UP की ग्रामीण संस्कृति से परिचित कराने की Yogi सरकार की नई कवायद, जानिए क्यों उठाया ये कदम
लखनऊ, 19 सितंबर: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने अब ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने और युवाओं को ग्रामीण संस्कृति से परिचित कराने के लिए नई कवायद शुरू कर दी है। शासन में बैठे सूत्रों की माने तो उत्तर प्रदेश सरकार ने पहले चरण में एक चरणबद्ध अभियान शुरू किया है। इसके तहत 18 जिलों का चयन किया गया है जहां ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री के निर्देश पर अधिकारियों ने इस योजना को अमली जामा पहनाने की कवायद शुरू कर दी है।

प्रमुख सचिव (पर्यटन) मुकेश मेश्राम ने कहा कि, "उत्तर प्रदेश में देश में सबसे अधिक गांव हैं और कृषि पर्यटन क्षेत्र में इसकी अपार संभावनाएं हैं। इनमें से प्रत्येक जिले से, सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए दो गांवों को चुनेगी।"
सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने की कोशिश
मेश्राम ने बताया कि बेहतर कृषि पद्धतियों, गाय पालन, शिल्प कौशल, हथकरघा, हस्तशिल्प, अद्वितीय शुद्ध खाद्य पदार्थ, जैविक और कृषि विविधता आदि को प्रोत्साहित करने के अलावा, हम गांवों में अपनी समृद्ध ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने की प्रक्रिया शुरू कर रहे हैं।
पहले चरण में हुआ 18 जिलों का चयन
प्रमुख सचिव के अनुसार, पहले चरण में राज्य भर के 18 जिलों के सलाहकार संगठनों का चयन किया जा चुका है। इन संस्थानों की ओर से प्रत्येक जिले में दो गांवों की पहचान के लिए एक सर्वेक्षण किया जाएगा जहां पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा। ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए युवा पीढ़ी को गांवों और उनकी अनूठी विशेषताओं के बारे में शिक्षित करने के लिए एक योजना भी तैयार की जाएगी।
चयनित जिलों के डीएम को सौंपी गई जिम्मेदारी
अधिकारी ने बताया कि चुने गए संस्थानों के प्रतिनिधि चयनित जिलों के जिलाधिकारियों से संपर्क करेंगे और ग्रामीण पर्यटन से संबंधित मुद्दों के बारे में पर्यटन से संबंधित गतिविधियों में शामिल अन्य हितधारकों के साथ भी बात करेंगे। चर्चा के बाद प्राथमिक मुद्दों के आधार पर सर्वे कराकर चयनित संस्थाओं की ओर से कार्ययोजना तैयार की जाएगी। अधिकारी ने कहा कि पर्यटन विभाग आने वाले वर्षों में कृषि पर्यटन को एक नया रूप देने के लिए काम करना जारी रखेगा।












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