UP Panchayat election:'आसमान नहीं टूट पड़ेगा', ये कहकर भी SC ने किस शर्त पर दी मतगणना की इजाजत ?
नई दिल्ली, 1 मई: सुप्रीम कोर्ट ने रविवार यानी 2 मई से उत्तर प्रदेश पंचायत चुनावों के लिए मतगणना की इजाजत दे दी है। इससे पहले सर्वोच्च आदालत ने मतगणना टाले जाने की आवश्यकता जाहिर करते हुए बहुत ही सख्त टिप्पणी की थी। सर्वोच्च अदालत ने कहा था कि यदि यूपी पंचायत चुनाव के परिणाम 2-3 हफ्ते टल जाते हैं तो इससे कोई 'आसमान नहीं टूट पड़ेगा'। गौरतलब है कि प्रदेश में पंचायत चुनावों के लिए 2 मई यानी रविवार को पांच राज्यों में विधानसभाओं के लिए होने वाली वोटों की गिनती के साथ ही मतगणना होनी है। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को 2 मई से होने वाली मतगणना के दौरान कोविड-19 प्रोटोकॉल के पालन को लेकर दायर की गई याचिका पर उत्तर प्रदेश सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग से जवाब मांगा था।

राज्य निर्वाचन आयोग के आश्वासन पर मिली अनुमति
सुप्रीम कोर्ट ने सचिन यादव नाम के याचिकाकर्ता की ओर से इलाहाबाह हाई कोर्ट के उस आदेश के खिलाफ दी गई चुनौती पर सुनवाई के दौरान ये फैसला सुनाया है, जिसमें राज्य में पंचायत चुनावों को अनुमति दी गई थी। अब सुप्रीम कोर्ट ने रविवार से मतगणना प्रक्रिया शुरू करने की अनुमति दे दी है। सर्वोच्च अदालत ने यह फैसला राज्य निर्वाचन आयोग से यह आश्वासन मिलने के बाद दिया है, जिसमें आयोग ने वोटों की गिनती के दौरान कोविड-19 से जुड़ी सभी गाइडलाइंस के तहत जरूरी एहतियात बरतने की बात कही है।
कोविड के दौरान हुआ है चार चरणों में पंचायत चुनाव
इससे पहले अदालत ने राज्य निर्वाचन आयोग से पूछा था कि वह मतगणना के लिए क्या एहतियाती कदम उठा रहा है। याचिकाकर्ता ने प्रदेश में कोविड की लहर के मद्देनजर इलाहाबाद हाई कोर्ट के उस आदेश को इस आधार पर चुनौती दी थी कि इसकी वजह से स्वास्थ्य सेवाओं पर और अधिक दबाव बढ़ जाएगा। बता दें कि उत्तर प्रदेश में कोरोना के मामलों में भारी इजाफा हुआ है और इसी दौरान वहां चार चरणों में पंचायत चुनाव भी करवाए गए हैं। आखिरी चरण 29 अप्रैल को बंगाल विधानसभा चुनाव के साथ संपन्न हुआ है। पहला चरण 15 अप्रैल, दूसरा 19 अप्रैल और तीसरा 26 अप्रैल को संपन्न हुआ था।












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