Gold Smuggler: हवाई अड्डों पर पकड़ा जाने वाला करोड़ों का सोना जाता कहां है?, बहुत कम लोगों को है जानकारी
Gold Smuggler: वाराणसी एयरपोर्ट पर बुधवार की रात शारजाह से आए एक यात्री के पास से कस्टम टीम ने 49 लाख रुपये से ज्यादा का सोना बरामद किया। यह पहला मामला नहीं है जब शारजाह से आ रहे किसी यात्री के पास से सोना बरामद हुआ हो। इससे पहले भी एयरपोर्ट पर विदेश से आने वाले यात्रियों के पास से सोना बरामद किया जा चुका है।
कई बार तो एक से डेढ़ करोड़ रुपए तक के सोना बरामद हुए। बरामद सोना जब्त करते हुए कस्टम टीम द्वारा यात्री के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए आवश्यक कार्रवाई भी की जाती है। कस्टम अधिकारियों द्वारा सोना तस्करों और कैरियरों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने के बाद भी तस्करी के मामले कम नहीं होते।

फिलहाल इन सब के बीच अधिकतर लोगों के मन में यह सवाल होता है कि बरामद किए गए सोने को जब्त करने के बाद उसका क्या किया जाता है? कुछ लोगों को लगता है कि यह सोना जिस देश से आता है उसे वापस भेज दिया जाता है, तो ऐसी बात नहीं है। आईए जानते हैं कि बरामद किए गए सोने का क्या किया जाता है।
सोने को एकत्र करके रखा जाता है
सबसे पहले एयरपोर्ट पर सोना बरामद किए जाने के बाद उसका वजन किया जाता है तथा उसकी अंतरराष्ट्रीय कीमत लगाई जाती है। उसके बाद बरामद सोना को सील करते हुए सक्षम अधिकारी जैसे जिलाधिकारी या उप जिलाधिकारी को इसकी सूचना दी जाती है। इस तरह सोना एकत्र किया जाता है।
जिस जिले के एयरपोर्ट पर सोना पकड़ता है वहां एक निर्धारित मात्रा में सोना एकत्र हो जाने के बाद अधिकारियों की मौजूदगी में उस सोने को सील करते हुए दिल्ली भेजा जाता है। दिल्ली में स्थित कस्टम मुख्यालय में काफी मात्रा में सोना एकत्र हो जाने के बाद फिर अगली प्रक्रिया प्रारंभ होती है।
दिल्ली से भी एकत्र सोने का वजन करने के बाद उसे सील करते हुए कड़ी निगरानी में मुंबई में स्थित भारत सरकार के टकसाल में भेजा जाता है। टकसाल में जाने के बाद सोने को गलाया जाता है वहां उसे गलाने के बाद उसके बिस्किट बनाए जाते हैं। बिस्किट बनाए जाने के बाद उसपर सरकारी मोहर लगती है। सरकारी मोहर लगने के बाद सोने की बिस्किट रिजर्व बैंक आफ इंडिया को सुपुर्द कर दी जाती है। यह पूरी प्रक्रिया समय-समय पर होती रहती है।












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