UP Voter List 2003: यूपी के 4 करोड़ वोटरों पर संकट, कहीं आपका नाम भी तो नहीं कट रहा? तुरंत करें चेक
UP Voter List 2003: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर 4 करोड़ वोटरों का आंकड़ा चर्चा के केंद्र में आ गया है। यह वही संख्या है, जिसे लेकर सत्ताधारी बीजेपी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और विपक्षी समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव-तीनों की निगाहें टिकी हुई हैं।
वजह है Special Intensive Revision (SIR), जो उत्तर प्रदेश में 26 दिसंबर को समाप्त होने जा रही है। इस प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची को अपडेट किया जा रहा है और इसी में लाखों नामों के कटने या जुड़ने की संभावना बनी हुई है।

क्यों अहम है 4 करोड़ वोटरों का आंकड़ा?
2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में एनडीए को करीब 3.8 करोड़ से ज्यादा वोट मिले थे, जिसके दम पर योगी आदित्यनाथ एक बार फिर मुख्यमंत्री बने। वहीं, अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली समाजवादी पार्टी को करीब 2.9 करोड़ वोट मिले थे, जिससे पार्टी को 111 सीटें हासिल हुई थीं। इन आंकड़ों से साफ है कि कुछ करोड़ वोटों का इधर-उधर होना ही सत्ता की दिशा तय कर सकता है। इसी संदर्भ में 4 करोड़ वोटरों का आंकड़ा बेहद निर्णायक माना जा रहा है।
योगी बनाम अखिलेश: वोटरों पर नजर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए यह संख्या सत्ता को बनाए रखने की कुंजी है, जबकि अखिलेश यादव इसी आधार पर "27 का गणित" जोड़ रहे हैं। दोनों ही नेता जानते हैं कि अगर बड़ी संख्या में वोटर मतदाता सूची से बाहर हो गए या नए वोटर जुड़ गए, तो चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल सकता है।
Special Intensive Revision (SIR) का मकसद मतदाता सूची को दुरुस्त करना है-जिसमें मृत मतदाताओं के नाम हटाना, स्थान बदल चुके लोगों के विवरण सुधारना और पात्र नागरिकों के नाम जोड़ना शामिल है। लेकिन इस प्रक्रिया में अगर कोई योग्य मतदाता समय पर अपना नाम सत्यापित नहीं कराता, तो उसका नाम सूची से कटने का खतरा रहता है।
नाम नहीं जुड़ा तो क्या होगा?
चुनाव आयोग के अनुसार, यूपी में SIR की अंतिम तारीख 26 दिसंबर है। अगर आपका नाम अभी तक ड्राफ्ट या अपडेटेड वोटर लिस्ट में नहीं है, तो आपको तुरंत कदम उठाने की जरूरत है।
- अपने नजदीकी बीएलओ (Booth Level Officer) कार्यालय जाएं
- आवश्यक दस्तावेज जमा कराएं
- ऑनलाइन पोर्टल के जरिए भी नाम की जांच और आवेदन किया जा सकता है
अगर तय समय सीमा तक आपका नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हुआ, तो आप आगामी चुनाव में वोट डालने से वंचित हो सकते हैं। यही वजह है कि राजनीतिक दलों के साथ-साथ प्रशासन भी मतदाताओं से अपील कर रहा है कि वे समय रहते अपना नाम जरूर चेक करें।












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