UP Politics: कौन हैं सपा के राष्ट्रीय महासचिव का पद छोड़ने वाले सलीम शेरवानी, चार बार रह चुके हैं सांसद?
UP Politics: लोकसभा चुनाव 2024 की घोषणा होने से पहले समाजवादी पार्टी को एक बड़ा झटका लगा है। स्वामी प्रसाद मौर्य के बाद अब रविवार को सपा नेता सलीम इकबाल शेरवानी ने भी पार्टी से किनारा कर लिया है।
कहा जा रहा है कि राज्यसभा प्रत्याशियों की घोषणा किए जाने के बाद चुनाव में टिकट न मिलने के चलते सलीम इकबाल शेरवानी काफी नाराज चल रहे थे। इसी के चलते उन्होंने सपा के राष्ट्रीय महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया है।

उन्होंने अखिलेश यादव को लिखे पत्र में उन पर मुस्लिम समाज की उपेक्षा करने का आरोप लगाया है। उन्होंने यह भी लिखा है कि समाजवादी पार्टी में मुस्लिम समुदाय की लगातार उपेक्षा की जा रही है, जिसके चलते उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दिया है।
आगे वे किसी पार्टी से जुड़ेंगे इसके बारे में कोई जानकारी नहीं दी है। हालांकि उन्होंने मीडिया को यह भी बताया कि भविष्य को लेकर वह जल्द ही कोई निर्णय लेंगे। ऐसे में उनके पुनः कांग्रेस में जाने के कयास लगाए जा रहे हैं।
पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के करीबी रहे हैं सलीम
सलीम शेरवानी पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी के काफी करीबी रहे। साल 1984 में उन्होंने राजीव गांधी के कहने पर ही पहला चुनाव लड़ा था। उसके बाद में कांग्रेस से सांसद बने थे।
सलीम शेरवानी उत्तर प्रदेश की बदांयू लोकसभा सीट से पांच बार सांसद रह चुके हैं। उन्होंने समाजवादी पार्टी के टिकट पर चार बार चुनाव लड़ा था और जीत हासिल की थी। इसके अलावा वह एक बार कांग्रेस के टिकट पर भी सांसद बने थे।
साल 2019 में हुए लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी से इस्तीफा देते हुए कांग्रेस पार्टी ज्वाइन की थी। हालांकि चुनाव में कांग्रेस से टिकट मिलने के बाद भी जीत नहीं पाए और तीसरे नंबर पर रहे। उसके बाद वे सपा में शामिल हो गए थे।
अब एक बार फिर उन्होंने सपा से दूरी बना ली है। उनका कहना है कि अखिलेश यादव पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक की बात करते हुए पीडीए का नारा लगाते हैं, लेकिन राज्यसभा चुनाव के लिए जारी उम्मीदवारों की सूची देखने के बाद यह साफ हो जाता है कि खुद अखिलेश यादव पीडीए को कोई महत्व नहीं देते हैं।












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