ब्लू व्हेल गेम का अंतिम टास्क पूरा करने के चक्कर में फांसी पर झूला किशोर
उन्नाव। ब्लू व्हेल गेम के लास्ट टास्क को पूरा करने के लिए किशोर फांसी के फंदे पर लटक गया। वह तो गनीमत रही कि परिजनों की निगाह उस पर पड़ गई और उसकी जान बच गई। आनन-फानन में उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे कानपुर रिफर कर दिया गया। जहां उसका इलाज चल रहा है।

ब्लू व्हेल गेम का टास्क पूरा करने की लगा रखी है रट
बातचीत के दौरान किशोर के बड़े भाई ने बताया कि आज सुबह उसका भाई गुमसुम सा था और अचानक ऊपर कमरे में जाकर दुपट्टे को फांसी का फंदा बना लटक गया। पीछे से पहुंचे भाई ने जब उसको फांसी पर लटका देखा तो उसने तत्काल पैरों से उसे ऊपर की ओर उठा दिया और चिल्लाकर घटना की जानकारी परिवार वालों को दी। मौके पर पहुंचकर उन्होंने फांसी के फंदे से उतारा। हैलट अस्पताल में उसकी हालत खतरे से बाहर है। परंतु वह बेसुध है और हाथ पैर पटक रहा है। बार-बार एक ही बात कह रहा है कि ब्लू व्हेल गेम का टास्क पूरा करना है।
कानपुर के हैलट में चल रहा उपचार
मामला सदर कोतवाली क्षेत्र के आवास विकास कॉलोनी का है। जहां गुरुवार को पूरन नगर स्थित इंटर कॉलेज के छात्र गोलू 17 ने फांसी के फंदे पर लटक कर जान देने का प्रयास किया। समय से परिजनों को जानकारी मिलने पर उन्होंने तत्काल उसे फांसी के फंदे से नीचे उतारा। कोहराम सुनकर घर के सामने बड़ी संख्या में भीड़ इकट्ठा हो गई। गोलू बार-बार टास्क पूरा करने की बात बड़ बड़ा रहा था।
गोलू के बड़े भाई छोटू ने बताया कि आज सुबह उसने गोलू से कहा था कि स्कूल क्यों नहीं जा रहे हो। इस पर उसने कहा कि अभी समय है जा रहा हूं। उसके बाद वह ऊपर कमरे में चला गया। जहां दुपट्टे से फांसी का फंदा बनाकर लटक गया। इसी बीच पीछे से पहुंचे भाई ने फांसी पर लटका देख पैर के सहारे उसे ऊपर उठा दिया। जिससे फंदा ढीला पड़ गया। चिल्लाकर उसने घरवालों को जानकारी दी। मौके पर पहुंचे परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। आनन-फानन उसे फांसी से नीचे उतारा गया। जिसके बाद बेहोशी की हालत में स्थानीय जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां से डॉक्टरों ने उसे कानपुर रिफर कर दिया। हैलट अस्पताल में गोलू का इलाज चल रहा है। गोलू के बड़े भाई छोटू ने बताया कि गोलू अब खतरे से बाहर है लेकिन बेसुध है और वह अपने हाथ पैर को पटक रहा है। जिसके कारण डॉक्टरों ने उसके हाथ-पैर बांध दिए हैं। बार-बार एक ही बात कर रहा है टास्क पूरा करना है। छोटू के अनुसार डॉक्टरों ने 4 दिन अपने निगरानी में रखने की बात बताई है।









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