UP Board Result 2025: हर दिन कितने घंटे पढ़ते थे 10 वीं के टॉपर यश प्रताप सिंह? जानें पढ़ाई का तरीका और रूटीन

UP Board 10th Result 2025, Yash Pratap Singh Topper: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने 10वीं कक्षा का रिजल्ट घोषित कर दिया है और इस बार जालौन के यश प्रताप सिंह ने सभी को पीछे छोड़ते हुए 97.83 प्रतिशत अंकों के साथ पहला स्थान हासिल किया है। यश की यह सफलता न केवल उनके परिवार के लिए गर्व की बात है, बल्कि पूरे जिले के लिए भी एक मिसाल बन गई है।

रिजल्ट आते ही उनके घर पर बधाई देने वालों की कतार लग गई। परिजन, शिक्षक और दोस्त यश की उपलब्धि पर फूले नहीं समा रहे हैं। मोहल्ले से लेकर स्कूल तक हर तरफ जश्न का माहौल है। वहीं, यश ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय माता-पिता, शिक्षकों और नियमित दिनचर्या को दिया है।

UP Board 10th Result 2025 Yash Pratap Singh Topper

दूसरे स्थान पर 97.67% अंकों के साथ इटावा की अंशी और बाराबंकी के अभिषेक कुमार यादव रहे। तीसरा स्थान 97.50% अंक पाकर तीन विद्यार्थियों ने साझा किया है-मुरादाबाद की रितु गर्ग, सीतापुर के अर्पित वर्मा और जालौन की सिमरन गुप्ता।

लड़कियों ने मारी बाज़ी, पास प्रतिशत में फिर से आगे

इस साल यूपी बोर्ड हाईस्कूल का कुल पास प्रतिशत 90.11% रहा है। इसमें लड़कियों का प्रदर्शन लड़कों की तुलना में कहीं बेहतर रहा। 93.87% लड़कियां पास हुईं, जबकि लड़कों का पास प्रतिशत 86.66% रहा।

पिछले साल यानी 2024 में कुल 89.55% छात्र-छात्राएं पास हुए थे, जिससे इस बार का रिजल्ट 0.56% अधिक रहा। यह दर्शाता है कि शिक्षा के स्तर में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है और छात्र मेहनत से आगे बढ़ रहे हैं।

टॉपर यश प्रताप के पीछे है मजबूत पारिवारिक सपोर्ट

यश प्रताप सिंह, रस केंद्रीय इंटर कॉलेज उमरी के छात्र हैं। उनके पिता विनय कुमार सिंह इसी स्कूल में प्रिंसिपल के पद पर कार्यरत हैं, जबकि मां सुमन देवी गृहणी हैं। यश का कहना है कि घर का माहौल पढ़ाई के लिए बेहद अनुकूल रहा।

उनके पिता ने पढ़ाई को लेकर कभी दबाव नहीं बनाया, बल्कि हमेशा प्रेरित किया। यश का अनुशासन और उनके माता-पिता का सहयोग इस सफलता की बुनियाद बना।

इतने घंटे की पढ़ाई बनी सफलता की चाबी

यश बताते हैं कि वे रोजाना 12 से 13 घंटे की पढ़ाई करते थे। सुबह जल्दी उठकर रिवीजन करना और समयबद्ध तरीके से विषयों को कवर करना उनकी दिनचर्या का हिस्सा था। उन्होंने सोशल मीडिया और मोबाइल से पूरी तरह दूरी बना ली थी।

उनका कहना है कि अनुशासन, टाइम मैनेजमेंट और फोकस किसी भी छात्र को ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है। उन्होंने कहा कि टॉप करने का सपना नहीं देखा था, लेकिन मेहनत ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचा दिया।

देश की सेवा का जज़्बा

यश का लक्ष्य अब आईएएस बनकर देश की सेवा करना है। उन्होंने कहा कि वे समाज में बदलाव लाना चाहते हैं और इसके लिए प्रशासनिक सेवा को सबसे सशक्त माध्यम मानते हैं। उनके लिए यह टॉप करना पहला पड़ाव है।

स्कूल के प्रिंसिपल और शिक्षक भी यश की सफलता से बेहद खुश हैं। उन्होंने बताया कि यश शुरू से ही अनुशासित और मेहनती छात्र रहा है। स्कूल में भी पहले से ही उसके टॉपर बनने की संभावना जताई जा रही थी।

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