'पहचान सार्वजनिक करने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए', नेमप्लेट मुद्दे पर क्या बोले आचार्य प्रमोद कृष्णम
Bulandshahr Uttar Pradesh News: सावन महीने में कावड़ यात्रा वाले रूटों पर स्थित खाने-पीने की दुकानों के दुकानदारों को दुकान के सामने नेमप्लेट लगाने का निर्देश जारी किए जाने के बाद प्रदेश में राजनीतिक माहौल गर्म है।
विपक्ष द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा दिए गए इस आदेश की निंदा की जा रही है। लोगों का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा हिंदू और मुस्लिम धर्म के लोगों को बांटा जा रहा है। यह आदेश कहीं से भी सही नहीं है।

इसी बीच उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर पहुंचे श्री कल्की पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने भी इस मुद्दे को लेकर अपना बयान दिया। इस मामले पर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि अपनी पहचान सार्वजनिक करने में किसी को तकलीफ नहीं होनी चाहिए।
दरअसल, बुलंदशहर के शिकारपुर रोड पर स्थित भारतीय किसान यूनियन महाशक्ति के राष्ट्रीय कार्यालय स्थापना दिवस में बताओ और मुख्य अतिथि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम पहुंचे थे। यहां उन्होंने भारतीय किसान यूनियन महाशक्ति से जुड़े किसानों को संबोधित किया।
किसी को धोखा देकर क्यों समान बेचना
आगे उन्होंने उत्तर प्रदेश के आदेश का समर्थन करते हुए कहा कि यदि आप किसी को सामान बेच रहे हैं तो उसे धोखा क्यों दे रहे हैंै उन्होंने यह अभी कहा कि मुझे नहीं लगता कि देश में किसी भी समाज को किसी भी व्यक्ति को अपनी पहचान छुपाने की जरूरत है।
आगे उन्होंने अभी कहा कि जो डाल इसका विरोध कर रहे हैं वह खुद जाति जनगणना की मांग कर रहे थे। यह खुद कहते थे कि अपनी जाति बताओ। कल जाति के नाम पर रहते थे जनगणना करो आज कहते हैं पहचान छुपाओ।
उन्होंने अभी कहा कि विपक्ष की माटी मारी गई है दो चार शहजादी इकट्ठे होकर, इनका काम है सरकार का विरोध करना भारत का विरोध करना एवं भारत के प्रधानमंत्री से नफरत करना। उन्होंने यह भी कहा कि कांवरिया पवित्र भावना के साथ जल लेकर जाता है, तपस्या करता है और ऐसी परिस्थितियों में उसके साथ छल कपट नहीं किया जाना चाहिए।
भारतीय कानून कहता है कि आप अपनी पहचान मत छुपाओ। उन्होंने यह भी कहा कि वोटर कार्ड आधार कार्ड क्यों बना हुआ है। हर जगह आपको अपनी आईडी देनी ही पड़ती है तो फिर दुकान खोल कर पहचान छिपा कर क्या हासिल करना चाहते हैं।
इसके अलावा उन्होंने अखिलेश यादव के 100 मा लो वाले बयान पर भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि गांव में कहावत है कि बिल्ली को इंतजार रहता है की छीका टूटेगा, और कभी कभी बिल्ली के भाग्य से छीका टूट भी जाता है। अब तो बिलोटे भी इंतजार कर रहे है छीका टूटने का। कोई छीका नही टूटेगा, जिस छीके की डोर राम नाम की होती है वो टूटेगा नही।












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