नोएडा एयरपोर्ट पर इंडिगो फ्लाइट की सफल लैंडिग और टेकऑफ, जेवर में हुआ रनवे का ट्रायल, देखिए वीडियो
Noida International Airport: उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण का निर्माण कार्य 85 प्रतिशत से अधिक पूरा हो चुका है। यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित इस विशाल परियोजना को चार चरणों में पूरा किया जाएगा। जिसमें 29,650 करोड़ रुपए का कुल निवेश होगा। पहला चरण जिसकी लागत 10,056 करोड़ रुपए है। 12 मिलियन वार्षिक यात्रियों की क्षमता के साथ अप्रैल 2025 तक शुरू होने के लिए तैयार है।
पहले उड़ान सत्यापन परीक्षण ने बनाया रिकॉर्ड
एयरपोर्ट ने सोमवार को अपना पहला उड़ान सत्यापन परीक्षण पूरा किया। जिसमें दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से एक इंडिगो विमान जेवर साइट पर उतरा। यह परीक्षण एयरपोर्ट की परिचालन तत्परता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। परीक्षण के दौरान विमान ने 1.5 घंटे तक हवाई अड्डे के ऊपर उड़ान भरी। जिससे रनवे प्रदर्शन, हवाई क्षेत्र समन्वय और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रक्रियाओं जैसे तकनीकी पहलुओं की जांच की गई। इस डेटा का उपयोग नागरिक उड्डयन महानिदेशालय द्वारा हवाई अड्डे के वाणिज्यिक संचालन की समीक्षा और अनुमोदन के लिए किया जाएगा।

टर्मिनल बिल्डिंग और अन्य सुविधाएं लगभग तैयार
एयरपोर्ट की टर्मिनल बिल्डिंग का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। उपकरण लगाने का काम जल्द शुरू होगा। हवाई अड्डे का 3.9 किलोमीटर लंबा परिचालन रनवे उड़ान सत्यापन परीक्षण का केंद्र बिंदु रहा। जिसमें सफलतापूर्वक लैंडिंग और टेकऑफ़ किए गए। हवाई अड्डे का 38 मीटर ऊंचा एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर बनकर तैयार हो चुका है। यह प्रणाली एयरपोर्ट के हवाई यातायात को कुशल और सुरक्षित तरीके से प्रबंधित करने में अहम भूमिका निभाएगी।
15 दिसंबर तक सत्यापन प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य
नोएडा हवाई अड्डे के अधिकारियों का लक्ष्य 15 दिसंबर तक सत्यापन प्रक्रिया को पूरा करना है। ताकि YIAPL वाणिज्यिक संचालन के लिए एयरोड्रोम लाइसेंस प्राप्त करने हेतु आवेदन कर सके।
परियोजना का महत्व और भविष्य की योजनाएं
1,344 हेक्टेयर में फैला नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा भारत का सबसे बड़ा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट होगा। इसका संचालन ज्यूरिख इंटरनेशनल एजी द्वारा अगले 40 वर्षों तक किया जाएगा। चार चरणों में पूरा होने वाली इस परियोजना के पहले चरण का उद्घाटन अप्रैल 2025 में होगा।
कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को बढ़ावा
नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा क्षेत्र की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देगा। यह न केवल दिल्ली-एनसीआर में एक प्रमुख एविएशन हब के रूप में स्थापित होगा। बल्कि उत्तर भारत के यात्री और मालवाहक सेवाओं में भी बड़ा बदलाव लाएगा।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का सफल उड़ान सत्यापन परीक्षण और निर्माण कार्य की तेजी इसे एविएशन सेक्टर में एक नई ऊंचाई देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यह हवाई अड्डा देश की अर्थव्यवस्था, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और रोजगार सृजन के लिए मील का पत्थर साबित होगा। अप्रैल 2025 में इसका उद्घाटन भारतीय विमानन क्षेत्र के इतिहास में एक नई शुरुआत का प्रतीक होगा।












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