'जाति के आधार पर फेक मुठभेड़', अखिलेश के आरोपों को यूपी DGP ने किया खारिज
उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) प्रशांत कुमार ने हाल ही में उन आरोपों को खारिज कर दिया है, जिनमें राज्य पुलिस पर अत्यधिक आक्रामक होने और जाति के आधार पर फर्जी मुठभेड़ों का आरोप लगाया गया था। यह विवाद तब बढ़ा, जब सुल्तानपुर में 1.5 करोड़ रुपये की आभूषण डकैती मामले के आरोपी मंगेश यादव की मुठभेड़ में मौत हो गई।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जाति और धर्म के आधार पर कार्रवाई कर रही है और फर्जी मुठभेड़ों को मंचित कर रही है। अखिलेश यादव ने मुठभेड़ों के आंकड़ों को अवैध हत्याओं और कुछ समुदायों के खिलाफ अन्याय का प्रतीक बताया।

डीजीपी प्रशांत कुमार का स्पष्टीकरण
डीजीपी प्रशांत कुमार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस किसी अपराधी की जाति या समुदाय के आधार पर कार्रवाई नहीं करती है। उन्होंने कहा, "राजनीतिक दावों का कोई जवाब नहीं है। किसी भी कार्रवाई में जाति या समुदाय को नहीं देखा जाता है। अगर किसी पुलिसकर्मी ने व्यक्तिगत लाभ के लिए कुछ किया है, तो उसके खिलाफ सख्त जांच और कार्रवाई की जाएगी।"
कुमार ने जोर देकर कहा कि यूपी पुलिस सभी ऑपरेशनों में सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों का पालन करती है और किसी भी संवैधानिक निकाय ने पुलिस की कार्रवाई पर कोई चिंता व्यक्त नहीं की है। उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अपराध के प्रति शून्य-सहिष्णुता नीति के तहत ही पुलिस काम कर रही है।
सुल्तानपुर डकैती मामला
बता दें कि सुल्तानपुर में 28 अगस्त को मजरगंज चौक, थाठेरी बाजार के भारत ज्वेलर्स में 1.5 करोड़ रुपये की डकैती हुई थी। इस मामले में 15 आरोपियों में से तीन - सचिन सिंह, पुष्पेंद्र सिंह और त्रिभुवन - को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि मंगेश यादव की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के साथ मुठभेड़ में मौत हो गई। इसके बाद विपिन नाम के एक अन्य आरोपी ने अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) अमिताभ यश ने बताया कि विपिन सिंह इस गिरोह का सरगना था और उसने इससे पहले भी कई इसी तरह की घटनाओं को अंजाम दिया था। डकैती की योजना को अंजाम देने से पहले आरोपियों ने दुकान की दो बार रेकी की थी, और जौनपुर जिले से दो मोटरसाइकिलें भी चुराई थीं।
पुलिस द्वारा बरामदगी और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने 11 सितंबर को चोरी हुए 2 किलो सोना और 15 किलो चांदी बरामद की। इस मामले में अब तक कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, और पुलिस शेष आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।












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