BJP के इस फरमान ने उड़ाई योगी के मंत्रियों की नींद, क्या कार्यकर्ताओं के जरिए निगरानी कराएगा संगठन ?
लखनऊ, 26 अप्रैल: उत्तर प्रदेश में हाल ही में सम्पन्न हुए विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत से बीजेपी की सरकार बनी है। बीजेपी की सरकार बनने के बाद अब संगठन की तरफ से उनके कामकाज की निगरानी का काम भी शुरू कर दिया गया है जिससे उनकी नींद उड़ी हुई है। बीजेपी के सूत्रों की माने तो संगठन मंत्री की तरफ से हर मंत्री के यहां एक कार्यकर्ता का समायोजन किया जा रहा है। कहा तो यह जा रहा है कि जो वर्षों से संगठन की सेवा में लगे हैं वैसे कार्यकर्ताओं को अब सरकार बनने के बाद पुरस्कृत किया जा रहा है और उन्हें मंत्रियों के यहां ओसीडी बनाया जा रहा है। हालांक दूसरे तौर पर देखा जाए तो इसका मकसद परदे के पीछे से मंत्रियों के कामकाज पर निगरानी रखी जाएगी ओर उन्हीं कार्यकर्ताओं से मंत्रियों के कामकाज का फीडबैक भी लिया जाएगा।

करीब 50 हजार रुपए वेतन और अन्य सुविधाएं मिलेंगी
बीजेपी के एक नेता कहते हैं कि भारतीय जनता पार्टी के ऐसे कर्मठ कार्यकर्ता, जो पिछले 5 साल से तन-मन-धन से संगठन के साथ लगे हुए थे। इन कार्यकर्ताओं को मंत्रियों के स्टाफ में शामिल किया जाएगा। इनको करीब 50 हजार रुपये वेतन और दूसरी सुविधाएं मिलेंगी। पार्टी ऐसे कार्यकर्ताओं की सूची मंत्रियों को दे रही है. इनमें से कम से कम एक कार्यकर्ता को एक मंत्री अपने साथ काम पर लगाएगा। हालांकि पहली नजर में तो यह कार्यकर्ताओं का समायोजन दिख रहा है लेकिन मंत्रियों की नींद इस बात को लेकर उड़ी है कि क्या ये परोक्ष तौर पर उनकी निगरानी करेंगे और कामकाज का फीडबैक संगठन तक पहुंचाने का काम करेंगे। इससे कई मंत्रियों के अंदर बेचैनी साफ तौर पर देखी जा रही है।

अब स्टाफ में शामिल होने की कतार में कार्यकर्ता
मंत्रिमंडल गठन के बाद उनके स्टाफ में शामिल होने के लिए अनेक लोग कतार में हैं। कोई भी मंत्री अपने व्यक्तिगत स्टाफ में कुछ निजी लोगों को स्थान दे सकता है। इनको एक अच्छी तनख्वाह और दूसरी सुविधाएं सरकार की ओर से दी जाती हैं। मंत्री आमतौर से अपनी पसंद के लोगों को अपने स्टाफ में चुनते हैं। लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो रहा है। योगी सरकार ने पहले ही एक फरमान जारी किया था जिसके तहत पुराने निजी स्टाफ को रखने पर रोक लगा दी गई थी। हालांकि इसका कई मंत्रियों ने भारी विरोध किया था जिसके बाद यह ठंडे बस्ते में चला गया।

मंत्रियों तक पहुंचाई जा रही कार्यकर्ताओं की सूची
भारतीय जनता पार्टी के सूत्रों ने बताया कि महामंत्री संगठन सुनील बंसल इस काम में लगे हुए हैं। वो कार्यकर्ताओं की सूची मंत्रियों तक पहुंचा रहे हैं। मंत्रियों के स्टाफ में शामिल होने के लिए अब भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं में होड़ मची हुई है। कार्यकर्ता अपना-अपना जुगाड़ लगा रहे हैं, ताकि उनको किसी मंत्री के स्टाफ में जगह मिल जाए। बंसल को लेकर हालांकि एक चर्चा यह भी है कि वह 30 अप्रैल के बाद बीजेपी से मुक्त हो जाएंगे और संघ में चले जाएंगे लेकिन यह अभी भविष्य के गर्भ में है। फिलहाल बंसल अपने दिमाग का इस्तेमाल मंत्रियों की निगरानी में जरूर लगा रहे हैं।

UP मंत्रियों पर पड़ेगी दोहरी मार
संगठन के इस कदम के बाद अब मंत्रियों पर दोहरी मार पड़नी तय है। एक तरफ जहां सीएम योगी मंत्रियों पर लगातार नकेल कसने का काम कर रहे हैं। कुछ दिनों पहले ही एक आदेश जारी हुआ था जिसमें अपने पसंद के निजी स्टाफ को रखने के लिए मना कर दिया गया था। मंत्रियों से कहा गया था कि जो भी स्टाफ होगा वो रैंडमली आधार पर नियुक्त किया जाएगा। इस आदेश में यह भी कहा गया था कि मंत्रियों के निजी स्टाफ में एक महिला को भी निजी सचिव के तौर पर रखा जाएगा लेकिन इसका विरोध होने के बाद इसे वापस ले लिया गया। अब उसके बाद योगी ने मंत्रियों के लिए नया फरमान जारी किया था जिसके तहत उन्हें चार दिन लखनऊ और दो दिन अपने जिले में रहना होगा।












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