महिला उद्यमियों को आकर्षित करने के लिए MSME नीति में बदलाव की तैयारी में Yogi सरकार
लखनऊ, 17 सितंबर: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने अब सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) में महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए अपनी नीति में बदलाव करने का फैसला किया है। अधिकारियों का दावा है कि प्रस्तावित नई नीति के तहत महिला उद्यमियों को सूक्ष्म और लघु इकाइयों की स्थापना के लिए जमीन की खरीद पर 100 फीसदी स्टांप शुल्क सब्सिडी मिलेगी। इसके अलावा, अन्य एमएसएमई राज्य के क्षेत्र के आधार पर 50-100 प्रतिशत सब्सिडी प्राप्त करेंगे।

एमएसएमई विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि मध्य और पश्चिमी जिलों की तुलना में बुंदेलखंड और पूर्वांचल (पूर्वी यूपी) के तुलनात्मक रूप से पिछड़े क्षेत्रों में स्टांप शुल्क बहुत कम होगा। इसका उद्देश्य पश्चिमी यूपी के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) जिलों में और पिछड़े इलाकों में विशेष रूप से विनिर्माण क्षेत्र में नए निवेश को प्रोत्साहित करना है।
2023 मेगा इन्वेस्टर्स समिट की तैयारी में सरकार
दरअसल योगी आदित्यनाथ सरकार ने जनवरी, 2023 में एक मेगा इन्वेस्टर्स समिट की तैयारी शुरू कर दी है। इसने अगले पांच वर्षों में राज्य को 1 ट्रिलियन अमेरिकी अर्थव्यवस्था बनाने के लिए खाका तैयार करने के लिए वैश्विक सलाहकार प्रमुख डेलॉइट को भी शामिल किया है।
महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए दी जाएगी छूट
सरकार की तरफ से बुंदेलखंड और पूर्वांचल में 100 प्रतिशत स्टांप शुल्क छूट की पेशकश की जाएगी जबकि मध्य यूपी और पश्चिमी यूपी क्षेत्रों (नोएडा और गाजियाबाद को छोड़कर) को 75 प्रतिशत सब्सिडी मिलेगी। राज्य सरकार द्वारा गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) और गाजियाबाद जिलों में 50 प्रतिशत स्टांप शुल्क सब्सिडी प्रदान करने की उम्मीद है।
निजी क्षेत्र को लुभाने के लिए सब्सिडी की पेशकश
अधिकारी ने बताया कि स्टांप शुल्क छूट के अलावा, राज्य निजी क्षेत्र को लुभाने के लिए पूंजीगत सब्सिडी की पेशकश करेगा। उदाहरण के लिए, बुंदेलखंड और पूर्वांचल में एमएसएमई को 15 से 25 प्रतिशत की सीमा में पूंजीगत सब्सिडी प्राप्त होगी। मध्य और पश्चिमी यूपी में संबंधित पूंजीगत सब्सिडी को 10 से 20 प्रतिशत तक सीमित कर दिया जाएगा।
पिछले पांच साल में उद्यमियों को मिला था 2.5 लाख करोड़ का ऋण
दरअसल इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए राज्य वाणिज्यिक बैंकों और वित्तीय संस्थानों से इस क्षेत्र के लिए सस्ते पूंजी ऋण की सुविधा प्रदान की जाएगी। राज्य विशेष रूप से बुंदेलखंड और पूर्वांचल जिलों में कार्यशील पूंजी ऋण पर 6 प्रतिशत तक ब्याज सब्सिडी की पेशकश करेगा। योगी आदित्यनाथ के शासन में लगभग 10 मिलियन MSME उद्यमियों ने 2017 और 2022 के बीच 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक के ऋण का लाभ उठाया था।












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