भतीजी को मासूम ने कहा भाभी तो लड़की के चाचा ने दी मौत की सजा
बहराइच। यूपी में बहराइच के तिलखवा गांव के बाहर पुआल के ढेर में आठ दिन पहले आठ साल के अखिलेश की क्षत विक्षत लाश मिली थी। पयागपुर पुलिस ने शनिवार को इस हत्याकांड का खुलासा किया है। आरोपी हत्यारे को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक, अखिलेश को मौत की सजा सिर्फ इसलिए दी गई, क्योंकि उसने आरोपी की भतीजी को भाभी कह दिया था।

परिवार को चोट देने की मंशा
मृतक अखिलेश का बड़ा भाई हत्यारे की भतीजी को पसंद करता था। बलशाली व तंदरुस्त होने के कारण हत्यारे ने अखिलेश के भाई को न चुनकर पूरे परिवार को गहरी चोट देने की मंशा से उसे मौत के घाट उतार दिया। पयागपुर पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है।

मिली थी अखिलेश की क्षत-विक्षत लाश
पयागपुर थाना अंतर्गत बभिनियावा गांव के मजरा तिलखवा गांव निवासी बैजनाथ का बेटा अखिलेश (8 वर्ष) बीते आठ दिसंबर की सुबह अपने बाबा को चाय देने खेत के लिए घर से निकला था लेकिन स्कूल का समय हो गया, वह लौटा नहीं। जिस पर घरवालों को चिंता हुई तो उसकी खोजबीन शुरू हुई। देर शाम गांव के बाहर स्थित बाग में अखिलेश का खेलने वाला टायर मिला। वह टायर लेकर खेत गया था। आसपास के खेतों व गांव में परिजनों व ग्रामीणों ने अखिलेश को खूब ढूंढा, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला।

पुलिस ने की छानबीन
थक हारकर परिजन घर लौट आये। लेकिन अगले दिन सुबह उसी बाग में धान की पराली (पुआल) के ढेर में अखिलेश का क्षत विक्षत शव मिला था। मृतक अखिलेश के पिता बैजनाथ ने पयागपुर थाने में आईपीसी की धारा 302 व 201 के तहत अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कराया था। सीओ रिसिया श्रेष्ठा सिंह व पयागपुर एसओ संजय मिश्रा जांच में जुटे थे। शनिवार सुबह एसओ संजय मिश्रा ने एसआई अखिलेश कुमार, केदारनाथ, नरेंद्र सिंह यादव व सिपाही ललित कुमार के साथ घेराबंदी कर इस प्रकरण के मुख्य हत्यारोपी तिलखवा निवासी टिम्पल उर्फ बैजनाथ पुत्र रामसमुझ को उसके घर से गिरफ्तार किया है।

मामले का खुलासा
एसपी जुगुल किशोर ने हत्या का खुलासा करने के लिए एएसपी व रिसिया सीओ के निर्देशन में टीम गठित की थी। सीओ श्रेष्ठा ठाकुर ने बताया कि पूछताछ के बाद हत्यारोपी टिम्पल ने जुर्म कबूल लिया है। बताया कि टिम्पल की भतीजी को अखिलेश का बड़ा भाई पसंद करता था। यह बात अखिलेश को भी पता थी। इसलिए वह कभी-कभार युवती को भाभी कह देता था। यह बात टिम्पल को पसंद नहीं थी। वह पूरे परिवार को गहरी चोट देना चाहता था। अखिलेश का बड़ा भाई शरीर से बलशाली व हट्टा कट्टा था। वह उससे भीड़ नहीं सकता था इसलिए टिम्पल ने अखिलेश को निशाना बनाया। टिम्पल ने अखिलेश के सिर पर बांस से हमलाकर ईंट से कूंचकर मौत के घाट उतारा था। जिसके बाद उसका शव उसी के बाग में पुआल से छिपा दिया था। पयागपुर पुलिस ने हत्यारे टिम्पल को जेल भेज दिया है।












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