OPINION: यूपी में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए योगी सरकार की बड़ी पहल, अब मरीजों को भटकना नहीं पड़ेगा
उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने लिए प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में कई बड़े कदम उठाए हैं। सरकारी अस्पतालों की स्थिति को बेहतर करने के साथ वहां मरीजों को हर तरह की सुविधा मिले,बेहतर इलाज मिले, दवाएं उपलब्ध हों।
इस दिशा में सरकार ने सराहनीय प्रयास किए हैं। इसी दिशा में योगी सरकार ने प्रदेश के दो मुख्य चिकित्सा संस्थानों का कायाकल्प करने का फैसला लिया है। इन अस्पतालों में इलाज के लिए सुविधाओं को बेहतर करने का प्रयास किया जा रहा। इसके साथ इन दोनों संस्थानों में शोध कार्य को भी बढ़ाया जाएगा।

लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) और संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) में चिकित्सा सुविधाओं में आने वाले दिनों में उल्लेखनीय सुधार होने वाला है।
राज्य सरकार ने इन संस्थानों में उपचार और अनुसंधान क्षमताओं को बढ़ाने के लिए पांच अरब रुपये आवंटित किए हैं। इस पहल का उद्देश्य उपकरणों को उन्नत करके और सेवाओं का विस्तार करके यहां अधिक से अधिक मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा प्रदान की जाएगी।
राज्य सरकार ने इस परियोजना के लिए पहले ही तीन अरब 485 लाख रुपए जारी कर दिए हैं। केजीएमयू और एसजीपीजीआई उत्तर प्रदेश के सबसे महत्वपूर्ण चिकित्सा संस्थानों में से एक हैं। जहां राज्य और पड़ोसी क्षेत्रों से मरीज आते हैं। मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या के कारण अक्सर लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ता है,यही वजह है कि इन संस्थाओं में बड़े सुधार की जरूरती है।
केजीएमयू को विभिन्न विभागों को आधुनिक उपकरणों से उन्नत करने के लिए तीन अरब रुपये मिलेंगे। विशेष सचिव कृतिका शर्मा ने इस धनराशि की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति की पुष्टि की है।
इन सुधारों से एनाटॉमी, एनेस्थीसिया, बायोकेमिस्ट्री, कार्डियोलॉजी, क्रिटिकल केयर मेडिसिन, डर्मेटोलॉजी, इमरजेंसी मेडिसिन, जनरल सर्जरी, गायनोकोलॉजी, ऑन्कोलॉजी, मेडिकल ऑन्कोलॉजी, न्यूरो सर्जरी, न्यूक्लियर मेडिसिन, नेत्र रोग, बाल रोग, मनोचिकित्सा, रेडियोथेरेपी आदि विभागों को लाभ मिलेगा।
एसजीपीजीआई ने के कायाकल्प लिए दो अरब रुपये की योजना प्रस्तावित की है। सरकार ने इसके लिए पहली किस्त के रूप में 485 लाख रुपये पहले ही जारी कर दिए हैं। ऑर्थोपेडिक्स, लेबोरेटरी मेडिसिन, फिजिकल मेडिसिन एंड रिहैबिलिटेशन, माइक्रोबायोलॉजी, ऑपरेशन थियेटर और आईसीयू जैसे विभागों में नए उपकरणों की खरीद से महत्वपूर्ण सुधार देखने को मिलेंगे।
इस फंडिंग से एसजीपीजीआई को अस्पताल संचालन के लिए आवश्यक आवश्यक वस्तुएं प्राप्त करने में मदद मिलेगी। इनसे मरीजों की देखभाल की गुणवत्ता में सुधार होने के साथ अस्पताल की क्षमता में वृद्धि होगी, जिसके चलते मरीजों को लंबा इंतजार नहीं करना होगा।
कुल मिलाकर सरकार के इन प्रयासों से लखनऊ के प्रमुख संस्थानों में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है। बेहतर सुविधाओं और आधुनिक उपकरणों के साथ केजीएमयू और एसजीपीजीआई दोनों ही क्षेत्र की बढ़ती स्वास्थ्य सेवा मांगों को पूरा करने के लिए बेहतर ढंग से सुसज्जित होंगे।












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