68500 सहायक अध्यापक भर्ती : इस तरह बदली गईं कॉपी, 80 नंबर की जगह मिले 32
इलाहाबाद। उत्तर प्रदेश के 68500 सहायक अध्यापक भर्ती में फर्जीवाड़े को लेकर एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। भर्ती प्रक्रिया में एक और महिला अभ्यर्थी की कॉपी बदल दी गई है। अभ्यर्थी को 80 नंबर मिलने की जगह सिर्फ 32 नंबर मिले हैं। आश्चर्य की बात यह है कि पिछले महीने ही महिला अभ्यर्थी ने स्कैन कॉपी के लिए परीक्षा नियामक द्वारा निर्धारित फीस की डीडी जमा कर दी थी। उसके बाद भी लगातार महिला अभ्यर्थी को दौड़ाया जाता रहा।

महिला अभ्यर्थी को कॉपी दिए जाने के संदर्भ में कोर्ट ने भी आदेश दे दिया था। लेकिन, उसके बावजूद भी 13 दिन चक्कर काटने के बाद उसे कॉपी मिल सकी। महिला अभ्यर्थी ने बताया कि वह पिछले 5 दिनों से लगातार परीक्षा नियामक कार्यालय में आ रही है। देर शाम उसे जब सभी अभ्यर्थी चले गए तब उसे कापियां दी गई। ताकि कॉपी मिलने के बाद कोई हंगामा ना हो सके। हालांकि रेखा ने फोन कर अपने साथियों को स्कैन कॉपी में हुए फर्जीवाड़े की जानकारी दी और बताया कि परीक्षा सेंटर से लेकर उनकी कॉपी तक बदल दी गई है और कॉपी में किसी दूसरे की हैंडराइटिंग है।
80 की जगह 32 नंबर
गौरतलब है कि 68500 सहायक अध्यापक भर्ती में रोज ही ऐसे नए मामले आ रहे हैं। जिसमें धांधली के आरोप सामने आ रहे हैं। हर दिन कहीं नंबर कम मिलने के मामले सामने आ रहे हैं तो कहीं कापी बदलने के साक्ष्य सामने आए हैं। इसी क्रम में चंदौली के रहने वाली रेखा सिंह ने अपनी स्कैन कॉपी हासिल की तो उसमें भी चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। पता चला कि उनकी कॉपी ही बदल दी गई है । जिसके कारण उन्हें 80 नंबर के वजह है सिर्फ 32 नंबर मिले हुए हैं। मामले में सीमा ने बताया कि वह हाईकोर्ट की शरण में जायेंगी। क्योंकि उनके साथ अन्याय हुआ है। उन्होंने भर्ती परीक्षा में धांधली का आरोप लगाते हुए कार्यवाही की मांग की है।
क्या कह रही है अभ्यर्थी
मामले में रेखा सिंह ने बताया कि 13 अगस्त को जब रिजल्ट जारी हुआ तो वह भर्ती परीक्षा में चयनित नहीं हुई यानी फेल कर दी गई थी। उन्हें अपने रिजल्ट पर भरोसा नहीं हुआ और वह स्कैन कॉपी देखने के लिए परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय इलाहाबाद पहुंची। हालांकि तत्काल उन्हें कॉपी जब देखने को नहीं मिली तो हाईकोर्ट की शरण में चली गई। इधर भर्ती परीक्षा में धांधली के आरोप लगे तो स्कैन कॉपी देखने के लिए सरकार की ओर से निर्देश जारी कर दिया गया। जिसके बाद अभ्यर्थियों को निर्धारित फीस जमा कर कॉपियां दी जाने लगी। उधर अगस्त महीने के आखिरी सप्ताह में हाईकोर्ट ने भी रेखा सिंह की कॉपी दिए जाने का आदेश दिया। लेकिन डीडी जमा करने के बाद भी उन्हें स्कैन कॉपी नहीं दी जा सकी। इस मामले में रेखा सिंह ने कार्रवाई की मांग की है।
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