UP: गैंगस्टर संजीव माहेश्वरी जीवा गोलीकांड में सरकार का एक्शन, लापरवाही बरतने वाले 6 पुलिसकर्मी सस्पेंड
Gangster Sanjeev Maheshwari Golikand: यूपी की राजधानी लखनऊ में अदालत के भीतर ही गैंगस्टर संजीव जीवा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में अब सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है।

Gangster Sanjeev Maheshwari Golikand: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गैंगस्टर संजीव माहेश्वरी की हत्या के मामले लापरवाही के लिए कम से कम छह पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। इस बीच पुलिस ने इस मामले के सामने आने के बाद गृह विभाग के प्रधान सचिव संजय प्रसाद ने कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए हैं।
6 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया
डीसीपी लखनऊ सेंट्रल अपर्णा कौशिक ने कहा, "अदालत की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। दरअसल, जीवा को बुधवार को लखनऊ सिविल कोर्ट परिसर के अंदर एक वकील के रूप में पेश करने वाले एक व्यक्ति ने गोली मार दी गई थी। कुख्यात गैंगस्टर संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा की दिनदहाड़े हत्या के आरोपी को चौदह दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
गृह विभाग ने सभी जिलों के लिए जारी की एडवायजरी
कोर्ट परिसर के अंदर किसी को भी हथियार या बंदूक ले जाने की इजाजत नहीं होगी। गृह विभाग के प्रधान सचिव ने कानून व्यवस्था की समीक्षा की है। गृह विभाग के प्रधान सचिव संजय प्रसाद ने आज (8 जून) उत्तर प्रदेश के सभी जिला पुलिस प्रमुखों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि अदालत परिसर में सभी सुरक्षा उपकरण पूरी तरह से काम कर रहे हैं और प्रशिक्षित कर्मियों को वहां तैनात किया गया है।
अदालत परिसर में हुई थी संजीव जीवा की हत्या
गैंगस्टर-राजनेता मुख्तार अंसारी के सहयोगी संजीव माहेश्वरी जीवा की लखनऊ अदालत परिसर में गोली मारकर हत्या किए जाने के एक दिन बाद राज्य में कानून-व्यवस्था की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि अधीनस्थ अदालतों में निर्धारित मानकों का पालन करते हुए उचित सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।
प्रसाद ने कहा कि,
अदालत परिसर में सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। राज्य सरकार आपराधिक गतिविधियों को कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति पर चल रही है। पुलिस आयुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अदालत परिसर में सभी सुरक्षा उपकरण पूरी तरह से काम कर रहे हैं और वहां प्रशिक्षित पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रवेश पास की व्यवस्था का कड़ाई से पालन किया जाए।
खुफिया विभाग को अलर्ट रहने की सलाह
प्रसाद ने कहा कि अंतरराज्यीय खुफिया समूह को आपराधिक गतिविधियों की जानकारी देने में सक्रिय होना चाहिए। जघन्य अपराधों में शामिल लोगों को अदालतों में प्रभावी पैरवी के माध्यम से कम से कम समय में दंडित किया जाना चाहिए।" उन्होंने कहा कि जेल मैनुअल का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए और बस स्टैंड, रेलवे स्टेशनों और हवाई अड्डों सहित सभी सुविधाओं पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाना चाहिए।












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