यूपी में योगी ही उपयोगी: उत्तर प्रदेश में 37 साल बाद टूटा रिकॉर्ड, ये हैं भाजपा के प्रचंड जीत के 10 बड़े कारण
यूपी में 37 साल बाद टूटा रिकॉर्ड, भाजपा के जीत के 10 कारण
लखनऊ, 10 मार्च। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022( Uttar Pradesh Assembly elections 2022) के नतीजे लगभग स्पष्ट हो चुके है। 403 सीटों पर मतगणना जारी है। यूपी चुनाव के नतीजे भाजपा के लिए ऐतिहासिक जीत की लहर लेकर आई है। भारतीय जनता पार्टी की बड़ी जीत हुई है और इस जीत के साथ ही योगी आदित्यनाथ ने 37 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में करीब 37 साल बाद ऐसा हो रहा है, जब कोई सरकार फिर से पूर्ण बहुमत के साथ दोबारा सरकार बना रही है।

37 सालों का टूटा रिकॉर्ड
उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की इस प्रचंड जीत के साथ ही योगी आदित्यनाथ ने 37 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। 37 सालों में भाजपा पहली पार्टी है जब वो लगातार दूसरी बार सरकार बनाने जा रही है। यूपी में 2017 और 2022 में बीजेपी पूर्ण बहुमत के साथ बीजेपी सरकार बना रही है। आपको बता दें कि इससे पहले 37 सालों से यूपी की जनता तख्तापलट करती रही है। आपको बता दें कि साल 1980, 1985 में हुआ था जब कोई सरकार पूर्ण बहुमत के साथ दोबारा सत्ता में आई। हम आपको भाजपा के इस प्रचंड जीत के 10 कारणों को बता रहे हैं।

भाजपा की जीत की 10 बड़ी वजह
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के नतीजों से साबित कर दिया कि यूपी में 'बाबा' ही उनकी पसंद है। जनता से माना कि 'योगी ही हैं उपयोगी' और जनता से योगी आदित्नाथ सरकार के कामों को स्वीकार करते हुए उन्हें दोबारा से सत्ता में ला दिया है। अगर जीत के कारणों की बात करें तो इस विधानसभा चुनाव में कानून व्यवस्था, बुल्डोजर, विकास और मुफ्त राशन की डबल डोज भाजपा की जीत के बड़े कारण बने हैं। आइए उन वजहों के बारे में बात करते हैं, जो भाजपा की जीत में सारथी बने है।

कानून व्यवस्था
उत्तर प्रदेश में भाजपा की जीत का एक बड़ा कारण योगी सरकार की कानून व्यवस्था रही फिर चाहे महिला सुरक्षा हो या गुंडागर्दी खत्म करने की बात। कानून व्यवस्था के मसले पर जनता से भाजपा को वोट किया। अवैध कब्जों पर बुल्डोजर चलाने से लेकर उत्तर प्रदेश को दंगा मुक्त और माफियाओं के दबदबे को कम करने के लिए दिखाई गई सख्ती हो, योगी सरकार ने इस मोर्चे पर खूब काम किया, जिसका नतीजा जनता के वोटों से मिला है।

नेतृत्व की विश्वसनीयता
उत्तर प्रदेश की जनता ने योगी-मोदी के नेतृत्व की विश्वसनीयता पर भरोसा किया और चुनाव में भाजपा के लिए वोट किए। भाजपा ने भी हर रैली में, हर भाषणा में डबल इंजन की सरकार की बात की तो यूपी की जनता ने भी उनपर दोबारा भरोसा जताया है। उत्तर प्रदेश ने लोगों मोदी और योगी के नाम पर वोट किया।

सरकार की लाभार्थी योजना
सरकार की लाभार्थी योजनाओं का लाभ भी भाजपा को मिला। फिर चाहे मुफ्त राशन की बात हो या फिर उज्जवला योजना या प्रधानमंत्री आवास योजना । महिलाओं के नाम पर घर , गैस सिलेंडर का मुफ्त कनेक्शन जैसी योजनाएं हो,इन योजनाओं से भारतीय जनता पार्टी ने जनता के दिल में खासकर महिलाओं के दिल में जगह बनाई है। यूपी की जनता के लिए मुफ्त राशन के सामने अवारा पशु का मुद्दा कमजोर पड़ गया।

हिन्दुत्व के मुद्दे पर मिले वोट
यूपी की जनता ने तमाम पार्टियों के आरोपों को नकारते भाजपा को भरभर कर वोट दिए और पार्टी को दोबारा सत्ता में ला दिया। यूपी चुनाव में एक बार फिर से हिन्दुत्व का मुद्दा भारी रहा। यूपी की जनता ने महंगाई और बेरोजगारी को किनारे कर हिन्दुत्व के मुद्दे पर वोट किया। इसका असर आज चुनावी नतीजों पर दिख रहा है।

RSS-BJP की केमेस्ट्री
यूपी में बीजेपी की जीत का एक बड़ा कारण भाजपा और आरएसएस की कमेस्ट्री भी रही। संघ ने जहां संगठन को मजबूत करने का काम किया तो वहीं पार्टी को सरकार चलाने पर बल देने का भरोसा दिलाया। पार्टी और संघ ने मिलकर जमीनी स्तर पर भाजपा को मजबूत करने का काम किया।

BJP के पास ताकत है वोटर को बूथ तक लाने की
इसके अलावा भाजपा के जीत का एक बहुत बड़ा कारण उसके कार्यकर्ता है। भाजपा में ताकत है कि वो अपने वोटर्स को बूथ तक लेकर पहुंची, जिसमें कांग्रेस और सपा फेल होती दिखी है।

मायावती के वोट बैंक में बिखराव
यूपी में भाजपा की प्रचंड जीत में एक बड़ा कारण बसपा के वोट बैंक में बिखराव भी रहा है। इसका लाभ सीधे-सीधे भाजपा को मिला। मायावती अपनी रैलियों में कहती रही कि सपा को वोट मत देना और उनका वोटबैंक भाजपा के खाते में पहुंच गया।

कोई विकल्प नहीं
यूपी की जनता ने मोदी-योगी की जोड़ी को अपना समर्थन दिया और योगी आदित्यनाथ के हाथों में दोबारा सत्ता दे दी। लोगों को योगी के विकल्प के तौर पर कोई दूसरी पार्टी नहीं मिली। समाजवादी पार्टी ने काफी कोशिश की, लेकिन अखिलेश यादव सिर्फ भाजपा सरकार पर आरोप लगाते रह गए। सपा अपनी बात करने से ज्यादा योगी सरकार और केंद्र सरकार पर आरोप लगाती दिखी, जो यूपी की जनता को रास नहीं आया।

फेल रहा हिजाब का मसला
यूपी चुनाव के बीच हिजाब मामले ने भी तूल पड़ता। मुस्लिम वोटबैंक को लुभाने के लिए विरोधी पार्टियों ने भी इस मुद्दे को भुनाने की काफी कोशिश की, लेकिन यूपी की जनता ने इसे भी नकार दिया और यूपी में हिसाब के मुद्दे पर तीन तलाक का फैसला हावी हो गया। मुस्लिम महिलाओं ने भी योगी सरकार को अपना माना और भाजपा के पक्ष में वोट किए।












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