योगी कैबिनेट: 20 ओबीसी, 9 दलित, 5 जाट.. भाजपा की जातियों के सहारे 2024 पर नजर
लखनऊ, 26 मार्च: योगी आदित्यनाथ ने दूसरे कार्यकाल के लिए शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के पद की शपथ ले ली है। योगी आदित्यनाथ के साथ दो डिप्टी सीएम समेत 52 मंत्रियों ने भी शपथ ली है। योगी मंत्रिमंडल में जातिगत समीकरणों का काफी ध्यान रखा गया है। मुख्यमंत्री ठाकुर हैं, ऐसे में ब्राह्मण और ओबीसी से एक-एक डिप्टी सीएम बनाया गया है। इसके अलावा भी तकरीबन हर जाति को साधने की कोशिश मंत्रिमंडल में की गई है। जिससे साफ है कि बीजेपी ने 2024 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए मंत्रिमंडल का गठन किया है।

योगी आदित्यनाथ के साथ 52 मंत्रियों ने शपथ ली है, जिसमें कुल 18 कैबिनेट मंत्री बनाए गए हैं।14 राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बने हैं और इसके बाद 20 विधायकों को राज्यमंत्री बनाया गया है। योगी मंत्रिमंडल में 52 में 21 सवर्ण जाति से आते हैं, 20 अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से और नौ दलित हैं। धार्मिक आधार पर देखें तो एक मुस्लिम एक सिख मंत्री है।
कैबिनेट में अपर कास्ट का दबदबा
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योगी आदित्यनाथ के कैबिनेट सात ब्राह्मण, तीन वैश्य हैं और मुख्यमंत्री सहित आठ ठाकुर हैं। कैबिनेट में एक कायस्थ और दो भूमिहार मंत्री भी हैं। सात ब्राह्मण मंत्रियों में से तीन कैबिनेट में हैं, एक के पास स्वतंत्र प्रभार है और तीन राज्यमंत्री हैं। इनमें ब्रजेश पाठक उपमुख्यमंत्री हैं, योगेंद्र उपाध्याय और जितिन प्रसाद को कैबिनेट बर्थ दिया गया है। प्रतिभा शुक्ला, रजनी तिवारी और सतीश शर्मा राज्यमंत्री हैं।
ठाकुरों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा जयवीर सिंह को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। जेपीएस राठौर, दयाशंकर सिंह और दिनेश प्रताप सिंह को स्वतंत्र प्रभार के साथ राज्यमंत्री बनाया गया है। ठाकुर जाति से आने वाले बृजेश सिंह, मयंकेश्वरन सिंह और सोमेंद्र तोमर राज्यमंत्री बने हैं।
वैश्य-कायस्थ-भूमिहार
योगी आदित्यनाथ के दूसरे कार्यकाल में वैश्य जाति के तीन मंत्री हैं। इनमें नंदगोपाल नंदी कैबिनेट मंत्री हैं। नितिन अग्रवाल और कपिल देव अग्रवाल राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाए गए हैं। सूर्यप्रताप शाही और अरविंद कुमार शर्मा भूमिहार समुदाय से हैं, जिनको कैबिनेट में शामिल किया गया है। कायस्थ अरुण कुमार सक्सेना को स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री बनाया गया है।
ओबीसी से मंत्री
ओबीसी के 20 मंत्रियों में से भाजपा के 18 और सहयोगी अपना दल और निषाद पार्टी को एक-एक मंत्री बनाया गया है। भाजपा के प्रमुख ओबीसी चेहरे केशव प्रसाद मौर्य को उपमुख्यमंत्री बनाया गया है। कुर्मी नेता स्वतंत्र देव सिंह, राकेश सचान और अपना दल के आशीष पटेल को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। ओबीसी से आठ नेताओं को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है।
जाट नेता लक्ष्मी नारायण चौधरी और भूपेंद्र सिंह चौधरी कैबिनेट मंत्री बनाए गए हैं। राजभर समुदाय से अनिल राजभर, निषाद समुदाय से संजय निषाद और लोध समुदाय से धर्मपाल सिंह मंत्री हैं। लोध समुदाय से संदीप सिंह, निषाद समुदाय से नरेंद्र कश्यप, यादव समुदाय से गिरीश चंद्र यादव, कुर्मी समुदाय से संजय गंगवार, प्रजापति जाति से धर्मबीर प्रजापति और कलवार जाति से रवींद्र जायसवाल मंत्री बने हैं।
नौ दलित बने मंत्री
नौ दलित नेताओं को मंत्री बनाया गया है, इनमें केवल एक पूर्व राज्यपाल बेबी रानी मौर्य को कैबिनेट का पद दिया गया है। पूर्व पुलिस अधिकारी असीम अरुण को स्वतंत्र प्रभार का मंत्री बनाया गया है। अरुण भी जाटव समुदाय से हैं।
धार्मिक अल्पसंख्यकों की बात करें तो मुस्लिमों से दानिश आजाद अंसारी को मंत्री पद दिया गया है। सिखों से बलदेव सिंह औलख को राज्यमंत्री बनाया गया है। शाहजहांपुर से नौ बार के विधायक, पंजाबी समुदाय से आने वाले सुरेश खन्ना कैबिनेट मंत्री बने हैं।












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