेदारी
Noida Yuvraj Mehta Case: यूपी के नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में प्रशासन ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है। इस मामले को लेकर उठे सवालों और बढ़ते दबाव के बीच नोएडा प्राधिकरण के पूर्व सीईओ लोकेश एम को पद से हटा दिया गया।
उत्तर प्रदेश सरकार ने एक कड़ा प्रशासनिक संदेश देते हुए कृष्ण करुणेश को नोएडा प्राधिकरण (Noida Authority) का नया मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है। यह फैसला सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की हालिया मौत के मामले में हुई बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।

शासन ने तत्काल प्रभाव से पूर्व सीईओ लोकेश एम को पद से हटाते हुए कृष्ण करुणेश को जिम्मेदारी संभालने के निर्देश दिए हैं। कौन है नोएडा के नए CEO कृष्ण करुणेश पढ़िए पूरी प्रोफाइल...
Who Is IAS Krishna Karunesh: कौन हैं IAS कृष्ण करुणेश?
2011 बैच के आईएएस अधिकारी कृष्ण करुणेश प्रशासनिक गलियारों में अपनी तेज-तर्रार कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। कृष्ण करुणेश मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं और उत्तर प्रदेश कैडर के अनुभवी अधिकारी माने जाते हैं। नोएडा की कमान संभालने से पहले वे गाजियाबाद में एसडीएम और मुख्य विकास अधिकारी (CDO) के रूप में कार्य कर चुके हैं।
जिलाधिकारी के रूप में उन्होंने हापुड़ और बलरामपुर जैसे जिलों में जिलाधिकारी (DM) के तौर पर कानून-व्यवस्था और विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से जमीन पर उतारा है। जनवरी 2021 से IAS कृष्णा करुणेश गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) में उपाध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं। इस दौरान उन्होंने शहरी विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की मॉनिटरिंग, मास्टर प्लान और नियोजन से जुड़े कई अहम फैसलों में भूमिका निभाई।
उनकी पहचान एक ऐसे अधिकारी के रूप में है जो डेटा-आधारित निर्णय, परियोजनाओं की सख्त मॉनिटरिंग पर जोर देते हैं। यही वजह है कि नोएडा-एनसीआर जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहरी क्षेत्र में उनके अनुभव को बेहद अहम माना जा रहा है
युवराज मेहता केस में हुई बड़ी कार्रवाई
नोएडा में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले ने शहर में भारी जनाक्रोश पैदा कर दिया था। बुनियादी सुविधाओं और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के चलते हुई इस घटना को शासन ने बेहद गंभीरता से लिया। प्रशासनिक लापरवाही और जवाबदेही तय करने के क्रम में लोकेश एम को हटाने का निर्णय लिया गया, जिसके बाद रिक्त हुए इस महत्वपूर्ण पद पर कृष्ण करुणेश की तैनाती की गई है।
नोएडा के लिए क्यों अहम है यह नियुक्ति?
नोएडा प्राधिकरण फिलहाल कई चुनौतियों से जूझ रहा है जिनमें शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर, नागरिक सुविधाएं, बिल्डर प्रोजेक्ट्स, ट्रैफिक, जल निकासी और प्रशासनिक पारदर्शिता जैसे मुद्दे शामिल हैं। युवराज मेहता केस के बाद जनता का भरोसा दोबारा हासिल करना भी प्राधिकरण के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
ऐसे में शासन की ओर से IAS कृष्णा करुणेश को जिम्मेदारी सौंपे जाने को सुधार और सख्ती का संकेत माना जा रहा है। माना जा रहा है कि उनके नेतृत्व में नोएडा प्राधिकरण की कार्यप्रणाली में जवाबदेही और पारदर्शिता पर खास जोर दिया जाएगा।
फिलहाल सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि नए सीईओ के रूप में IAS कृष्णा करुणेश युवराज मेहता केस से जुड़े प्रशासनिक पहलुओं को किस तरह संभालते हैं और नोएडा प्राधिकरण में सुधार के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं। यह नियुक्ति साफ संकेत देती है कि सरकार इस मामले को हल्के में लेने के मूड में नहीं है और नोएडा प्रशासन में बड़े बदलावों की शुरुआत हो चुकी है।












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