UP News: सीएम योगी लखनऊ में शिक्षक स्वागत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि हुए शामिल, जानिए क्या बोले मुख्यमंत्री
UP News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक शिक्षक केवल स्कूल के लिए निर्धारित समय हेतु ही शिक्षक नहीं होता। कैरियर के रूप में शिक्षा क्षेत्र का चयन करने के बाद शिक्षक के रूप में समाज में उसकी विशिष्ट भूमिका रहती है। विद्यार्थियों के लिए कक्षा को रोचक बनाने हेतु नए-नए उपाय अपनाने का सुझाव देते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षकों को नित नवीन अनुसंधान करते हुए कक्षा पाठ को विद्यार्थियों के लिए अनुकूल बनाने पर ध्यान देना चाहिए। जिससे वह उसे सहजता से आत्मसात कर सकें।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार कीजिए। प्रत्येक विद्यार्थी में एक जैसी क्षमता नहीं होती। जिस विद्यार्थी में जितनी क्षमता है। उससे उतनी ही उम्मीद करनी चाहिए। विद्यार्थियों की क्षमता का आकलन करते हुए मानवीयता के साथ चरणबद्ध तरीके से उसमें अभिवृद्धि करनी चाहिए। शिक्षकों का सबसे पहला गुण मानवीयता का होना है।

सीएम योगी शनिवार को सिटी मॉन्टेसरी स्कूल लखनऊ के शिक्षक स्वागत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज उन्हें इस समारोह में प्रतिभाग करने का अवसर प्राप्त हुआ है। शिक्षकों का सम्मान वर्तमान व भावी जीवन का सम्मान है। क्योंकि शिक्षक वर्तमान हैं तथा भावी पीढ़ी के भविष्य का निर्माण इनके हाथों से हो रहा है। ऐसे शिक्षकों के सम्मान का अवसर प्राप्त होना किसी भी व्यक्ति के लिए गौरव की बात होती है।
उन्होंने सीएमएस के संस्थापक प्रबंधक डॉ. जगदीश गांधी द्वारा समाज सेवा और शिक्षा के क्षेत्र में किए गए योगदान का स्मरण करते हुए कहा कि जब वह सीएमएस के संस्थानों में जाते हैं तो डॉ.गांधी के विनम्र, जुझारू और विराट व्यक्तित्व का स्मरण सहज ही हो जाता है। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में कभी हिम्मत नहीं हारी। वह मानवीय संवेदनाओं के साथ लगातार कार्य करते रहे।
जब किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है तो उससे जुड़ी स्मृतियों के कारण हम शोक व्यक्त करते हैं। यह स्वाभाविक भी है। लेकिन मृत्यु जीवन का शाश्वत सत्य है। जब मृत्यु होगी। तभी जन्म होगा। डॉ. गांधी जैसे लोग अपनी यशकाया से अमर हो जाते हैं। उन्होंने प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सीएमएस के रूप में एक ऐसा वट वृक्ष स्थापित किया है। जो निरंतर शिक्षा के क्षेत्र में उनके यशोगान को एक लम्बे कालखंड तक इन संस्थाओं से निकले हुए विद्यार्थियों के माध्यम से देश और दुनिया में पहुंचाता रहेगा। इन बातों को महत्व देते हुए संस्थापकों के प्रति सम्मान का भाव रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
सीएम योगी ने कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों को सम्बोधित करते हुए कहा कि आप में कोई भी व्यक्ति ऐसा नहीं होगा। जिसे शिक्षा के क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं को जानने का अवसर न प्राप्त हुआ हो। आप सभी के पास इन समस्याओं का समाधान है। आप सभी को इन समस्याओं का समाधान प्राप्त करने के लिए स्वयं को तैयार करना होगा। जीवन में सफलता भाग्यवश प्राप्त नहीं होती। सफलता व्यक्ति के परिश्रम पर निर्भर करती है। जो व्यक्ति जितना अधिक परिश्रम करेगा उसके परिणाम उतने ही अधिक सुखद होंगे। इससे व्यक्ति को अंतःकरण की खुशहाली प्राप्त होती है।
उन्होंने अपने विद्यार्थी जीवन का स्मरण करते हुए कहा कि उनके समय में कोई कठिन पाठ, गणित और फिजिक्स के फार्मूले रटाए नहीं जाते थे। बल्कि सरल लोकोक्तियों व उद्धरणों के माध्यम से आत्मसात कराए जाते थे। यदि कोई विद्यार्थी कठिन और विपरीत परिस्थितियों में धैर्य नहीं खोता तथा सफलता व असफलता की चिन्ता किए बिना आगे बढ़ने का जज्बा रखता है तो दुनिया की कोई ताकत उसे लक्ष्य प्राप्त करने से रोक नहीं सकती। आपको इसी प्रकार के जुझारू विद्यार्थियों को आगे बढ़ाने के लिए स्वयं को तैयार करना होगा।
सीएम योगी ने कहा कि सीएमएस संस्था सही दिशा में आगे बढ़ रही है। इस संस्था के पास एक अनुभवी लीडरशिप है। डॉ. गांधी और डॉ. भारती गांधी ने लखनऊ विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति से दिशा पकड़ी। इसके पश्चात इन्होंने शिक्षा के क्षेत्र का चयन किया। आज हजारों परिवार अपने बच्चों को बेझिझक सीएमएस संस्थानों में अध्ययन के लिए भेजते हैं। क्योंकि उन्हें पता है कि जो शिक्षा यहां प्रदान की जाएगी। वह उनके बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में महत्व भूमिका का निर्वहन करेगी।
सीएमएस संस्थानों को विद्यार्थियों को आईएएस, आईपीएस, इंजीनियर डॉक्टर जैसे जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में भेजने के साथ-साथ उन्हें राष्ट्रभक्त बनाने की दिशा में भी मजबूती के साथ कार्य करना चाहिए। एक अच्छा नागरिक अच्छा आईएएस, आईपीएस, मानवीय संवेदना से पूर्ण चिकित्सक, अपने फील्ड में दक्ष अभियंता बनने के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं को सदैव अपने जीवन का मर्म बनाने का कार्य करेगा।
सीएम योगी ने आगे कहा कि डॉ. भारती गांधी सीएमएस संस्था के संस्थापकों में से एक हैं। इन्होंने स्वयं अभाव में रहकर, आज से 65 वर्ष पूर्व जनपद अलीगढ़ से प्रदेश की राजधानी लखनऊ आकर शिक्षा को अपने जीवन का लक्ष्य बनाते हुए हजारों लाखों लोगों के जीवन को उज्ज्वल बनाने के लिए अपना सम्पूर्ण जीवन समर्पित किया तथा डॉ. गांधी के साथ मिलकर सीएमएस संस्था की स्थापना की। आज डॉ. गांधी हमारे बीच में नहीं हैं। इसके बावजूद डॉ. भारती गांधी ने जुझारूपन से लगातार सीएमएस को सम्बल देकर नई उंचाई तक पहुंचाया है। आज प्रदेश की प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में सीएमएस का अलग मुकाम है। यह संस्था डॉ. गांधी की स्मृतियों को बनाए रखते हुए मजबूती के साथ कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि उन्हें इस कार्यक्रम के तत्काल पश्चात प्रदेश की यूपी बोर्ड, सीबीएसई एवं आईसीएसई बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा की मेधावी सूची स्थान पाने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित करना है। इसमें सीएमएस संस्थानों से जुड़े विधार्थियों की भी बड़ी संख्या है। इन मेधावी विद्यार्थियों ने आप सभी के सानिध्य में अपनी प्रतिभा का बेहतरीन प्रदर्शन किया है।
इस अवसर पर सिटी मॉन्टेसरी स्कूल की संस्थापिका एवं निदेशक डॉ. भारती गांधी, प्रबंधक प्रो. गीता गांधी किंगडन, सीएमएस के सभी संस्थानों के प्रधानाचार्य एवं शिक्षकों सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।












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