उत्तर प्रदेश चुनाव 2022: किस राजनीतिक पार्टी का झंडा बुलंद करेंगी रायबरेली की बागी विधायक अदिति सिंह
रायबरेली, 30 अगस्त। यूपी 2022 के विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो चुकी हैं। भाजपा, सपा समेत सभी बड़े और छोटे राजनीतिक दल अपनी चुनावी जमीन तैयार करने में जुट चुके हैं। वहीं कांग्रेस पार्टी भी इस चुनाव में अपनी स्थिति बेहतर करने में जुटी हुई है। सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली की सदर कांग्रेस के लिए आगामी चुनाव में बड़ी चुनौती साबित होने वाली है। इसके पीछे वजह है कांग्रेस की तेज तर्रार और युवा विधायक अदिति सिंह के बगावती तेवर। कांग्रेस की बागी विधायत अदिति सिंह के स्वर्गीय पिता अखिलेश सिंह राजीनीतिक के रॉबिनहुड कहे जाते थे। उन्हीं के पद चिन्हों पर चलते हुए अदिति सिंह ने पार्टी लाइन से हटकर अपनी अलग छवि बनाई है। 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में किस पार्टी से चुनाव लड़ेगी, उनके सामने चुनौतियां क्या होगी ? इन्हीं मुद्दों पर हिंदी वन इंडिया को दिए इटरव्यू में रायबरेली MLA अदिति सिंह ने कई खुलासे किए।

2022 के चुनाव में अदिति सिंह किस पार्टी से चुनाव लड़ेगी?
अदिति सिंह ने कहा वो तो वक्त ही बताएगा। जो भी मेरी रणनीति हैं और जो मेरा निर्णय है वो धीरे-धीरे सबके सामने आ जाएगा।
तो क्या ये मान लिया जाए कि आपने अभी तय नहीं किया है कि आप किसी पार्टी का झंडा बुलंद करेगी?
अदिति सिंह कुछ ही समय में हमारा निर्णय सभी के सामने होगा। कभी भी एक व्यक्ति का निर्णय नहीं होता है एक पूरी टीम होती है कार्यकर्ता होते हुए सभी को मद्देनजर रखते हुए हमें मिलजुल कर फैसले लेने होते हैं।
ऐसा क्या हुआ जो कांग्रेस से आपका मोहभंग हो गया?
मैंने पार्टी में रहकर पूरी सिद्दत से काम किया और गांधी जयंती पर मैं जो बोली उससे मेरी पार्टी को नाराजगी थी, मैंने कभी जानबूझ कर या जबरदस्ती ये करने की कोशिश नहीं की। मैं हमेशा वो ही करती हूं और करने का प्रयास करती हूं जो मेरे क्षेत्र की जनता के हित में हो। मैंने अपने पिता के दिखाए कदमों पर चलते हुए वो कार्य करने का प्रयास किया जो जनता के हित में हैं। मैं आजतक ये समझ नहीं पाई कि मैंने 2 अक्टूबर को हाउस जाकर क्या गलत किया? ऐसे ही कई मुद्दे थे जिसके कारण उनको मेरी विचारधारा नहीं समझ आ रही थी और मुझे उनकी विचारधारा समझ में नहीं आ रही थी। मैं एमएल हूं इसलिए सदन में जनता से जुड़ी समस्याओं को उजागर करूं और वो समस्याएं हल हो मेरा बस ये ही प्रयास रहता है। एकमात्र मेरा ये ही लक्ष्य है।
2017 में आपने अपने पिता अखिलेश सिंह की छत्रछाया में विधानसभा चुनाव लड़ा और अब वो हमारे बीच नहीं हैं तो आगामी यूपी चुनाव में आपकी रणनीति क्या होगी?
अदिति सिंह ने कहा मेरा ये ही प्रयास रहेगा जो मेरे पिता स्वर्गीय अखिलेश सिंह मुझे सिखाकर गए हैं उसे मैं लागू करूं, उनके बताए रास्ते पर चलते हुए रणनीति तैयार करूं। हां उनके रहते हुए चुनाव लड़ना एक अलग एक्सपीरियंस था, मां-बाप का जब सिर पर हाथ होता है तो चीजें बहुत अलग होती हैं ये मेरे लिए ही नहीं हर बच्चे के लिए होती है। पिछले पंचायती चुनाव में मेरे पिता जी नहीं थे लेकिन हम भगवान के आर्शीवाद से दोनों ब्लाक प्रमुख चुनाव जीत कर आए। मेरे पिता के जाने के बाद ये मेरा पहला चुनाव था जिसके उत्साहवर्धक परिणाम आए। जबकि पंचायती चुनाव कठिन चुनाव में एक है। ये मेरे पिता जी का आर्शीवाद था जिसमें इतने अच्छे परिणाम आए और इससे मेरा कान्फीडेन्स बढ़ा है।
2022 में भी आपको क्या उम्मीद है कि जनता का वो ही प्यार मिलेगा जो 2017 में मिला था या इस बार कठिनाई का सामना करना पड़ेगा?
अदिति सिंह ने कहा मुझे नहीं लगता कि मुझे कोई कठिनाई का सामना करना पड़ेगा। मैं रायबरेली की बेटी हूं हमेशा यहां की जनता ने हमारा साथ दिया है। मेरा भी ये ही प्रयास रहता है कि ज्यादा से ज्यादा मैं अपने क्षेत्र के लोगों का काम करवा सकूं। मैं जनता की प्रतिनिधि हूं, मैं विधायक हूं इसलिए मेरा जनता से सीधा संवाद हो वो खुलकर अपने समस्याएं रख सके ये ही मेरा कोशिश रहती होती है। मैं अपने पिता की दी गई सीख को लेकर चल रही हूं कि लोगों को झूठे आश्वासन नहीं दो, जो काम हो सकता है उसे तुरंत करवाती हूं और जो असंभव है उसे अपनी असमर्थता जता देती हूं।
वो कौन से मुद्दे होंगे जिन पर आप 2022 के चुनाव लड़ेगीं?
जनता से जुड़े हुए मुद्दे ही मेरे एजेंडे में होंगे। जनता समझदार है उसे पता है कौन किस नियत से काम कर रहा है और किस तरह की राजनीति कर रहा है। ये सबको सब पता है। अभी चुनाव में कुछ समय हैं रणनीति ऐसी कोई खास नहीं सोची है। मेरे लिहाज से वो ही विधायक सफल है जिसका जनता से सीधा संवाद हो, उसके क्षेत्र में क्राइम रेट कम हो, जनता की सारी जरूरतें पूरी हो रही हो
यूपी में किसको मुख्यमंत्री की कुर्सी पर देखना चाहती हैं?
योगी जी को, वो कुल प्रशासक हैं। सबसे बड़ी योगी सरकार की उपलब्धि लॉयन ऑडर है। महिलाएं पहले की अपेक्षा अभी अधिक सुरक्षित हैं। कानून व्यवस्था में पहले से काफी सुधार आया है। इस सरकार में यूपी में इंडस्ट्री लाने के बेहतरीन प्रयास हुए हैं।












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