UP कैबिनेट की बैठक में लिए गए कई अहम फैसले, स्टेट ट्रांसफॉरमेशन कमिशन के गठन को मिली मंजूरी
लखनऊ, 27 सितंबर: उत्तर प्रदेश में मंगलवार को सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। कैबिनेट के एक फैसले के तहत योगी सरकार ने राज्य योजना आयोग का नाम बदलकर स्टेट ट्रांसफॉरमेशन कमिशन रख दिया गया है। मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में इस आशय से जुड़ा राज्य योजना आयोग का पुनर्गठन प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी गई। 1972 के योजना आयोग के गठन को पुनर्गठन के लिए राज्य सरकार ने ये प्रस्ताव पास किया है। लंबे समय से ये अटकलें लगाईं जा रही थीं कि नीति आयोग की तर्ज पर सरकार यूपी योजना आयोग को नया कलेवर दे सकती है।

यूपी के कैबिनेट मंत्री एके शर्मा और जयवीर सिंह ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी। कैबिनेट मंत्री एके शर्मा ने बताया कि, राज्य योजना आयोग को अब स्टेट ट्रांसफॉरमेशन कमिशन के रूप में जाना जाएगा। इस आयोग के अध्यक्ष मुख्यमंत्री होंगे जबकि वित्त मंत्री, दोनों उपमुख्यमंत्री भी इस आयोग के सदस्य होंगे। इसके साथ ही समाज कल्याण,पंचायती राज्य,औद्योगिक विकास मंत्री, जलशक्ति मंत्री, नगर विकास, नियोजन विभाग राज्य मंत्री पदेन सदस्य होंगे।
शर्मा ने बताया कि इस आयोग में उपाध्यक्ष के पद पर किसी आर्थिक जानकार और वित्त क्षेत्र से संबंधित विषय के विशेषज्ञ नियुक्त किए जाएंगे। इनकी नियुक्ति मुख्यमंत्री करेंगे। मुख्य सचिव कृषि उत्पादन आयुक्त समाज कल्याण आयुक्त अपर मुख्य सचिव आदि भी भी शामिल किए जाएंगे। सरकार के मुताबिक नीति आयोग जिस तरह कार्य कर रहा है और जिस तरह से एक थिंक टैंक के रूप में कार्य करता है उसी तरह ये आयोग भी काम करेगा। नया कमीशन आउटकम बेस्ड परफॉर्मेंस पर काम करेगा।
इसके अलावा कैबिनेट में कुछ अन्य महत्वपूर्ण फैसले भी लिए गए-
- उत्तर प्रदेश में रानीपुरा टाइगर रिजर्व की स्थापना के संबंध में प्रस्ताव पास
- .उत्तर प्रदेश राज्य में उपनिबंधक कार्यालयों में पंजीकृत विलेखों का डिजिटाइजेशन
- उत्तर प्रदेश सूक्ष्म , लघु एवं मध्यम उद्यम प्रोत्साहन नीति 2022
- नगर पालिका परिषद मुज्जफ्फरनगर जिला मुजाफफरनगर का सीमा विस्तार किया गया
- नगर पंचायत कटरा ,जनपद गोंडा के सीमा विस्तार का प्रस्ताव पास
- .उत्तर प्रदेश राज्य जैव ऊर्जा नीति 2022 के क्रियान्वयन के संबंध में प्रस्ताव पास
- अयोध्या में टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेंटर का निर्माण पीपी मोड पर निजी निवेशकों के माध्यम से विकसित एवं संचालित कराए जाने के संबंध में
- योजना आयोग में पीएनयू की रचना की जाएगी 50 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले शासकीय भवनों के निर्माण कार्य को ईपीसी मोड में कराए जाने वाले प्रक्रिया का सरलीकरण।












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