बच्चों की सेहत सुधारने के लिए 72 जिलों में 350 PICUS लगाएगी योगी सरकार, ये है पूरी प्लानिंग
लखनऊ, 25 जुलाई: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अब यूपी में बच्चों की मृत्यु दर को कम करने की कवायद शुरू कर दी है। योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि यूपी में हर हाल में मृत्यु दर पर काबू पाया जाना चाहिए। इसको लेकर सरकार अब यूपी के 72 जिलों में 350 पीडियाट्रिक इटेंसिव केयर यूनिट्स सेंटर (PICUS) खोलने पर विचार कर रही है। अधिकारियों का तर्क है कि इस तरह की सुविधा विकसित कर बच्चों के मृत्यु दर में कमी लाई जा सकती है। इसको लेकर डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने भी अधिकारियों को जल्द से जल्द इस लक्ष्य को पूरा करने का निर्देश जारी किया है।

दरअसल सूत्रों की माने तो गंभीर स्वास्थ्य बीमारियों से पीड़ित बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी क्योंकि राज्य सरकार जल्द ही राज्य के 72 जिलों में 352 बाल रोग गहन देखभाल इकाइयां (पीआईसीयू) जोड़ेगी। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, राज्य में हर साल लगभग 53.8 लाख बच्चे जन्म लेते हैं। इनमें से 50.9 लाख पांच साल से अधिक जीवित रहते हैं जबकि 2.8 लाख इस उम्र तक पहुंचने में असफल होते हैं।
इन पीआईसीयू की स्थापना के साथ, राज्य सरकार का लक्ष्य पांच साल से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु दर को कम करना भी है। वर्तमान में, राज्य में जिला स्तर के अस्पतालों में 77 बीमार नवजात देखभाल इकाइयां (SNCU), 12 मेडिकल कॉलेजों में नवजात गहन देखभाल इकाइयों (NICU) में 344 बेड और एक्यूट इंसेफेलाइटिस (AES) और जापानी इन्सेफेलाइटिस (JE) से पीड़ित बच्चों के लिए 16 जिला स्तरीय अस्पतालों में 160 PICU बेड हैं।

इसके साथ ही राज्य में पीआईसीयू की संख्या पूरे राज्य में 512 हो जाएगी। ये पीआईसीयू पहले से ही निर्माणाधीन हैं और 88 सरकारी अस्पतालों और चिकित्सा संस्थानों में स्थापित किए जाएंगे। इन इकाइयों का निर्माण राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) ईसीआरपी-2 कार्यक्रम के तहत किया जा रहा है। प्रत्येक इकाई में आधुनिक सुविधाओं और उपकरणों और वेंटिलेटर के साथ चार बेड होंगे।
अधिकारियों ने बताया कि जिला स्तर पर यह सुविधा उपलब्ध होने से 12 साल तक के बच्चों को गंभीर स्वास्थ्य स्थितियों जैसे एईएस, जेई, निमोनिया आदि का बेहतर इलाज मिल सकेगा। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा, 'राज्य सरकार बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है और इस संबंध में लगातार सकारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। हमने अधिकारियों को पीआईसीयू के निर्माण कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया है ताकि गंभीर बीमारियों से पीड़ित बच्चों को बेहतर इलाज मिल सके।












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