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हादसों से दहला यूपी: बीते 24 घंटों में 20 से ज्यादा मौतें, कहीं लगी आग तो कहीं हुई भीषण टक्कर

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उत्तर प्रदेश को बीते 24 घंटों में हुए हादसों ने दहला कर रख दिया है। प्रदेश के अलग-अलग ज़िलों में अबतक हुए बड़े हादसों ने तकरीबन 18-19 लोगों की जान ले ली है। कही भीषण आग में जलकर पूरा परिवार ख़त्म हो गया तो कहीं बस में सवार यात्रियों ने अपनी जान गवां दी। एक हादसे में तो ट्रक और मोपेड की टक्कर में तीन लोगों की मौत हो गई। वैसे देखा जाए तो हादसा एक ऐसी अनहोनी है जिसपर किसी का बस नहीं चलता। कहने वाले यह भी कहते हैं कि होनी को कोई नहीं टाल सकता, जो होना है वो होकर रहेगा। हादसों में किसकी गलती है और किसकी नहीं यह तो बाद का विषय होता है पर सत्य तो यह है कि गलती किसी की भी हो, अचानक हुए हादसों में निर्दोषों की जान जाना सबसे अधिक दुखद होता है।

फिरोजाबाद अग्निकांड में परिवार के 6 की मौत

फिरोजाबाद अग्निकांड में परिवार के 6 की मौत

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में शार्ट सर्किट से कस्बा पाढ़म निवासी रमन प्रकाश राजपूत के दो मंजिला मकान में भीषण आग लग गई। आग की लपटों में घिरकर मनोज कुमार (35) पुत्र रमनप्रकाश , नीरज (35) पत्नी मनोज कुमार, शिवानी(32) पत्नी नितिन कुमार, तेजस्वी(6 माह) पुत्री नितिन कुमार, हर्ष (12) पुत्र मनोज कुमार और भरत (8) पुत्र मनोज कुमार की मौत हो गई। इसके बाद सभी शवों का अंतिम संस्कार एटा शिकोहाबाद मार्ग पर मौजूद रमनप्रकाश की गोशाला में किया गया।
छोटे पुत्र नितिन ने दी मुखाग्नि
सभी मृतकों के लिए परिजनों ने एक ही चिता बनाई। जैसे ही शवो को चिता पर रखा गया। भीड़ को भी नियंत्रित करने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पडी। नितिन ने जैसे ही मुखाग्नि दी वहां मौजूद लोगों की आंखे नम हो गई। बच्ची एवं पत्नी के साथ भाई, भाभी एवं भतीजों को मुखाग्नि देते समय नितिन के हाथ कांप रहे थे। वह कई बार बेहोश भी हुआ। पिता रमनप्रकाश का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है। वहीं परिवारीजनों का कोहराम माहौल को गमगीन किए हुए था। लोग उस पल को कोस रहे थे जब शार्ट ‌सर्किट होने से उनके मकान में आग लगी थी। हादसे में रमनप्रकाश के साथ उनका छोटा पुत्र नितिन एवं मनोज की पुत्री तेजस्वी बच गए बाकी उनका पूरा परिवार ही खत्म हो गया।

बस और ट्रक की टक्कर

बस और ट्रक की टक्कर

यह हादसा जनपद बहराइच में हुआ, जहाँ जरवल इलाके में भीषण कोहरे की वजह से लखनऊ की तरफ से बहराइच जा रही रोडवेज बस में तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयानक थी कि चलते-चलते बस पलट गई जिसमें 6 लोगों की मौत हो गई, जबकि 15 से अधिक यात्री घायल बताये जा रहे हैं। जरवल पुलिस ने आनन-फानन में सभी घायलों को स्थानीय चिकित्सालय में भर्ती करवाया, जहां से 9 यात्रियों की हालत नाजुक होने पर बहराइच मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। मौके पर जिले के डीएम एवं एसपी ने पहुंचकर घटना का जायजा भी लिया और घायलों को हरसंभव मदद करने का भरोसा दिया है।

ट्रक और मोपेड की भिड़ंत में 3 की मौत

ट्रक और मोपेड की भिड़ंत में 3 की मौत

वाराणसी के जंसा थाना क्षेत्र स्थित चौखंडी पंचकोशी मार्ग (ब्रह्मा बाबा मंदिर) के समीप आज ट्रक और TVS XL (मोपेड) में आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। वाराणसी के बड़ागांव थाना के सालीवाहनपुर गांव निवासी मंजू देवी (40) अपने रिश्तेदार विजय और उनकी पत्नी शांति देवी के साथ भैरवतालाब (राजातालाब) स्थित अपने मायके जा रहीं थीं। ये लोग वहां पर बीमार चल रहे अपने कल्लू चाचा को देखने के लिए जा रहे थे। जैसे ही चौखंडी स्थित ब्रह्म बाबा मंदिर के पास पहुंचते हैं, एक ऑटो को ओवरटेक करने लगते हैं। उसी दौरान वे तीनों जंसा की ओर से आ रहे ट्रक की चपेट में आ जाते हैं। इस टक्कर में मोपेड सवार ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं, दो घायलों में एक महिला और एक आदमी की जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।
एक्सीडेंट के बाद ट्रक चालक महिला को कुचलते हुए रफ्तार में आगे बढ़ जाता है। इस घटना से आक्रोशित गांव के लोगों ने हाथी मार्ग से कालिका धाम की तरफ भाग रहे इस ट्रक की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने तत्काल ट्रक का पीछा कर पकड़ लिया और ड्राइवर समेत थाने लेकर आई।

हादसे में मौत के मामले में भारत पहले पायदान पर

हादसे में मौत के मामले में भारत पहले पायदान पर

भारत में हर साल करीब डेढ़ लाख लोगों की सड़क हादसे में मौत होती है। दुनिया में यह आंकड़ा सबसे ज्यादा भारत में है। अप्रैल 2022 में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राज्यसभा को बताया कि सबसे ज्यादा सड़क हादसों के मामले में भारत दुनिया के देशों में तीसरे नंबर पर है। वहीं सड़क हादसे में मौत के मामले में भारत पहले पायदान पर है। हादसे में होने वाली मौतों से पीड़ित परिवार बिखर जाता है। अगर कमाऊ सदस्य की सड़क हादसे में मौत हो जाए तो पीड़ित परिवार भावनात्मक रूप से तो टूटता ही है, आर्थिक रूप से भी टूट जाता है। ऐसे में जानना जरूरी है कि किसी सड़क हादसे में कोई व्यक्ति दुर्भाग्य से जख्मी हो जाए या उसकी मौत हो जाए तो संबंधित व्यक्ति या पीड़ित परिवार कैसे मुआवजा हासिल कर सकता है। इसकी प्रक्रिया क्या है? ट्राइब्यूनल या कोर्ट के इससे जुड़े महत्वपूर्ण फैसले क्या हैं?

'हिट ऐंड रन' मामले में मुआवजे के नियम

'हिट ऐंड रन' मामले में मुआवजे के नियम

अगर हादसे के बाद ड्राइवर गाड़ी के साथ फरार हो जाए तो यह मामला हिट ऐंड रन का होता है। ऐसे हादसों में मुआवजे के नियमों को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इसी साल बदला था। नए नियम 1 अप्रैल 2022 से लागू हो चुके हैं। इसके तहत, हिट ऐंड रन केस में मौत होने पर परिजन को 2 लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा। पहले यह राशि 25 हजार रुपये थी। वहीं गंभीर रूप से घायल होने पर 12500 की जगह 50000 रुपये का मुआवजा मिलेगा।
मोटर वीइकल ऐक्ट के तहत मिलता है मुआवजा
सड़क हादसे में जख्मी या मौत होने पर मोटर वीइकल ऐक्ट 1988 के तहत मुआवजा मिलता है। यह कानून 1 जुलाई 1989 को लागू हुआ था और मोटर वीइकल ऐक्ट 1939 की जगह लिया था। वैसे भारत में सबसे पहले 1914 में मोटर वीइकल ऐक्ट वजूद में आया था। मोटर वीइकल ऐक्ट 1988 के तहत ही सड़क हादसे के मामलों में दावे और मुआवजे का फैसला होता है।

केस टु केस अलग होता है मुआवजा, कई बातों से होता है तय

केस टु केस अलग होता है मुआवजा, कई बातों से होता है तय

सड़क दुर्घटना में मौत पर मुआवजे की कोई राशि निश्चित नहीं की गई है। यह केस-टु-केस निर्भर करता है यानी हर एक केस के तथ्यों पर निर्भर होता है। मुआवजे की राशि तय करते वक्त अदालतें बहुत सी बातों को ध्यान में रखती हैं। मुआवजा नुकसान पर भी निर्भर करता है। नुकसान शारीरिक या मानसिक दोनों हो सकता है। इसके अलावा हादसे में किसी व्यक्ति को किस तरह की चोट लगी है, मुआवजे को तय करने में ये भी महत्वपूर्ण होता है।
जैसे मान लीजिए कि किसी हादसे में किसी शख्स के पैर की कोई उंगली कट गई हो तो उसे उस व्यक्ति की तुलना में कम मुआवजा मिलेगा जिसका पूरा हाथ ही कट गया हो। इसकी वजह ये है कि हाथ कट जाने से व्यक्ति के काम करने क्षमता घट जाएगी और इसी तरह उसके कमाने की क्षमता भी घट जाती है। मुआवजे को निर्धारित करने वाले कारकों में नुकसान के अलावा पीड़ित व्यक्ति की आयु, उसकी आय, जख्मी या मरने वाले व्यक्ति के ऊपर निर्भर लोगों की संख्या, पीड़ित के इलाज पर आने वाला खर्च आदि।

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English summary
UP shaken by accidents More than 20 people lost their lives in accidents in the last 24 hours somewhere there was a fire and somewhere there was a fierce collision
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