UP सरकार ने कामकाजी लोगों के लिए उठाया ये खास कदम, जानिए क्या है ये अहम फैसला
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की सरकार ने एक अलग फैसला लेते हुए तय किया है कि अब यूपी के राजकीय स्टेडियम रविवार को अवकाश के दिन भी खोले जाएंगे। अब तक ये स्टेडियम केा रविवार को बंद रखे जाते थे लेकिन अब इन्हें छुट्टी के दिन भी खोला जाएगा। इसके पीछे तर्क ये दिया जा रहा है कि कामकाजी लोग स्टेडियम में घूम नहीं पाते थे। अब ऐसे लोग रविवार को स्टेडियम का लाभ उठा सकते हैं।

नवनीत सहगल ने जारी किया आदेश
यूपी के अपर मुख्य सचिव, खेल नवनीत सहगल की ओर से जारी एक आदेश में यूपी के सभी क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारियों को इसको लागू करने को कहा गया है। पत्र में यह बताया कि इसमें रोस्टर के हिसाब से कर्मचारियों और अधिकारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। रविवार को काम करने वाले कर्मचारियों को अलग से दूसरे दिन अवकाश दिया जाएगा।
खिलाड़ियों को मिलेंगी हर सुविधाएं
सहगल ने कहा है कि स्टेडियम में हर तरह की सुविधाएं खिलाड़ियों को मुहैया कराई जाएं। इसका पूरा ख्याल रखा जाएगा। लोगों को स्टेडियम आने पर वहां पेयजल और शौचालय की व्यवस्था दी जाएगी। खेले के प्रति जागरूक बनाने और अच्छी प्रतिभाओं को पहचानने का भी काम किया जाए ताकि ऐसे खिलाड़ियों के हुनर को निखारा जा सके।
खिलाड़ियों को वित्तिय सहायता दे रही सरकार
गौरतलब है कि Uttar Pradesh Government ने शुक्रवार को राज्य के 35 खिलाड़ियों को हाल ही में स्थापित एकलव्य क्रीड़ा कोष (Eklavya Krida Kosh) के प्रथम लाभार्थी के रूप में 31 लाख रुपये की वित्तीय सहायता को मंजूरी दी है। सभी लाभार्थी पदक विजेता हैं।
खिलाड़ियों को प्रोत्साहित कर रही यूपी सरकार
सरकार की कोशिश है कि राज्य में हर खेल और उससे खिलाड़ियों को बढ़ावा दिया जाए ताकि यूपी देश का सबसे बड़ा राज्य होने के नाते ज्यादा से ज्यादा पदक जीत सके। हालांकि इससे पहले मुख्यमंत्री योगी ने ऐलान किया था कि पदक विजेताओं को राज्य सरकार अपने यहां राजपत्रित अधिकारी की नौकरी भी देगी।
एकलव्य क्रीड़ा कोष से हो रही खिलाड़ियों की मदद
एकल्व्य क्रीड़ा कोष से मिल रही वित्तिय सहायता अतिरिक्त मुख्य सचिव, खेल, नवनीत सहगल के मुताबिक, राज्य के विभिन्न जिलों एवं संभागों के राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक विजेताओं को एकलव्य क्रीड़ा कोष की ओर से वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। इस योजना के तहत राष्ट्रीय चैंपियनशिप में पदक विजेताओं को उनके खेल से संबंधित आवश्यक उपकरणों की खरीद के लिए पांच लाख रुपये तक का अनुदान देने का प्रावधान है।"












Click it and Unblock the Notifications