UP News: अमेठी-रायबरेली में बीजेपी की रणनीति पर है कांग्रेस की नजर, नहीं खोल रही अपने पत्ते
उत्तर प्रदेश में बीजेपी इस समय लोकसभा 2024 की तैयारियों में जुटी हुई है। उसका दावा है कि इस बार अमेठी के अलावा वह रायबरेली की सीट भी जीतने में कामयाब रहेगी।
Rahul Gandhi Amethi: देश में अगले साल होने वाले लोकसभा की तैयारी में बीजेपी पूरी तरह जुटी हुई है। बीजेपी की रणानीति पर कांग्रेस के रणनीतिकार भी नजर बनाए हुए हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कांग्रेस के सबसे बड़े नेता राहुल गांधी को अमेठी में मात दे दी थी। इसके बाद अब बीजेपी रायबरेली पर अपना कब्जा जमाना चाहती है। लेकिन कांग्रेस भी उसकी रणानीति पर पूरी तरह से नजर बनाए हुए है।

कांग्रेस के सूत्रों की माने तो बीजेपी अमेठी और रायबरेली को लेकर अपने पत्ते नहीं खोल रही है इसीलिए कांग्रेस भी इन दोनों वीवीआईपी सीटों को लेकर चुप्पी साधे हुए है। हालांकि बीजेपी ने अंदरखाने 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले इन दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं।
रायबरेली में बीजेपी ने झोंकी ताकत
दरअसल रायबरेली से कांग्रेस की कद्दावर नेता सोनया गांधी सांसद हैं। बीजेपी यहां की तैयारियों में जुटी है। रायबरेली की अहमियत को समझते हुए ही बीजेपी ने यहां से केंद्रीय मंत्री नरेंद्र तोमर को यहां का प्रभारी बनाया गया था। इसके बाद उन्होंने रायबरेली का दौरा भी 13 और 14 जून को किया था। इस दौरान उन्होंने दावा किया था कि इस बार बीजेपी अमेठी के अलावा रायबरेली सीट पर भी जीत हासिल करेगी।
अमेठी में जीत हासिल करेगी कांग्रेस
रायबरेली जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पंकज तिवारी ने कहा कि तोमर ने पिछले महीने रायबरेली का दौरा किया था। रायबरेली की जनता को कांग्रेस और सोनिया गांधी पर भरोसा है। कांग्रेस निश्चित रूप से सीट जीतेगी। भले ही पार्टी नेता निर्वाचन क्षेत्र में प्रचार न करने का फैसला करें। मणिपुर हिंसा के बाद से ही बीजेपी का चाल चरित्र और चेहरा उजागर हो गया है। जनता इनको जरूर सबक सिखाएगी।
क्या राहुल गांधी 2024 में अमेठी से चुनाव लड़ेंगे इसको लेकर अमेठी के कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंघल ने कहा, "क्यों नहीं? राहुल गांधी निश्चित तौर पर अमेठी से लोकसभा चुनाव लड़ेंगे। निर्वाचन क्षेत्र के लोग हमारे साथ हैं।"
अमेठी से राहुल नहीं लड़े तो प्रियंका को बनाया जाए उम्मीदवार
हालांकि दूसरी तरफ पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच यह मांग भी उठ रही है कि अगर राहुल गांधी शीर्ष अदालत से राहत पाने में विफल रहते हैं या वायनाड से फिर से चुनाव लड़ने का फैसला करते हैं तो प्रियंका गांधी वाड्रा अमेठी से उतारा जाना चाहिए क्येांकि वह रायबरेली और अमेठी में सक्रिय रहीं और उन्होंने वहां पार्टी संगठन खड़ा किया।
वहीं, उत्तर प्रदेश बीजेपी के प्रवक्ता अवनीश त्यागी ने कहा कि बीजेपी का लक्ष्य उत्तर प्रदेश की सभी 80 लोकसभा सीटें जीतने का है। 2024 में अमेठी और रायबरेली दोनों जीतेंगे और उत्तर प्रदेश को कांग्रेस से मुक्त कराएंगे।''
अमेठी-रायबरेली के लिए कांग्रेस को करनी होगी मेहनत
हालांकि कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि रायबरेली और अमेठी कांग्रेस की पारंपरिक सीटें हैं। अगर कांग्रेस इन सीटों को बरकरार रखना चाहती है तो पार्टी को दो निर्वाचन क्षेत्रों में विकास पर ध्यान केंद्रित करना होगा और यहां कड़ी मेहनत कर लोगों का विश्वास जीतना होगा।












Click it and Unblock the Notifications