UP Electric Buses: यूपी में पहली बार धार्मिक शहरों को जोड़ने जा रही इलेक्ट्रिक बस सेवा, जानें कहां-कहां चलेंगी
UP Electric Buses: उत्तर प्रदेश में अब तीर्थयात्रा का अनुभव और भी सुलभ और स्वच्छ होने जा रहा है। योगी सरकार ने धार्मिक नगरी अयोध्या, प्रयागराज, वाराणसी और सोनभद्र को आपस में जोड़ने के लिए इलेक्ट्रिक एसी बसों के संचालन की तैयारी शुरू कर दी है। इसका उद्देश्य न सिर्फ यात्रियों को बेहतर सफर देना है, बल्कि पर्यावरण को भी प्रदूषण से बचाना है।
इस योजना के तहत राज्य परिवहन विभाग द्वारा चार्जिंग स्टेशनों का निर्माण किया जा रहा है, जिससे ये बसें आसानी से चार्ज हो सकें और यात्रियों को बिना किसी रुकावट के सफर मिल सके। वाराणसी में चार और सोनभद्र में एक चार्जिंग स्टेशन बनने जा रहा है, जिसे अगले एक महीने में तैयार कर लिया जाएगा।

सरकार की यह पहल पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ हरित ऊर्जा को भी प्राथमिकता देने का संदेश देती है। श्रद्धालु अब धार्मिक स्थलों का दौरा न केवल सुविधा से करेंगे, बल्कि स्वच्छ वातावरण में यात्रा कर एक जिम्मेदार नागरिक की भूमिका भी निभाएंगे।
प्रयागराज और अयोध्या से सीधे जुड़ेंगे वाराणसी और सोनभद्र
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) के क्षेत्रीय प्रबंधक परशुराम पांडेय ने बताया कि प्रयागराज और अयोध्या से वाराणसी और सोनभद्र के लिए इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की योजना तैयार की गई है। इन शहरों के बीच यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
चार्जिंग की जरूरत को पूरा करने के लिए कुल पांच चार्जिंग स्टेशन बनाए जा रहे हैं। इनमें से चार वाराणसी कैंट डिपो के वर्कशॉप क्षेत्र में होंगे और एक चार्जिंग स्टेशन सोनभद्र में बनाया जाएगा। इन स्टेशनों के चालू हो जाने के बाद बसों का संचालन जल्द शुरू किया जा सकेगा।
आधे घंटे में हो जाएगी बस फुल चार्ज
इन इलेक्ट्रिक बसों को चार्ज करने में ज्यादा समय नहीं लगेगा। आधे घंटे की चार्जिंग से बसें लगभग 150 किलोमीटर की दूरी तय कर सकेंगी। इसका मतलब यह है कि अयोध्या, प्रयागराज से वाराणसी और सोनभद्र तक की दूरी आसानी से तय की जा सकेगी।
एक इलेक्ट्रिक एसी बस में कुल 28 यात्रियों के बैठने की सुविधा होगी। बसों में आधुनिक तकनीक जैसे CCTV कैमरे, GPS ट्रैकिंग सिस्टम और महिलाओं की सुरक्षा के लिए पैनिक बटन की सुविधा दी जा रही है। इससे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।
हरित ऊर्जा की दिशा में मजबूत कदम
प्रदेश सरकार का यह प्रयास स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। यह योजना न केवल तीर्थ यात्रियों के लिए आरामदायक है, बल्कि बढ़ते प्रदूषण को भी कम करने में मददगार साबित होगी। इलेक्ट्रिक बसों से डीजल पर निर्भरता घटेगी और हवा में कार्बन का स्तर भी कम होगा।
योजना के तहत नियमित अंतराल पर बसों का संचालन किया जाएगा, ताकि यात्रियों को समय पर गंतव्य तक पहुंचने में कोई परेशानी न हो। साथ ही इन मार्गों पर भविष्य में और बसों की संख्या बढ़ाई जा सकती है।
उत्तर प्रदेश सरकार की यह योजना धार्मिक पर्यटन को नई दिशा देने जा रही है। श्रद्धालुओं को अब न सिर्फ बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि पर्यावरण की सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा। तकनीक, सुरक्षा और सेवा का यह नया संगम हर किसी के लिए प्रेरणादायक है।












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