UP Technology: सीएम योगी की पहल, लखनऊ और कानपुर की AI सिटी से यूपी बनेगा डिजिटल इनोवेशन हब

UP Technology: उत्तर प्रदेश अब सिर्फ सांस्कृतिक पहचान के लिए नहीं, बल्कि तकनीकी प्रगति में भी दुनिया में कदम रखने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विजन है कि 2047 तक प्रदेश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डीप टेक्नोलॉजी का वैश्विक केंद्र बने।

लखनऊ और कानपुर में बनने वाली AI सिटी प्रदेश में नवाचार और रिसर्च को नई दिशा देंगी। टियर-2 और टियर-3 शहरों में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने से प्रदेश के हर कोने में तकनीकी विकास की रफ्तार बढ़ेगी।

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साइबर सुरक्षा और डेटा प्रोटेक्शन के क्षेत्र में यूपी को देश का मजबूत हब बनाया जाएगा। एनसीआर, लखनऊ और नोएडा ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर के रूप में प्रमुख गंतव्य बनेंगे जो निवेश और रोजगार के अवसरों को बढ़ाएंगे।

डिजिटल शिक्षा और स्किल्ड वर्कफोर्स

बीते आठ वर्षों में यूपी के स्कूलों में डिजिटल बदलाव देखने को मिला। 2015-16 में केवल 13.3 प्रतिशत विद्यालयों में कंप्यूटर थे, अब यह आंकड़ा 40 प्रतिशत से ऊपर पहुँच गया है। स्मार्ट क्लास और ICT लैब्स प्रदेश के हर जिले में स्थापित किए गए हैं।

युवाओं तक डिजिटल उपकरण पहुँचाने के लिए स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के तहत 50 लाख से अधिक टैबलेट और स्मार्टफोन वितरित किए गए। सरकार का लक्ष्य है कि दो करोड़ युवाओं तक इस योजना का लाभ पहुंचे।

2030 तक प्रदेश की टेक्नोलॉजी दिशा

मुख्यमंत्री योगी ने 2030 तक यूपी को टेक्नोलॉजी हब बनाने का रोडमैप तैयार किया है। लखनऊ और कानपुर में AI सिटी बनेंगी और हर मंडल में इनोवेशन इनक्यूबेटर स्थापित किए जाएंगे, ताकि स्थानीय युवा अपने नवाचार को वैश्विक स्तर तक ले जा सकें।

सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रिक वाहन (EV) मैन्युफैक्चरिंग में प्रदेश अग्रणी बनने की दिशा में काम कर रहा है। एनसीआर, लखनऊ और नोएडा ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर के रूप में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाएंगे।

डीप टेक्नोलॉजी में वैश्विक पहचान

योगी सरकार का लक्ष्य है कि 2047 तक यूपी डीप टेक्नोलॉजी में दुनिया भर में पहचाना जाए। इसमें AI, क्वांटम कम्प्यूटिंग, ब्लॉकचेन, एडवांस्ड रोबोटिक्स, बायोटेक, जीन एडिटिंग, नैनोटेक्नोलॉजी, स्पेस टेक्नोलॉजी और ग्रीन टेक शामिल हैं।

इन सेक्टरों में महारथ हासिल करने से प्रदेश में रोजगार और निवेश के अवसर बढ़ेंगे। सरकार का मानना है कि यही कदम यूपी को भारत की डिजिटल क्रांति का केंद्र बनाएंगे और आर्थिक समृद्धि की ओर ले जाएंगे।

सरकार ने अपने विजन को तीन स्तंभों पर आधारित किया है। AI सिटी, ग्रीन IT और सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी तथा स्पेस टेक्नोलॉजी प्रदेश की तकनीकी प्रगति की रीढ़ बनेंगे।

टियर-2 और टियर-3 शहरों में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार, साइबर सुरक्षा और डेटा प्रोटेक्शन हब बनाना फोकस क्षेत्र हैं। 2030 तक सॉफ्टवेयर एक्सपोर्ट में पांच गुना वृद्धि लक्षित है जिससे प्रदेश वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बने।

मुख्यमंत्री का मानना है कि AI और डीप टेक्नोलॉजी ही 6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था तक पहुंचने की प्रमुख ताकत हैं। लखनऊ और कानपुर की AI सिटी, सेमीकंडक्टर और EV मैन्युफैक्चरिंग हब, डेटा सेंटर और इनोवेशन इनक्यूबेटर प्रदेश की प्रगति सुनिश्चित करेंगे।

युवाओं को वैश्विक स्किल्स और रोजगार के अवसर मिलेंगे। GDP को 16 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर पर बनाए रखना आसान होगा। यही विजन 2047 तक यूपी को विकसित और समृद्ध प्रदेश बनाने की आधारशिला साबित होगा।

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