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विवेक तिवारी की पत्नी को मिला ज्वाइनिंग लेटर, जाने किस पद पर मिली नियुक्ति ?

लखनऊ। यूपी की राजधानी लखनऊ में मल्टिनैशनल कंपनी ऐपल के कर्मचारी विवेक तिवारी की हत्या को एक हफ्ते से ज्यादा समय बीत चुका है। विवेक की पत्नी कल्पना तिवारी को लखनऊ नगर निगम में ओएसडी के पद पर नियुक्ति का आदेश जारी कर दिया गया है। कल्पना को आज नियुक्ति पत्र दिया जाएगा। कल्पना को कहा गया था कि उन्हें लखनऊ नगर निगम में ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (ओएसडी) पद पर नौकरी दी जाएगी।

सीएम ने नौकरी देने का दिया आश्वासन

सीएम ने नौकरी देने का दिया आश्वासन

बता दें कि सीएम योगी से जब कल्पना तिवारी की मुलाकात हुई थी तभी उन्हें नौकरी देने का आश्वासन दिया गया था। हालांकि कल्पना ने सीएम को चिट्ठी लिखी थी जिसमें उन्होंने पुलिस विभाग में नौकरी मांगी थी। मुख्यमंत्री ने कल्पना की बेटियों से भी मुलाकात की थी। योगी ने दोनों बेटियों के खाते में 5-5 लाख रुपए और उनकी मां के खाते में भी पांच लाख जमा कराने के आदेश दिए थे। कल्पना को जीवन यापन के लिए 25 लाख रुपए देने का आदेश दिया था।

विवेक तिवारी की हत्या की सीबीआई जांच कराने की मांग को लेकर शमशेर यादव जगराना ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। जिसमें हाईकोर्ट ने कहा था कि याची का इस मामले से कोई वास्ता नहीं है, इसलिए इसे खारिज किया जाता है। उन्होंने कहा था कि एसआईटी जांच में भी यूपी पुलिस के ही सदस्य शामिल हैं, ऐसे में जांच को प्रभावित किया जा सकता है। इसलिए मामले की सीबीआई जांच कराई जानी चाहिए।

एक्सयूवी ने बाइक में नहीं मारी थी टक्कर

एक्सयूवी ने बाइक में नहीं मारी थी टक्कर

इस हत्याकांड में खुलासा हुआ है कि एक्सयूवी ने बाइक में नहीं मारी थी। एमटी शाखा के पुलिसकर्मियों का कहना है कि अगर गाड़ी की बाइक से टक्कर हुई थी तो एक्सयूवी का बायां हिस्सा छतिग्रस्त क्यों नहीं हुआ। जबकि पुलिसकर्मियों की बाइक के दाएं तरफ का हैंडल टूटकर निकल गया और बाएं तरफ भी काफी टूटी हुई है। एमटी का कहना है कि जिस तरह से बाइक छतिग्रस्त हुई थी वैसे जब कोई भीषण एक्सीडेंट होता है तभी संभव हो सकता है।

सीबीआई जांच कराने की मांग

सीबीआई जांच कराने की मांग

विवेक तिवारी की हत्या की सीबीआई जांच कराने की मांग को लेकर शमशेर यादव जगराना ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। जिसमें हाईकोर्ट ने कहा था कि याची का इस मामले से कोई वास्ता नहीं है, इसलिए इसे खारिज किया जाता है। उन्होंने कहा था कि एसआईटी जांच में भी यूपी पुलिस के ही सदस्य शामिल हैं, ऐसे में जांच को प्रभावित किया जा सकता है। इसलिए मामले की सीबीआई जांच कराई जानी चाहिए।

ये भी पढ़ें- विवेक तिवारी हत्याकांड में बड़ा खुलासा, विवेक की गाड़ी से नहीं टकराई थी प्रशांत की बाइक

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