kuldeep Singh Sengar की बेटियां नहीं, ये नाम बढ़ा रहा राजनीतिक विरासत! कौन है अंतरांजय सिंह उर्फ गोल्डी राजा?
Antranjay Singh Goldi Raja: उन्नाव रेप कांड एक बार फिर देश की राजनीति और न्यायिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। 29 दिसंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने रेप केस में सजा काट रहे पूर्व BJP विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की जमानत पर रोक लगा दी। अगली सुनवाई अब करीब चार हफ्ते बाद होगी। इस घटनाक्रम के बाद न सिर्फ कुलदीप सेंगर बल्कि उनका पूरा परिवार एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। कुलदीप सिंह सेंगर की दोनों बेटियां, ऐश्वर्या सेंगर और इशिता सेंगर, इस पूरे विवाद में खुलकर पिता के समर्थन में सामने आई हैं।
ऐश्वर्या सेंगर, जो पेशे से वकील हैं, उन्होंने बयान देकर सबको चौंका दिया है कि अगर उनके पिता ने पीड़िता की तरफ गलत नजर से भी देखा हो तो उन्हें फांसी दे दी जाए। वहीं दूसरी बेटी इशिता सेंगर दिल्ली में पढ़ाई कर रही हैं। मुखर बचाव के बावजूद दोनों बेटियां फिलहाल सक्रिय राजनीति से पूरी तरह दूर हैं। न तो वे किसी पार्टी से जुड़ी हैं और न ही उन्नाव की सियासत में उनकी कोई औपचारिक भूमिका नजर आती है।

ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर कुलदीप सेंगर की राजनीतिक पकड़ और असर को उन्नाव में कौन आगे बढ़ा रहा है। उन्नाव में कुलदीप सिंह सेंगर की राजनीतिक विरासत अंतरांजय सिंह उर्फ गोल्डी राजा बढ़ा रहे हैं। ऐसे में आइए जानते हैं अंतरांजय सिंह उर्फ गोल्डी राजा कौन हैं और कुलदीप सिंह सेंगर से उनका क्या रिश्ता है।
Who is Antranjay Singh Goldi Raja: कौन हैं अंतरांजय सिंह उर्फ गोल्डी राजा?
यहीं से सामने आता है अंतरांजय सिंह उर्फ गोल्डी राजा का नाम। उन्नाव में सेंगर परिवार की राजनीतिक विरासत को फिलहाल वही संभालते दिख रहे हैं। अंतरांजय सिंह, पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के भांजे हैं और उन्नाव के ही रहने वाले एक युवा नेता माने जाते हैं। उनकी पहचान मुख्य रूप से सेंगर परिवार के करीबी सदस्य और समर्थक के रूप में है।
गोल्डी राजा सोशल मीडिया पर खासे सक्रिय हैं। फेसबुक पर उनके करीब 17 हजार फॉलोअर्स हैं, जबकि इंस्टाग्राम पर भी सात हजार से ज्यादा लोग उन्हें फॉलो करते हैं। सोशल मीडिया पर उनकी छवि एक दबंग और बाहुबली सोच वाले युवा नेता की बनी हुई है। वे अक्सर अपने पोस्ट और स्टोरी के जरिए कुलदीप सिंह सेंगर का पक्ष रखते नजर आते हैं।

अंतरांजय सिंह ने चुनाव नहीं लड़ा, लेकिन सियासत में मौजूदगी मजबूत
अंतरांजय सिंह ने अब तक कोई चुनाव नहीं लड़ा है और न ही वे किसी राजनीतिक दल के आधिकारिक पदाधिकारी हैं। इसके बावजूद वे लंबे समय से कुलदीप सेंगर के साथ उनके चुनावी अभियानों और सार्वजनिक मंचों पर दिखाई देते रहे हैं। युवा उम्र से ही उन्होंने सियासत को बेहद करीब से देखा है और यही वजह है कि उन्नाव में सेंगर खेमे की गतिविधियों में उनका नाम लगातार सामने आता है। उनके इंस्टाग्राम पर टीनएज से लेकर अब तक कुलदीप सेंगर के साथ तस्वीरें हैं।
कुलदीप सिंह सेंगर की बड़ी बेटी ऐश्वर्या की शादी के दौरान भी अंतरांजय सिंह की अहम भूमिका बताई जाती है। कहा जाता है कि शादी के आयोजन से लेकर तमाम व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी उन्होंने संभाली थी। कुलदीप सेंगर की गैरमौजूदगी में वे उनकी पत्नी संगीता सेंगर यानी अपनी मामी और दोनों बेटियों का भी ध्यान रखते हैं, इसलिए परिवार के भीतर उनकी भूमिका काफी मजबूत मानी जाती है।

अब पढ़िए कुलदीप सिंह सेंगर के सियासी सफर के बारे में
कुलदीप सिंह सेंगर का राजनीतिक सफर काफी लंबा और प्रभावशाली रहा है। ग्राम प्रधान से लेकर चार बार विधायक बनने तक उन्होंने उन्नाव की राजनीति में जबरदस्त पकड़ बनाई। 1996 में वे पहली बार ग्राम प्रधान बने। इसके बाद उनकी मां और फिर छोटे भाई की पत्नी भी ग्राम प्रधान रहीं।
2002 में उन्होंने बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर उन्नाव सदर से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। इसके बाद पार्टी से बाहर होने पर वे समाजवादी पार्टी में शामिल हुए और 2007 में बांगरमऊ सीट से विधायक बने। 2012 में भगवंतनगर सीट से जीत दर्ज की। 2016 में उन्होंने पत्नी संगीता सेंगर को जिला पंचायत सदस्य बनवाया और निर्दलीय जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव भी जितवाया।
2017 में समाजवादी पार्टी से टिकट कटने के बाद वे BJP में शामिल हुए और बांगरमऊ सीट से चुनाव जीतकर चौथी बार विधायक बने। यह सीट बीजेपी इससे पहले कभी नहीं जीत पाई थी।

उन्नाव रेप केस ने बदला पूरा खेल
2017 में विधायक बनने के बाद ही कुलदीप सेंगर पर रेप का गंभीर आरोप लगा और उनका पूरा राजनीतिक करियर अचानक ढह गया। सजा होने के बाद न सिर्फ उनकी विधायकी गई, बल्कि उन्हें जेल की सलाखों के पीछे जाना पड़ा। बीते कई सालों से वे जेल में बंद हैं और अब जमानत को लेकर कानूनी लड़ाई जारी है।
करोड़ों की संपत्ति और मजबूत रिश्ते
संपत्ति के मामले में भी कुलदीप सेंगर का कद बड़ा रहा है। 2007 में उन्होंने करीब 36 लाख रुपये की संपत्ति घोषित की थी। 2012 में यह आंकड़ा बढ़कर एक करोड़ से ज्यादा हो गया। 2017 के चुनाव में उनकी संपत्ति लगभग तीन करोड़ रुपये बताई गई। लखनऊ के पॉश इलाकों में उनकी आवासीय संपत्ति भी बताई जाती है। उनके रिश्तेदार सपा और BJP दोनों में प्रभावशाली पदों पर रहे हैं। ऐसे में आज भी उन्नाव की राजनीति में सेंगर परिवार का असर पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
क्यों अहम हैं अंतरांजय सिंह
आज के हालात में, जब कुलदीप सेंगर जेल में हैं और उनकी बेटियां राजनीति से दूर हैं, तब अंतरांजय सिंह उर्फ गोल्डी राजा ही वह नाम हैं जो सेंगर की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाते नजर आते हैं। भले ही उन्होंने अभी चुनावी राजनीति में कदम न रखा हो, लेकिन उन्नाव की सियासत में उनकी मौजूदगी और चर्चा यह साफ संकेत देती है कि भविष्य में यह नाम और बड़ा हो सकता है।












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