'I Support Kuldeep Sengar' बोलने वाली कौन हैं बरखा त्रेहान? रेप दोषी का कर रहीं बचाव, लोग बोले-'कैसी महिला है'
Barkha Trehan on Kuldeep Singh Sengar: दिल्ली के जंतर-मंतर पर जब उन्नाव रेप केस की पीड़िता के समर्थन में लोग जुटे थे, तभी अचानक एक महिला की एंट्री ने पूरे प्रदर्शन की दिशा बदल दी। हाथ में तख्ता था, जिस पर लिखा था - 'I Support Kuldeep Sengar'। यह वही कुलदीप सिंह सेंगर हैं, जिन्हें उन्नाव रेप केस में दोषी ठहराया जा चुका है और जो आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं।
यह तख्ता देखते ही वहां मौजूद लोग भड़क गए और देखते ही देखते बहस, नोकझोंक और आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। 'ये कैसी महिला है' की बहस सोशल मीडिया से सड़क तक होने लगी। जिस महिला को लेकर इतना बवाल मचा, उनका नाम है बरखा त्रेहान। ऐसे में आइए जानते हैं कि कौन हैं ये महिला और क्यों ये रेप दोषी कुलदीप सेंगर का कर रही हैं बचाव।

🟡 Who is Barkha Trehan: कौन हैं बरखा त्रेहान? जो कुलदीप सेंगर के बचाव में उतरीं!
🔹 कुलदीप सिंह सेंगर का बचाव करने वालीं महिला का नाम बरखा त्रेहान हैं। बरखा त्रेहान कोई आम प्रदर्शनकारी नहीं हैं। वह खुद को एक सामाजिक कार्यकर्ता और समान अधिकारों की पैरोकार बताती हैं।
🔹 बरखा दिल्ली की रहने वाली हैं और एनजीओ 'पुरुष आयोग' की प्रेसिडेंट (अध्यक्ष) हैं। उनका दावा है कि उनका संगठन पुरुषों के अधिकारों, जेंडर न्यूट्रल कानून और सभी जेंडर के लिए समान न्याय की बात करता है।
🔹 बरखा त्रेहान ने एक्स पर अपनी पहचान एक एंटरप्रेन्योर के तौर पर भी बताई है। बरखा त्रेहान इसके अलावा राइटर (लेखिका) भी हैं। वो टाइम्स ऑफ इंडिया के लिए लिखती रहती हैं।
🔹 बरखा त्रेहान TEDx स्पीकर भी हैं। बरखा त्रेहान ने एक डॉक्यूमेंट्री ''The CURSE Of Manhood'' भी डायरेक्टर की हैं। बरखा त्रेहान खुद को जेंडर न्यूट्रल सोच की समर्थक बताती हैं।

🟡 उन्नाव रेप दोषी कुलदीप सिंह सेंगर का क्यों कर रही हैं बरखा त्रेहान बचाव?
बरखा त्रेहान का कहना है कि वह उन्नाव रेप पीड़िता के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि कानून और संविधान के पक्ष में खड़ी हैं। उनका तर्क है कि कुलदीप सिंह सेंगर को कोर्ट से जमानत मिलना उसका मौलिक अधिकार है।
बरखा ने कहा कुलदीप सिंह सेंगर आठ साल से ज्यादा समय तक जेल में सजा काट चुका है और उसे बेल देना कानून की प्रक्रिया का हिस्सा है। उनका कहना है कि अदालत ने सेंगर को निर्दोष नहीं बताया है, लेकिन बेल को लेकर इतना हंगामा राजनीति से प्रेरित है। बरखा त्रेहान का कहना है कि देश में रेप की राजनीति बंद होनी चाहिए।

जंतर-मंतर पर मौजूद लोगों के गुस्से को तब और हवा मिली, जब बरखा ने पीड़िता और उसकी मां को कानून समझाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि ज्यूडिशियरी पर सबको भरोसा रखना चाहिए और सड़क पर प्रदर्शन से पीड़िता को न्याय नहीं मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ बयानों में विरोधाभास हैं और न्यायपालिका पर सवाल उठाना ठीक नहीं।
बरखा त्रेहान का दावा है कि वह संविधान और कानून के साथ खड़ी हैं, जबकि विरोध करने वालों का कहना है कि ऐसे बयानों से रेप पीड़िताओं के संघर्ष को कमजोर किया जाता है। यही वजह है कि 'I Support Kuldeep Senger' सिर्फ एक तख्ता नहीं, बल्कि एक ऐसा मुद्दा बन गया है, जिसने समाज, राजनीति और सोशल मीडिया तीनों को आमने-सामने ला खड़ा किया है।
🟡 सोशल मीडिया पर जबरदस्त ट्रोलिंग
बरखा त्रेहान के समर्थन वाले तख्ते की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होते ही तीखी प्रतिक्रियाएं आने लगीं। कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि एक महिला होकर कोई रेप दोषी का बचाव कैसे कर सकती है। कुछ लोगों ने यहां तक लिख दिया कि यह साबित करता है कि कभी-कभी महिलाएं ही दूसरी महिलाओं की सबसे बड़ी विरोधी बन जाती हैं।
मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया। आरजेडी प्रवक्ता कंचना यादव ने सीधे तौर पर बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि बलात्कारियों को बचाने की संस्कृति सामने आ रही है। उन्होंने 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' के नारे पर भी सवाल खड़े किए और कहा कि जनता को अब समझना चाहिए कि बेटियों को किससे बचाने की जरूरत है।
🟡 सुप्रीम कोर्ट ने कुलदीप सिंह सेंगर की जमानत पर लगाई रोक
इस पूरे विवाद के बीच सोमवार 29 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट ने कुलदीप सेंगर की जमानत पर रोक लगा दी। कोर्ट ने सेंगर को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है और मामले की अगली सुनवाई चार हफ्ते बाद तय की गई है। इससे पहले 23 दिसंबर को दिल्ली हाईकोर्ट ने सेंगर की जमानत मंजूर की थी, जिसके खिलाफ CBI ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। करीब 40 मिनट तक चली सुनवाई में दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं।

🟡 क्यों बन गया यह मामला इतना संवेदनशील?
उन्नाव रेप केस पहले से ही देश के सबसे संवेदनशील मामलों में गिना जाता है। पीड़िता, उसके परिवार पर हुए हमले और राजनीतिक संरक्षण के आरोप इस केस को पहले ही झकझोर चुके हैं। ऐसे में रेप दोषी के समर्थन में खुलकर सामने आना लोगों को नागवार गुजरा और यही वजह है कि बरखा त्रेहान इस वक्त चौतरफा आलोचना का सामना कर रही हैं।
🟡 Unnao Rape Case Timeline: उन्नाव रेप केस में कब, क्या और कैसे हुआ - पूरा टाइमलाइन
• 4 जून 2017: पीड़िता नौकरी की मांग लेकर तत्कालीन विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के पास गई। आरोप है कि विधायक के घर पर उसके साथ रेप किया गया।
• 11 जून 2017: पीड़िता अचानक लापता हो गई। परिवार ने गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई।
• 20 जून 2017: तलाश के दौरान पीड़िता उन्नाव के पास एक गांव में मिली। पुलिस उसे वापस उन्नाव लेकर आई।
• 3 जुलाई 2017: करीब 10 दिन बाद पीड़िता को उसके परिवार के हवाले किया गया।
• 3 जुलाई 2017: पीड़िता ने विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और उसके भाई अतुल सिंह के खिलाफ रेप का मुकदमा दर्ज करने की मांग की।
• 24 फरवरी 2018: पीड़िता की मां चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट कोर्ट पहुंचीं और FIR दर्ज कराने की गुहार लगाई।
• 3 अप्रैल 2018: कोर्ट ने पीड़िता की मां की याचिका पर सुनवाई की।
• 3 अप्रैल 2018: पीड़िता के पिता के साथ मारपीट की गई और बाद में उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया गया।
• 5 अप्रैल 2018: पीड़िता के पिता को जेल भेज दिया गया। पिता ने आरोप लगाया कि उन्हें फंसाया जा रहा है।
• 8 अप्रैल 2018: पीड़िता ने विधायक के खिलाफ FIR दर्ज होने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री आवास के बाहर आत्मदाह की कोशिश की।
• 9 अप्रैल 2018: पीड़िता के पिता की मौत हो गई। हिरासत में मौत के मामले में 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
• 10 अप्रैल 2018: पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आया कि पीड़िता के पिता के शरीर पर 14 गंभीर चोटों के निशान थे।
• 12 अप्रैल 2018: उन्नाव रेप केस की जांच CBI को सौंपी गई। कुलदीप सिंह सेंगर को रेप का आरोपी बनाया गया।
• 13 अप्रैल 2018: CBI ने कुलदीप सिंह सेंगर से सुबह 4 बजे पूछताछ के लिए हिरासत में लिया और बाद में गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
• 11 जुलाई 2018: CBI ने पहली चार्जशीट दाखिल की, जिसमें कुलदीप सिंह सेंगर का नाम शामिल था।
• 13 जुलाई 2018: दूसरी चार्जशीट दाखिल हुई, जिसमें पीड़िता के पिता को फंसाने के आरोप में कुलदीप, उसके भाई अतुल और कुछ पुलिसकर्मियों के नाम जोड़े गए।
• 4 जुलाई 2019: पीड़िता के चाचा को 19 साल पुराने एक मामले में कोर्ट ने 10 साल की सजा सुनाई।
• 28 जुलाई 2019: पीड़िता अपनी चाची, मौसी और वकील के साथ रायबरेली जा रही थी। रास्ते में उनकी कार को ट्रक ने टक्कर मारी। हादसे में चाची और मौसी की मौत हो गई।
• 29 जुलाई 2019: सड़क हादसे के मामले में कुलदीप सिंह सेंगर, उसके भाई मनोज सिंह सेंगर और विनीत मिश्रा समेत 15-20 अज्ञात लोगों पर केस दर्ज किया गया।
• 14 अगस्त 2019: पीड़िता के पिता की मौत के मामले में सेंगर समेत 10 लोगों पर कोर्ट ने आरोप तय किए।
• 11 अक्टूबर 2019: पीड़िता की कार पर हमले के मामले में CBI ने कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।
• 16 दिसंबर 2019: कोर्ट ने कुलदीप सिंह सेंगर को अपहरण और बलात्कार के मामले में दोषी करार दिया।
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