UP Voter List 2003: परिवार के पुराने रिकॉर्ड से वोटर लिस्ट में कैसे जोड़ें अपना नाम, ये है सबसे आसान प्रोसेस
UP Voter List 2003: देशभर में निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) ने मतदाता सूची को अपडेट करने के लिए विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) अभियान की शुरुआत कर दी है। इस बार आयोग ने व्यवस्था को और सरल बनाया है ताकि कोई भी योग्य नागरिक मतदाता सूची से छूट न जाए।
सबसे बड़ी सुविधा यह है कि यदि आपका नाम 2003 की वोटर लिस्ट में नहीं था, तब भी आपको इस बार सूची में जोड़ा जा सकता है, बशर्ते आपके परिवार के किसी सदस्य-जैसे माता-पिता, दादा-दादी, भाई-बहन-का नाम 2003 की सूची में मौजूद हो।

जानें कैसे होगा आपका नाम शामिल
SIR यानी विशेष सघन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को इस तरह डिज़ाइन किया गया है कि नए और पुराने दोनों तरह के मतदाताओं को आसानी हो। फ़ॉर्म भरना अनिवार्य है। यदि फ़ॉर्म नहीं भरा गया तो नाम शामिल नहीं किया जा सकेगा। EC ने इसके लिए अंतिम तिथि 4 दिसंबर निर्धारित की है।
1. BLO देगा पहले से भरा हुआ प्रपत्र
आपके क्षेत्र का BLO (Booth Level Officer) आपके घर आएगा और एक गणना प्रपत्र देगा, जिसमें कुछ जानकारी पहले से दर्ज होगी:
- आपका नाम
- EPIC नंबर (यदि पहले जारी हुआ हो)
- पता
- मतदाता सूची में भाग और क्रमांक
2. आपको सिर्फ ये विवरण भरने हैं:
आपकी वर्तमान पासपोर्ट साइज फोटो
- जन्म तिथि
- आधार संख्या (वैकल्पिक)
- पिता/माता/अभिभावक का नाम और उनका EPIC नंबर (वैकल्पिक)
- मोबाइल नंबर
3. 2003 की वोटर लिस्ट में नाम न होने वाले लोग कैसे शामिल होंगे?
यदि 2003 की सूची में आपका नाम दर्ज नहीं है, पर आपके परिवार के किसी सदस्य-जैसे माता-पिता या दादा-दादी-का नाम शामिल था, तो उनके विवरण को प्रपत्र में भरना होगा। इस जानकारी के आधार पर आपकी पात्रता तय मानी जाएगी और आपका नाम सूची में जोड़ दिया जाएगा।
कब तक नाम जोड़ा जा सकता है?
आयोग ने SIR अभियान के तहत पूरी प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की तैयारी कर ली है:
- 4 दिसंबर 2025 तक: BLO घर-घर जाकर प्रपत्र देंगे और भरकर वापस लेंगे
- 9 दिसंबर 2025: अनंतिम मतदाता सूची प्रकाशित
- 9 दिसंबर 2025 - 8 जनवरी 2026: दावे और आपत्तियाँ दाखिल करने का समय
- 31 जनवरी 2026: आपत्तियों का निस्तारण
- 7 फरवरी 2026: अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित
अगर आपको फॉर्म नहीं मिला तो क्या करें?
यदि आपके घर BLO नहीं पहुंचा है या प्रपत्र नहीं मिला है, तो आप परेशान न हों। चुनाव आयोग ने इसके विकल्प भी उपलब्ध कराए हैं:
- अपने निकटतम BRC (मतदाता पंजीकरण केंद्र) जाएं
- संबंधित निर्वाचन अधिकारी से सीधे संपर्क करें
- जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबरों पर कॉल करें
क्यों महत्वपूर्ण है SIR अभियान?
निर्वाचन आयोग की यह पहल इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि बड़ी संख्या में ऐसे नागरिक हैं जिनके नाम पुरानी मतदाता सूची में नहीं थे या समय के साथ हटा दिए गए। अब उन्हें दोबारा सूची में शामिल होने का सुनहरा अवसर दिया जा रहा है। EC का लक्ष्य है-किसी भी योग्य मतदाता का नाम छूटने न पाए, ताकि हर नागरिक लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सके।












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