दावा: उन्नाव में पत्रकार को पीटने वाला IAS अफसर JNU का है छात्र,वायरल वीडियो में 'देशद्रोह' को लेकर कही ये बात
दावा: उन्नाव में पत्रकार को पीटने वाला IAS अफसर JNU का है छात्र, वायरल वीडियो में 'देशद्रोह' को लेकर कही ये बात
नई दिल्ली, 11 जुलाई: उत्तर प्रदेश में शनिवार (10 जुलाई) को हुए स्थानीय चुनावों में कई जगह से हिंसा की खबरें सामने आई थी। लेकिन उन्नाव से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। जहां एक भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी ने सार्वजनिक रूप से एक टीवी पत्रकार को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। इस घटना का वीडियो सोसल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में पत्रकार को पीटते दिख रहे आईएएस अधिकारी उन्नाव जिले के सीडीओ दिव्यांशु पटेल हैं। उन्नाव जिले के सीडीओ दिव्यांशु पटेल सरेआम सड़क पर पंचायत चुनाव में बीडीसी सदस्यों की धड़-पकड़ की कवरेज कर रहे पत्रकार कृष्ण तिवारी को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। ये पूरा मामला उन्नाव के मियागंज ब्लॉक का है। सोशल मीडिया पर अब दावा किया जा रहा है कि सीडीओ दिव्यांशु पटेल दिल्ली स्थित जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) के पूर्व छात्र हैं।

उन्नाव में पत्रकार को पीटने वाला IAS जेएनयू का है छात्र
पत्रकार की पिटाई वाला वीडियो ट्विटर पर काफी वायरल हो रहा है। वहीं सीडीओ दिव्यांशु पटेल की काफी आलोचना की जा रही है। ट्विटर पर कई यूजर ने दिव्यांशु पटेल का एक पुराना वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में दिव्यांशु पटेल जेएनयू से किसी विरोध प्रदर्शन में शामिल होते हुए दिख रहे हैं।
ट्विटर पर कई यूजर ने दावा किया है कि दिव्यांशु पटेल जवाहर लाल यूनिवर्सिटी (जेएनयू) के पूर्व छात्र हैं। इसी दावे को लेकर एक पुराना वीडियो भी वायरल किया जा रहा है और दावा किया जा रहा है कि वीडियो में दिखने वाला शख्स कोई और नहीं बल्कि दिव्यांशु पटेल है।

'पिता जी ने बोला- ज्यादा मत करो, वरना देशद्रोह में फंसा दिए जाओगे'
वीडियो में दिख रहा शख्स, जिसको लेकर दावा किया जा रहा है कि वह दिव्यांशु पटेल है। वीडियो एक विरोध प्रदर्शन का है। जिसमें एक मीडिया चैनल से बात करते हुए दिव्यांशु पटेल कहते हैं, ''हमारे पिता जी, फोन करके बोले सुबह, ज्यादा मत करो,नहीं तो देशद्रोह के केस में फंसा देंगे। तब हमने पिता जी से कहा, ये भी तो देश की ही बात है, जब देश ही नहीं रहेगा तो देशद्रोह कहां से होगा।''
वीडियो में आगे पत्रकार पूछता है, कहां से पिता जी ने फोन किया था? दिव्यांशु पटेल कहते हैं, वो बलरामपूर में संस्कृत पढ़ाते हैं। पत्रकार पूछता है, उनका क्या कहना है, इस पूरे मामले और जेएनयू प्रकरण के बारे में? दिव्यांशु बोलते हैं, ''उनका कहना है कि जो मनुवाद और ब्राह्मणवाद मुर्दाबाद बोलेगा, उसे देशद्रोह के केस में फंसा दिया जाएगा। ये इस देश की सनातन परंपरा रही है।''

''कहीं ये ब्राह्मणवादी लोग तुम्हे खा ना जाएं''
वीडियो में उन्होंने आगे कहा, इसका विरोध होना चाहिए लेकिन मेरे पिता किसी गलत अंजाम को लेकर डरते हैं बस। 17 साल मेरे पिता एक विभाग में जाति को लेकर नौकरी नहीं दी गई थी। मेरे पिता संस्कृत में गोल्ड मेडलिस्ट हैं लेकिन तमाम यूनिवर्सिटी ने उन्हें नौकरी देने से मना कर दिया था, हमारी जाति को लेकर। इसलिए मेरे पित डरते हैं कि किसी तरह से अब तुम जेएनयू पहुंच गए हो तो कहीं ये ब्राह्मणवादी लोग तुम्हे खा ना जाएं।

'पहचान लीजिए, ये वही IAS है जो एक पत्रकार को पीट रहा था'
दिव्यांशु पटेल के कथित पुराने वीडियो को शेयर कर @Punitktripathi नाम के एक यूजर ने लिखा, ''पहचान लीजिए इसको ये वही आईएएस है जो एक पत्रकार को पीट रहा था। इसकी इतनी हिम्मत नहीं थी कि जो नेता गुंडागर्दी कर रहे थे उसे पकड़ सके। ये किस विचारधारा का है इस बाइट से समझ आता है।''
वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा है, ''आईएएस दिव्यांशु पटेल जिन्होंने उन्नाव में पत्रकार की पिटाई की थी। उनको एक बार ब्राह्मणों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान जेएनयू छात्र नेता के रूप में भी देखा गया था।''

IAS दिव्यांशु पटेल को बर्खास्त करने की उठी मांग
ट्विटर पर आईएएस दिव्यांशु पटेल को बर्खास्त करने की मांग की जा रही है। ट्विटर पर हैशटैग #Arrest_CDO_दिव्यांशु_पटेल ट्रेंड कर रहा है।
इस पूरे मामले पर उन्नाव के जिलाधिकारी रवींद्र कुमार ने कहा है कि उन्होंने जिले भर के पत्रकारों से बातचीत की है। उन्होने कहा कि पत्रकार की लिखित शिकायत मिली है जिस पर हमला किया गया था।
उन्ना जिलाधिकारी रवींद्र कुमार ने कहा, ''हमने मीडियाकर्मियों से बातचीत की। सीडीओ (दिव्यांशु पटेल) ने माफी भी मांगी है। मैं सभी लोगों को आश्वस्त करता हूं कि मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी और निष्पक्ष जांच की जाएगी।''
यहां देखें कुछ ट्वीट












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