कौन हैं दिनेश खटीक? जिनके 'इस्तीफे' से यूपी की सियासत में आया भूचाल

नई दिल्ली, 20 जुलाई: योगी सरकार से लगातार नाराज चल रहे राज्यमंत्री दिनेश खटीक के इस्तीफे की खबरें आ रही हैं। दिनेश खटीक ने अपना इस्तीफा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नाम पर भेजा। कहा जा रहा है कि वह अपनी नाराजगी हाई कमान से जाहिर करने के लिए दिल्ली भी पहुंचे हैं। हालांकि उनके इस्तीफे की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। योगी की कैबिनेट में दिनेश खटीक के अलावा पीडब्ल्यूडी मंत्री जतिन प्रसाद भी नाराजा चल रहे हैं। उन्होंने हाल में अपने ओएसडी को हटा दिया है। अब दिनेश खटीक के इस्तीफ से यूपी की कैबिनेट में भूचाल आ गया है।

लगातार दूसरी बार बने विधायक और मंत्री

लगातार दूसरी बार बने विधायक और मंत्री

दिनेश खटीक योगी सरकार में जलशक्ति विभाग के मंत्री दिनेश खटीक मवाना थाना क्षेत्र के कस्बा फलावदा के रहने वाले हैं। इन्होंने सन् 2017 में पहली बार भाजपा की टिकट से हस्तिनापुर विधानसभा से चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में दिनेश खटीक ने बसपा प्रत्याशी योगेश वर्मा को पराजित कर जीत हासिल की थी। जिसके बाद उन्हें योगी की कैबिनेट में जगह मिली थी। वह दूसरी बार प्रदेश की बीजेपी सरकार में मंत्री बने हैं।

तोड़े कई मिथक

तोड़े कई मिथक

2022 के चुनाव से पहले ऐसा माना जाता था कि हस्तिनापुर विधानसभा सीट से लगातार दो बार एक ही पार्टी से कोई भी विधायक नहीं बन सका है, लेकिन इस मिथक को दिनेश खटीक ने दो बार लगातार एक ही पार्टी से जीत हासिल करने के बाद तोड़ दिया। हालांकि इस सीट रेवती शरण मौर्य भी दो बार लगातार विधायक तो बने लेकिन पहली बार वह कांग्रेस पार्टी से विधायक चुने गए तो वहीं दूसरी बार जनता पार्टी की तरफ से एमएलए बने थे।

शाखा से सत्ता की कुर्सी तक का सफर

शाखा से सत्ता की कुर्सी तक का सफर

दिनेश खटीक अपने राजनीतिक कैरियर की शुरुआत से ही बीजेपी में हैं। दिनेश खटीक आरएसएस के कार्यकर्ता भी रहे हैं। इनके पिता भी संघ के कार्यकर्ता रहे हैं। विधायक दिनेश खटीक का फलावदा में ईंट भट्टे का व्यवसाय है। वर्तमान में वह मेरठ के गंगानगर में रहते हैं। भाई नितिन खटीक जिला पंचायत सदस्य हैं। दिनेश खटीक को एक बेटी और एक बेटा है।दिनेश खटीक ने क्षेत्र में अपने कार्यों से अपनी पहचान बनाई है।

क्या है विवाद

क्या है विवाद

दिनेश खटीक को इस बार कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के साथ जलशक्ति विभाग की जिम्मेदारी मिली थी। सूत्रों के मुताबिक दिनेश खटीक इस बात से भी नाराज हैं कि विभाग के अधिकारी उनकी बात नहीं सुन रहे हैं। दावा यह भी किया जा रहा है कि बीते दिनों विभाग में हुए तबादलों को लेकर भी तनातनी थी जिसमें राज्यमंत्री दिनेश खटीक की बात नहीं मानी गई थी। मंगलवार को खटीक कैबिनेट मीटिंग में शामिल हुए। इसके बाद सिक्योरिटी और सरकारी गाड़ी छोड़ दी और मेरठ के गंगानगर में अपने घर चले गए। इससे पहले संगठन मंत्री सुनील बंसल से मुलाकात कर अपनी नाराजगी भी जाहिर की। नाराज मंत्री ने 5 लोगों को चिट्ठी भी भेजी है।

भेजी चिठ्ठी

भेजी चिठ्ठी

मंत्री दिनेश खटीक ने चिट़्ठी में लिखा, ''दलित होने की वजह से अफसर मेरी बिल्‍कुल नहीं सुनते। अभी तक विभाग में मुझे कोई काम तक नहीं मिला है। दलित समाज का राज्य मंत्री होने के कारण उनके किसी भी आदेश पर कोई कार्यवाही नहीं की जाती है। न ही उन्‍हें सूचना दी जाती है कि विभाग में कौन-कौन सी योजनाएं चल रही हैं। उन पर क्या कार्यवाही हो रही है? यूपी सरकार के अफसर दलितों को अपमान कर रहे हैं।''

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