2024 से पहले योगी सरकार हर हाल में पूरा करेगी ये तीन बड़े चुनावी वादे, जानिए क्या है इनकी सियासी अहमियत

लखनऊ, 22 अप्रैल: उत्तर प्रदेश में बीजेपी को विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत मिली थी। जीत मिलने के बाद अब बीजेपी और योगी आदित्यनाथ दोगुने उत्साह के साथ मिशन 2024 की तैयारियों में जुट गए हैं। इसको लेकर योगी समीक्षा बैठक में फिक्रमंद भी दिखे। योगी ने यूपी के उन तीन नए राज्य विश्वविद्यालयों को पूरा करने का निर्देश जिया जिनकी आधारशिला वोट बैंक के लिहाज से चुनाव से पहले की गई थी। योगी के एजेंडे में जो तीन विश्वविद्यालय हैं उनमें सहारनपुर में शाकुंभरी देवी विश्वविद्यालय, अलीगढ़ में महाराजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय और आजमगढ़ में महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय शामिल हैं। इन तीनों को शुरू करने के पीछे बीजेपी की अपनी सोची समझी रणनीति काम कर रही है और इनको हर हाल में 2023 के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा।

मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय के बहाने हिन्दुत्व का मैसेज देने की कोशिश

मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय के बहाने हिन्दुत्व का मैसेज देने की कोशिश

दरसअल 2 दिसंबर 2021 को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सहारनपुर जिले के पुनवारका गांव में मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय की आधारशिला रखी। इस मौके पर राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद थे। मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय की स्थापना कुल 50.43 एकड़ क्षेत्र में होगी और निर्माण कार्य 18 माह में पूरा कर लिया जाएगा। प्रथम चरण में प्रशासनिक भवन, शैक्षणिक भवन, छात्रावास, आवासीय भवन आदि के निर्माण के लिए 92.04 करोड़ रुपये की लागत के निर्माण कार्यों को मंजूरी दी गई है।

तीनों जिलों के 264 कॉलेजों को मिलेगी संबद्धता

तीनों जिलों के 264 कॉलेजों को मिलेगी संबद्धता

इस विश्वविद्यालय के निर्माण कार्यों के लिए लोक निर्माण विभाग को कार्यकारी निकाय बनाया गया है। मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय के अधिकार क्षेत्र में सहारनपुर संभाग के तीनों जिले मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और शामली को शामिल किया गया है। इन तीनों जिलों के 264 कॉलेज इस विश्वविद्यालय से संबद्ध हैं। विश्वविद्यालय की स्थापना से सहारनपुर संभाग के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा की बेहतर सुविधाएं नजदीकी स्थान पर मिल सकेगी।

 महाराजा महेंद्र प्रताप सिंह के बहाने जाट समुदाय पर निगाहें

महाराजा महेंद्र प्रताप सिंह के बहाने जाट समुदाय पर निगाहें

विश्वविद्यालय अलीगढ़ संभाग के 395 महाविद्यालयों को संबद्धता प्रदान करेगा। जाने माने जाट शख्सियत के बाद विश्वविद्यालय स्थापित करने के योगी आदित्यनाथ सरकार के फैसले को राजनीतिक रूप से अगले साल की शुरुआत में राज्य में महत्वपूर्ण विधानसभा चुनावों से पहले समुदाय पर जीत हासिल करने के लिए सत्तारूढ़ भाजपा के प्रयास के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है। जाट राजा और स्वतंत्रता सेनानी महेंद्र प्रताप सिंह के नाम पर विश्वविद्यालय का निर्माण जिले की कोल तहसील में 92.27 एकड़ भूमि पर किया जाएगा।

सुहेलदेव विश्वविद्यालय से राजभरों को साधने की कोशिश

सुहेलदेव विश्वविद्यालय से राजभरों को साधने की कोशिश

आजमगढ़ में विश्वविद्यालय की नींव रखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को महान हिंदू योद्धा महाराजा सुहेलदेव के नाम पर इसका नाम रखने का सुझाव दिया। सुझाव को स्वीकार करते हुए योगी ने घोषणा की कि आजमगढ़ में विश्वविद्यालय महाराजा सुहेलदेव के नाम से जाना जाएगा। देश के गृहमंत्री अमित शाह ने चुनाव से पहले इस विश्वविद्यालय की आधारशिला रखी थी। इसके बनने के बाद आजमगढ़ और उसके आसपास के जिलों में शिक्षा की व्यवस्था में और सुधार होगा। साथ ही बीजेपी को आने वाले आम चुनाव में इसको भुनाने में मदद मिलेगी।

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