UP Politics: मुलायम की बहु अपर्णा यादव को कौन सा सरप्राइज देगी BJP, ये लग रहीं अटकलें
Loksabha Election 2024: अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव (Loksabha Election) से पहले यूपी की सियासत गरम हो गई है। बीजेपी यूपी में सभी 80 लोकसभा सीटों को जीतने का टारगेट लेकर चल रही है। इसको लेकर संगठन स्तर पर तैयारियां भी तेज हो गई हैं लेकिन इसी बीच पूर्व सीएम मुलायम सिंह यादव (Mulayam Singh Yadav) की बहु अपर्णा यादव (Aparna Yadav) ने दिल्ली में बीजेपी (Bhartiya Janta Party) के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर सियासी पारे को बढ़ा दिया है।

अपर्णा के दिल्ली पहुंचने से लखनऊ में चढ़ा सियासी पारा
मुलायम सिंह यादव की बहु अपर्णा यादव जब सोमवार को दिल्ली में बीजेपी मुख्यालय पहुंची तो दिल्ली के साथ ही लखनऊ का सियासी पारा भी गरम हो गया। लखनऊ बीजेपी मुख्यालय पर भी अपर्णा के दिल्ली विजिट को लेकर तरह तरह के कयास लगाए जाने लगे। हालांकि सूत्रों की माने तो अपर्णा की मुलाकात राष्ट्रीय महासचिव सुनील बंसल समेत कुछ बड़े नेताओं से हुई है। जिसके बाद ये अटकलें लगाई जा रही हैं कि बीजेपी उनको 2024 से पहले कुछ सरप्राइज दे सकती है।
दिनेश शर्मा के हटने से खाली हुई है MLC सीट
अपर्णा और सुनील बंसल के बीच हुई मुलाकात के बाद लखनऊ में एक अटकल यह भी लगाई जा रही है कि अपर्णा यादव को बीजेपी एमएलसी बनाकर तोहफा दे सकती है। दरअसल बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा के राज्यसभा चले जाने के बाद उनकी एमएलसी वाली सीट खाली हुई है जिसका कार्यकाल अभी नवंबर 2026 तक है। ऐसी संभावना है कि बीजेपी उनको यहां समायोजित कर सकती है।
क्या बीजेपी ने दिया लोकसभा टिकट का आश्वासन
एमएलसी के अलावा जो दूसरी अटकल लग रही है उसके मुताबिक बीजेपी अपर्णा यादव को 2024 में लोकसभा का चुनाव लड़ाना चाहती है। सूत्रों के मुताबिक बीजेपी सपा के कब्जे वाली सीट से अपर्णा को चुनाव लड़ाने का दांव खेल सकती है क्योंकि बीजेपी पहले ही 2019 में हारी हुई लोकसभा सीटों को जीतने का प्लान तैयार करने में जुटी हुई है। हालांकि अपर्णा लखनऊ में विधानसभा का चुनाव लड़ चुकी हैं जिसमें उन्हें हार मिली थी।
2022 चुनाव से पहले बीजेपी में शामिल हुईं थीं अपर्णा
दरअसल करीब डेढ़ साल पहले यूपी में हुए विधानसभा चुनाव से ठीक पहले ही अपर्णा यादव सपा को छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गईं थीं। अपर्णा की हाईप्रोफाइल ज्वाइनिंग दिल्ली में बड़े नेताओं के बीच हुई थी। तब ऐसी अटकलें लगाई जा रहीं थीं कि बीजेपी अपर्णा को संगठन में या चुनाव में बड़ा इनाम दे सकती है लेकिन ऐसा नहीं हुआ है। राजनीतिक विश्लेषक कुमार पंकज कहते हैं कि अब जबकि 2024 का चुनाव नजदीक है कि तो बीजेपी उनको इंगेज रखना चाहती है ताकि ऐसा भी हो सकता है कि वह दोबारा सपा में वापसी का रुख न कर लें।
शिवपाल ने अपर्णा को दी थी सपा में वापसी की नसीहत
सपा के वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव ने भी कुछ दिनों पहले एक बयान दिया था जिसमें उन्होंने कहा था कि अपर्णा यादव को वहां कुछ मिलने वाला नहीं है। मैं चाहता हूं कि वह वापस लौट आएं। बीजेपी उन्हें कुछ नहीं देने वाली है। ऐसे में बीजेपी के सूत्र ये भी बता रहे हैं कि हो सकता है कि चुनाव करीब आने के बाद अब अपर्णा यादव बीजेपी पर सम्मानजनक समायोजन का दबाव बनाने पहुंची हो।












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