PICS: प्रसव पीड़ा से अस्पताल में तड़पती रही महिला, डॉक्टर ने देखा तक नहीं

पति राहुल का आरोप है कि सुबह 6 बजे जब डॉक्टर रोशी गजाला के पास पहुंची तो उन्होंने बगैर देखे ही कह दिया कि जच्चा-बच्चा दोनों की हालत गंभीर है। इसलिए यहां से ले जाओ।

शाहजहांपुर। यूपी के शाहजहांपुर में स्वास्थ विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां के जिला महिला अस्पताल में दर्द से तड़पती गर्भवती महिला को जिला अस्पताल से बाहर निकाल दिया गया। गर्भवती महिला के परिजनों का आरोप है कि उन्होंने डॉक्टर से हाथ जोड़कर भर्ती करने के लिए कहा लेकिन डॉक्टर चिल्लाते हुए कहने लगी कि हालत गंभीर है, इसको प्राइवेट नर्सिंग होम लेकर जाओ। जैसे ही महिला का पति दर्द से कहराती पत्नी को अस्पताल के बाहर लाया महिला जमीन पर गिर गई लेकिन डॉक्टरों ने महिला को देखना मुनासिब नहीं समझा। आप देख सकते हैं कि दर्द से तड़पती महिला को ऑटो से निजी नर्सिंग होम ले जाना पड़ा।

पति का आरोप- डॉक्टर ने देखा तक नहीं

पति का आरोप- डॉक्टर ने देखा तक नहीं

दरअसल मामला जिला महिला अस्पताल का है। यहां कलान थाना क्षेत्र के ग्राम घूनी खेड़ा निवासी राहुल की पत्नी सुधा को प्रसव पीड़ा हुई तो पति राहुल ऑटो से जिला महिला अस्पताल लेकर आया। सुबह 6 बजे राहुल दर्द से तड़पती अपनी पत्नी को अस्पताल ले आया था। पति राहुल का आरोप है कि सुबह 6 बजे जब डॉक्टर रोशी गजाला के पास पहुंची तो उन्होंने बगैर देखे ही कह दिया कि जच्चा-बच्चा दोनों की हालत गंभीर है। इसलिए यहां से ले जाओ। परिजनों के मुताबिक उसने डॉक्टर के आगे हाथ जोड़कर दर्द से तड़पती महिला को देखने की गुहार लगाई लेकिन डॉक्टर मरीज को देखने के बजाए उल्टा मरीज और उसके तीमारदार पर चिल्लाने लगी। आखिरकार इस गरीब को अस्पताल के बाहर आना पड़ गया। तभी महिला को तेज प्रसव पीड़ा हुई और वो अस्पताल गेट के बाहर गिर गई।

निजी अस्पताल में भर्ती कराने की कही बात

निजी अस्पताल में भर्ती कराने की कही बात

पति राहुल के मुताबिक पत्नी के गिरने के बाद फिर वो डॉक्टर रोशी गजाला के पास गया और पत्नी के दर्द से जमीन पर गिरने की बात बताई लेकिन उन्होंने मरीज को देखने से साफ इनकार कर दिया। डॉक्टर ने मरीज को एक नजर देखना भी मुनासिब नहीं समझा। पति राहुल ने बताया कि उसकी दो साल पहले शादी हुई थी, ये उसके घर पहली खुशी होने को है। वो मेहनत मजदूरी करता है उसके पास इतना पैसा नहीं है कि वो मरीज को निजी नर्सिग होम में भर्ती कराए। लेकिन डॉक्टरों की बेरुखी के चलते उसको निजी नर्सिग होम जाना ही पड़ेगा।

तड़पती महिला को एंबुलेंस भी नहीं दे पाया सरकारी अस्पताल

तड़पती महिला को एंबुलेंस भी नहीं दे पाया सरकारी अस्पताल

आप देख सकते हैं कि महिला अस्पताल से डॉक्टर द्वारा निकाले जाने के बाद किस तरह से दर्द से तड़पती गर्भवती महिला को ऑटो से निजी नर्सिग होम ले जाया जा रहा है। ये हाल है स्वास्थ विभाग और यहां के जिला महिला अस्पताल का, जहां आए मरीज को प्राइवेट अस्पताल ही भेजा जाता है। वहीं जिला महिला अस्पताल के सीएमएस अशोक रस्तोगी का कहना है कि एक गर्भवती महिला को लाया गया था। डॉक्टर पर लगाए गए आरोप गलत हैं। मेरी डॉक्टर रोशी गजाला से बात हुई है, उनका कहना है की बच्चे की धड़कने नहीं आ रही थीं, इसलिए उन्होंने बरेली जाने के लिए कहा था।

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