UP News: जानिए क्या है यूपी की Anti-Narcotics Task Force, योगी ने क्यों दी नई नीति को मंजूरी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने UPANTF को और मजबूूत करने की कवायद शुरू कर दी है। इसके तहत अब इस टास्क फोर्स को और मजबूत बनाने का प्रयास किया जाएगा।

Anti-Narcotics Task Force: उत्तर प्रदेश सरकार ने मादक पदार्थों की बिक्री पर नकेल कसने और नारकोटिक्स एक्ट के तहत दर्ज मामलों में तेजी लाने के लिए एक विशेष एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) की स्थापना की थी। हालांकि सरकार ने नई नीति के तहत इसको और मजबूत बनाने के लिए 450 पुलिसकर्मियों को डेप्युटेशन पर ANTF में भेजने का फैसला किया है।
सूत्रों ने कहा कि सरकार का ध्यान पश्चिमी उत्तर प्रदेश पर है, जो दिल्ली, हरियाणा और पंजाब से निकटता के कारण और छात्रावासों, कॉलेजों आदि के अचानक बढ़ने के कारण मादक द्रव्यों के सेवन के लिए एक उपजाऊ जमीन बन गया है।
ANTF की स्थानांतरण नीति को मिली मंजूरी
यूपी पुलिस से ANTF में प्रतिनियुक्ति पर जाने वालों में कांस्टेबल, हेड कांस्टेबल, सब इंस्पेक्टर, इंसपेक्टर, कम्पयूटर आपरेटर के अलवा अन्य स्तर के अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल होंगे। योगी सरकार की तरफ से हाल ही में स्थानांतरण नीति को मंजूरी दी गई थी।
ANTF के डीआईजी अब्दुल हमीद ने कहा कि इस विंग के सही संचालन के लिए सरकार को 450 पदों की नियुक्ति का प्रस्ताव भेजा गया था। अब मुख्यमंत्री ने इसको ट्रांसफर पॉलिसी को मंजूरी दे दी है जिसके बाद अब यूपी पुलिस से ही इतने लोगों को यहां लाया जाएगा।
2021 में ही केंद्र ने राज्यों को दिया था ANTF के गठन का निर्देश
दरअसल गृह मंत्रालय ने दिसंबर 2021 में राज्यों को ड्रग्स के खतरे से लड़ने और 'ड्रग-मुक्त भारत' के सपने को साकार करने के लिए पुलिस महानिदेशकों को एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) बनाने का निर्देश दिया था। एएनटीएफ का कार्यालय पुलिस मुख्यालय में है और इसका नेतृत्व डीआईजी रैंक के अधिकारी करते हैं।
डीआईजी रैंक का अधिकारी करता है इसका नेतृत्व
इसकी संरचना के बारे में बताते हुए अपर पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार कहते हैं कि जो एएनटीएफ के पर्यवेक्षक अधिकारी भी हैं। इसे राज्य में तीन क्षेत्रों (पश्चिम, मध्य और पूर्व) में बांटा किया गया है। इनमें से सभी का नेतृत्व एक डीएसपी द्वारा किया जाएगा। प्रत्येक रैंक का अधिकारी जबकि एक डीआईजी-रैंक का अधिकारी पुलिस मुख्यालय से नेतृत्व करेगा।
डीआईजी के सहयोग के लिए और भी अधिकारी
डीआईजी को दो एसपी-रैंक के अधिकारी , एसपी (ऑपरेशंस) और एसपी (मुख्यालय) द्वारा समर्थित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पहले चरण में गाजीपुर और बाराबंकी में नारकोटिक थाने के नाम से जाने जाने वाले दो पुलिस थाने भी स्थापित किए जाएंगे। कुमार ने आगे कहा कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) के अधिकारियों को भी प्रतिनियुक्ति पर बल में काम करने के लिए बुलाया जाएगा।












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