UP Politics: अनुप्रिया पटेल का विकल्प तैयार कर रही बीजेपी? जानिए पंकज चौधरी के घर क्यों पहुंचे थे PM मोदी
गोरखपुर दौरे के समय पीएम मोदी अचानक ही केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी के घर क्यों पहुंचे। इसके पीछे कई वजहें बताई जा रही हैं। राजनीतिक विश्लेषक 2024 से पहले इसे मोदी का बड़ा कदम बता रहे हैं।
PM Narendra Modi: भारतीय जनता पार्टी (Bhartiya Jarta Party) एक ओर जहां 2024 के चुनाव से पहले संगठन के नेताओं को फील्ड में झोंके हुए है वहीं दूसरी ओर पीएम नरेंद्र मोदी भी सियासी फायदे के लिए हर कदम फूंक फूंक कर उठा रहे हैं। गोरखपुर दौरे के समय पीएम मोदी का केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी के घर पहुंचना भी बीजेपी की एक सोची समझी रणनीति का हिस्सा था।
मोदी अचानक पहुंचे थे पंकज चौधरी के घर
बीजेपी के सूत्रों की माने तो सीएम योगी और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अलावा किसी को पता नहीं था कि पीएम मोदी केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी के आवास पर जाएंगे। लेकिन वह अचानक उनके घर पहुंचे और दस मिनट तक रुके। ये सब यूं ही नहीं था।

कुर्मी वोट बैंक साधने की कवायद
राजनीतिक विश्लेषकों की माने तो मोदी ने पूर्वांचल के एक कुर्मी वोट बैंक को साधने का प्रयास किया जो गोरखपुर और काशी क्षेत्र में सबसे ज्यादा हैं। पीएम मोदी ने पंकज चौधरी के घर जाकर कुर्मी समाज में एक बड़ा संदेश दिया है कि सरकार उनके सम्मान की चिंता कर रही है। कुर्मी समाज पूर्वांचल में बड़ी संख्या में हैं इस बात का अंदाजा बीजेपी को है।
अनुप्रिया के साथ मिलकर बीजेपी ने लड़ा था चुनाव
हालांकि बीजेपी की सहयोगी पार्टी अपना दल की चीफ अनुप्रिया पटेल इस समाज की बड़ी नेता हैं और वह विधानसभा चुनाव भी बीजेपी के साथ मिलकर लड़ चुकी हैं। 2019 का लोकसभा चुनाव भी बीजेपी के साथ मिलकर लड़ा था। गठबंधन के तहत अनुप्रिया को दो सीटें मिली थीं। जिसमें से एक पर वह खुद लड़ीं थीं और दूसरे पर उनके उम्मीदवार लड़े थे।
अपना दल के सहारे कुर्मी वोट बैंक साधती रही है बीजेपी
अब तक बीजेपी अनुप्रिया पटेल के सहारे यूपी में कुर्मी वोट बैंक को साधने का प्रयास किया है। ऐसा नहीं है कि बीजेपी के पास इस समाज के नेता नहीं हैं। बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रह चुके स्वतंत्रदेव सिंह भी इसी समाज से आते हैं। स्वतंत्रदेव फिलहाल योगी सरकार में मंत्री भी हैं। बीजेपी ने उनको प्रदेश अध्यक्ष बनाकर बड़ा नेता बनाने का प्रयास किया था लेकिन वह पार्टी की उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए।
पंकज चौधरी को कुर्मी नेता बनाने की कोशिश तो नहीं
पीएम मोदी ने पंकज चौधरी के घर जाकर कुर्मी समाज को संदेश देने के साथ ही उनको कुर्मी समाज के एक बड़े नेता के तौर पर पेश करने की कोशिश की है। बीजेपी को लगता है कि आने वाले लोकसभा चुनाव में इसका असर पड़ेगा और पूर्वांचल के करीब 24 लोकसभा सीटों पर अहम भूमिका निभाने वाला यह समाज एक बार फिर बीजेपी के साथ खड़ा होगा।
क्या बीजेपी के लिए अनुप्रिया की काट बनेंगे पंकज चौधरी
राजनीतिक विश्लेषकों की माने तो बीजेपी कहीं न कहीं इस बात से भी वाकिफ है कि उसके पास कोई बड़ा कुर्मी नेता नहीं है। बीजेपी की एक रणनीति यह भी हो सकती है कि पंकज चौधरी की भूमिका को 2024 से पहले बड़ा किया जाए ताकि उसका लाभ बीजेपी को मिल सके। कुर्मी वोटरों में खासतौर से पूर्वांचल में पंकज चौधरी यदि बीजेपी की उम्मीदों पर खरे उतरते हैं तो वह अनुप्रिया पटेल का विकल्प बन सकते हैं।
वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक कुमार पंकज कहते हैं,
पीएम मोदी की चाल को कोई नहीं समझ सकता। जैसे जैसे 2024 का चुनाव नजदीक आएगा वैसे वैसे मोदी के मास्टरस्ट्रोक सामने आएंगे। जहां तक बात पंकज चौधरी के घर अचानक पहुंचने की है तो यह सब अचानक देखने में लग रहा है लेकिन ऐसा हुआ नहीं है। यह सब बीजेपी की सोची समझी रणनीति या यूं कहें की लार्जर सोच का हिस्सा है।
नीतीश कुमार को भी बड़ा संदेश देने का प्रयास
यूपी के समीकरण साधने के साथ ही पीएम मोदी ने नीतीश कुमार को भी बड़ा संदेश देने की कोशिश की है। पिछले महीने ही बिहार की राजधानी पटना में नीतीश की अगुवाई में कई दलों के नेताओं की एक अहम बैठक हुई थी।
बिहार के बार्डर पर हैं ज्यादा कुर्मी बाहुल्य जिले
बिहार के सीएम नीतीश कुमार जो खुद ही कुर्मी समाज से आते हैं गैरबीजेपी दलों के गठबंधन की कवायद कर रहे हैं। चूंकि गोरखपुर और पूर्वांचल का इलाका बिहार से सटा हुआ है इसलिए यहां से मोदी ने बड़ा मेसेज दिया है कि बीजेपी इस समाज के साथ पूरी तरह से खड़ी है।












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