Sambhal Violence: जानिए कौन है सपा सांसद जियाउर रहमान बर्क, जिन पर संभल हिंसा भड़काने के लग रहे आरोप
Sambhal Violence: उत्तर प्रदेश के संभल में मस्जिद सर्वेक्षण के दौरान हुई हिंसा के बीच एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर रहमान बर्क पर पुलिस ने भड़काऊ भाषण देकर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया है। इस घटना को लेकर संभल पुलिस ने बर्क के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जिसमें उन्हें हिंसा और अराजकता के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है।
कौन है जियाउर रहमान बर्क
जियाउर रहमान बर्क उत्तर प्रदेश के एक वरिष्ठ राजनेता और वर्तमान में समाजवादी पार्टी के सांसद हैं। वह अपनी मुखर शैली और विवादास्पद बयानों के लिए जाने जाते हैं। बर्क उत्तर प्रदेश के संभल लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। वह मुस्लिम समुदाय के एक प्रमुख नेता माने जाते हैं और विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं।

बर्क ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत बहुजन समाज पार्टी के साथ की। उन्होंने लंबे समय तक बीएसपी का प्रतिनिधित्व किया और मुस्लिम समुदाय के बीच उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती थी। बाद में उन्होंने बीएसपी छोड़कर समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया। सपा में शामिल होने के बाद उन्होंने संभल से लोकसभा चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की।
जियाउर रहमान बर्क अपने विवादास्पद बयानों और खुलेआम कटाक्ष करने के लिए सुर्खियों में रहते हैं। वह कई बार अपने बयानों को लेकर विवादों में घिर चुके हैं। विशेष रूप से हिंदू-मुस्लिम मुद्दों पर उनके बयान राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बने रहते हैं।
सर्वेक्षण के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ने लिया हिंसक रूप
यह घटना उस समय हुई। जब स्थानीय अदालत के आदेश पर मस्जिद का सर्वेक्षण किया जा रहा था। इस सर्वेक्षण के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ने अचानक हिंसक रूप ले लिया। प्रदर्शनकारियों ने पथराव और आगजनी की। जिसके कारण पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े। हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई। घटना में कई अन्य घायल हो गए। जिनमें पुलिस अधिकारी भी शामिल हैं।
सांसद बर्क ने भाषण से भीड़ को उकसाया
पुलिस का दावा है कि सांसद जियाउर रहमान बर्क ने अपने भाषण से भीड़ को उकसाया। जिससे हालात बिगड़ गए। उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि बर्क के साथ-साथ हिंसा में शामिल कई अन्य लोगों की भी पहचान की गई है और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विपक्ष ने किया बचाव, भाजपा ने साधा निशाना
घटना के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। समाजवादी पार्टी ने बर्क के खिलाफ कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध बताया और इसे जनता की आवाज दबाने की साजिश करार दिया। वहीं भाजपा ने सपा पर आरोप लगाया कि उसके नेता सांप्रदायिक माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
इंटरनेट सेवाएं निलंबित
उत्तर प्रदेश सरकार ने हिंसा के बाद कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। पूरे इलाके में इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं। धारा 144 लागू कर दी गई है। अधिकारियों ने कहा है कि हिंसा में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
मस्जिद सर्वेक्षण के आदेश से उपजा विवाद
संभल में मस्जिद के सर्वेक्षण का आदेश एक स्थानीय अदालत ने दिया था। दावा किया गया था कि मस्जिद का निर्माण एक पुराने मंदिर के स्थल पर किया गया था। इस आदेश के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया था और विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया।
संभल की घटना ने उत्तर प्रदेश के सामाजिक और राजनीतिक माहौल को हिला कर रख दिया है। सांसद जियाउर रहमान बर्क के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद यह मामला और तूल पकड़ सकता है। हिंसा की जांच जारी है और प्रशासन ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
यह घटना धार्मिक स्थलों से जुड़े विवादों, सांप्रदायिक तनाव और राजनीतिक दलों के बीच बढ़ती कटुता को उजागर करती है। जो आने वाले समय में चुनावी राजनीति को भी प्रभावित कर सकती है।












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