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UP में सूखे के हालात की रिपोर्ट केंद्र को भेजेगी योगी सरकार ? किसानों को लेकर उठा सकती है ये बड़ा कदम

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लखनऊ, 24 अगस्त : उत्तर प्रदेश में इस बार कई जिले ऐसे हैं जहां औसत से काफी कम बारिश दर्ज की गई है। बारिश की कमी का आंकलन करने में योगी सरकार के अफसर और मंत्री भी जुटे हुए हैं। शासन में बैठे अधिकारियों का दावा है कि अभी फिलहाल यूपी के जिलों में बारिश की स्थिति का आंकलन किया जा रहा है। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने अधिकारियों को स्थिति से निपटने के लिए एक आकस्मिक योजना तैयार रखने का निर्देश दिया है। सूत्रों की माने बारिश की वजह से सूखे स्थिति को लेकर जिलेवार रिपोर्ट तलब की गई है जो केंद्र सरकार को भी भेजी जा सकती है।

दो दिनों में बारिश को लेकर मांगा गया फीडबैक

दो दिनों में बारिश को लेकर मांगा गया फीडबैक

अधिकारियों की माने तो अगर यूपी में बारिश की कमी जारी रहती है तो सरकार केंद्र से किसानों के लिए आर्थिक पैकेज मांग सकती है क्योंकि किसानों को फसल का नुकसान हुआ है। कई जिलों में सूखे जैसी स्थिति से निपटने की तैयारियों पर विभाग की बैठक करते हुए शाही ने अधिकारियों से अगले दो दिनों में जिलों में बारिश और बुवाई की सही स्थिति का फीडबैक लेने और उर्वरक, सिंचाई के अलावा वैकल्पिक फसलों के बीज बनाने के लिए कदम उठाने को कहा है।

सितंबर के बाद ही प्रभावित जिलों में सूखे के ऐलान की उम्मीद

सितंबर के बाद ही प्रभावित जिलों में सूखे के ऐलान की उम्मीद

सरकार ने संबंधित विभागों को पहले ही किसानों के नलकूपों के बकाया के कारण बिजली कनेक्शन काटने से बचने, किसानों को लगभग 30,000 सौर पंप वितरित करने और भू-राजस्व की वसूली को रद्द करने का निर्देश दिया था। अधिकारियों ने कहा कि यूपी का कम से कम एक तिहाई हिस्सा सूखे के बहुत करीब है। हालांकि सरकार सितंबर के बाद ही प्रभावित जिलों में सूखे पर आधिकारिक घोषणा कर सकती है।

यूपी में 30 फीसदी गिर सकता है धान का उत्पादन

यूपी में 30 फीसदी गिर सकता है धान का उत्पादन

राजस्व विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि कम बारिश की वजह से 60 तहसीलों की स्थिति काफी चिंताजनक है। हालांकि जिला मजिस्ट्रेट अभी भी कम बारिश के कारण फसल के नुकसान का आकलन कर रहे हैं। हमें लगता है कि धान का उत्पादन, विशेष रूप से पूर्वी यूपी में इस साल 30% तक गिर सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार जल्द ही केंद्र को एक रिपोर्ट भेज सकती है, जिसमें डीएम द्वारा तहसील-वार और ब्लॉक-वार नुकसान पर अपनी रिपोर्ट भेजने के बाद किसानों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए वित्तीय पैकेज की मांग की जा सकती है।

मध्य यूपी ओर पूर्वी यूपी में हालत खराब

मध्य यूपी ओर पूर्वी यूपी में हालत खराब

कृषि विभाग द्वारा मंगलवार को जारी किए गए बारिश के आंकड़ों से पता चलता है कि पूर्वी यूपी में स्थिति सबसे खराब थी, जहां जून के बाद से सामान्य बारिश का केवल 42.7% ही प्राप्त हुआ है। मध्य यूपी में सामान्य बारिश का 48.7% और पश्चिमी यूपी में सामान्य बारिश का 52.8% हो गया है। बुंदेलखंड में स्थिति तुलनात्मक रूप से बेहतर है, जहां सामान्य से करीब 80 फीसदी बारिश हुई है। उम्मीद से कम बारिश ने कृषि विभाग के साथ ही सरकार के भी कान खड़े कर दिए हैं। सरकार को अब सूखे की चिंता सताने लगी है। सरकार ने सूखे की आहट को देखते हुए अब अपनी तैयारियों को अमली जामा पहनाना शुरू दिया है।

यूपी सरकार को सता रही है सूखे की चिंता

यूपी सरकार को सता रही है सूखे की चिंता

सरकार अभी से अलर्ट मोड में आ गई है। राज्य के कृषि विभाग के शीर्ष सूत्रों ने कहा कि इस मानसून में यूपी के अधिकांश हिस्सों में बारिश की कमी के कारण खरीफ फसल की खेती के क्षेत्र में 6% से अधिक की गिरावट आई है। अगर बारिश की कमी बनी रहती है तो इसके और नीचे जाने की उम्मीद है। हालांकि इन हालातों को देखते हुए यूपी के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने 18 जुलाई को एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई है।

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English summary
Will the Yogi government send a report on the drought situation in UP to the Center?
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