Waqf bill: रालोद में दरार! शाहजेब रिजवी ने जयंत चौधरी पर लगाया 'विश्वासघात' का आरोप, जानें पूरा मामला
waqf bill controversy: राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) में वक्फ बिल को लेकर बगावत हो गई है। पार्टी के प्रदेश महासचिव शाहजेब रिजवी ने संसद में वक्फ बिल का समर्थन करने के फैसले से नाखुश होकर न सिर्फ अपने पद से इस्तीफा दे दिया, बल्कि पार्टी से भी किनारा कर लिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर जयंत चौधरी के इस कदम को मुसलमानों के साथ "विश्वासघात" करार दिया है।
शाहजेब रिजवी का कहना है कि मुसलमानों ने रालोद को मुख्य धारा में लाने के लिए समर्थन दिया था, लेकिन अब वही पार्टी उनके हितों के खिलाफ काम कर रही है। उन्होंने जयंत चौधरी पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस पार्टी को मुसलमानों ने मजबूत किया, वही अब उनके खिलाफ कानून बनाने में सरकार का साथ दे रही है। इससे पहले बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जदयू में भी इसी मुद्दे पर बगावत हो चुकी है।

जयंत चौधरी पर गंभीर आरोप
शाहजेब रिजवी ने पार्टी अध्यक्ष जयंत चौधरी पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जयंत चौधरी हमेशा धर्मनिरपेक्षता की बात करते थे और मुसलमानों की राजनीति से जुड़े रहने का दावा करते थे। लेकिन जब जरूरत पड़ी, तो उन्होंने मुसलमानों के खिलाफ बने कानून का समर्थन कर दिया। उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह के सिद्धांतों से भटकने का नतीजा आने वाले चुनाव में दिखाई देगा।
शाहजेब ने कहा कि पश्चिमी यूपी में मुसलमानों ने आपको आंखों का तारा बना लिया था। यहां आपके 10 विधायक हैं और हर सीट पर मुसलमानों का महत्वपूर्ण वोट बैंक है। लेकिन आपने अपने फैसले से सभी को निराश कर दिया। उन्होंने आगे कहा कि अब मुसलमानों को सोच-समझकर फैसला लेना होगा, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति फिर से न आए।
पार्टी और पद से इस्तीफा
शाहजेब ने कहा कि उन्होंने भारी मन से पार्टी छोड़ने का फैसला किया है। उन्होंने सभी मुसलमानों से अपील की कि उन्हें भी उस पार्टी का साथ छोड़ देना चाहिए, जो उनके हक में खड़ी नहीं होती। उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले चुनावों में जयंत चौधरी को इस फैसले की कीमत चुकानी पड़ेगी।
शाहजेब का यह बयान ऐसे समय में आया है जब लोकसभा चुनाव नजदीक हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय हमें याद किया जाएगा, लेकिन जब हमारी जरूरत थी, तो हमें भुला दिया गया। मुसलमानों को यह एहसास कराना चाहिए कि हम बेवकूफ नहीं हैं।
2027 के चुनावों में दिखेगा असर
शाहजेब रिजवी ने कहा कि अब मुसलमानों को अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर जागरूक होने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि 2027 के चुनावों में जयंत चौधरी को एहसास होगा कि उन्होंने कितना गलत फैसला लिया है। मुसलमानों को अपने वोट का सही इस्तेमाल करना चाहिए और उन नेताओं को चुनना चाहिए जो उनके साथ खड़े हों।












Click it and Unblock the Notifications