अखिलेश की बेवफाई पर फिर छलका शिवपाल का दर्द, इशारों ही इशारों में कह दी ये बड़ी बात
लखनऊ, 14 फरवरी: उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी का प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के साथ चुनावी गठबंधन है। वहीं सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अपने चाचा शिवपाल सिंह की पार्टी पीएसपी को सिर्फ एक सीट दी है। जबकि शिवपाल 100 सीटों पर दावा कर रहे थे लेकिन उन्हें सिर्फ एक सीट मिली। वहीं सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अपने चाचा शिवपाल सिंह यादव को सिर्फ एक सीट दी है। शिवपाल सपा के साथ राजनीतिक गठबंधन करने के बाद भी अपना दर्द छुपा नहीं पा रहे हैं। शिवपाल ने बातों बातों में यह भी कह डाला कि हम तीन साल से तैयारी कर रहे थे और 100 सीटों पर चुनाव लड़ना चाह रहे थे। इतनी सीटों पर चुनाव लड़ता तो सपा की सरकार कभी नहीं बनती।

शिवपाल इटावा में मौलवियों से मिले थे
दरअसल रविवार को शिवपाल यादव अखिलेश को सीएम बनाने का संकल्प लेने इटावा पहुंचे थे। वहीं शिवपाल लगातार इटावा में जनसभा कर समाजवादी पार्टी और पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के समर्थन में प्रचार कर रहे हैं। पीएसपी प्रमुख इटावा की जसवंत नगर सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। खास बात यह है कि शिवपाल यादव सपा के चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ रहे हैं। पिछली बार भी वे सपा के टिकट पर चुनाव जीते थे। वहीं चुनाव प्रचार के दौरान शिवपाल सिंह यादव ने मौलाना के साथ डॉ. की समाधि पर चादर चढ़ा दी। लेकिन इस दौरान उनका दर्द सामने आया और उन्होंने सीटों के गठबंधन को लेकर दुख जताया।

शिवपाल ने अखिलेश यादव को माना नेता
इससे पहले भी शिवपाल यादव कई बार मीडिया के सामने अपना दर्द बयां कर चुके हैं और उनका दावा है कि अगर पीएसपी को 100 सीटें मिलतीं तो उसके उम्मीदवार चुनाव जीत जाते. शिवपाल ने हाल ही में इटावा में कहा था कि उन्होंने बीजेपी से लड़ने के लिए अपनी पार्टी की कुर्बानी दी है और गठबंधन में एक सीट के लिए राजी हो गए हैं। वहीं शिवपाल ने कहा था कि उनका मुकाबला अखिलेश यादव से है और जसवंत नगर की जनता ने उन्हें सबसे ज्यादा वोटों से जीतकर विधानसभा भेजा है।

संत की भाषा बुल्डोजरवाली नहीं हो सकती
इटावा शहर से सपा प्रत्याशी सर्वेश शाक्य के समर्थन में प्रचार करने पहुंचे शिवपाल यादव ने दरगाह में चादरपोशी के अलावा जनसभा को भी संबोधित किया। जनसभा को संबोधित करने के दौरान उन्होंने योगी आदित्यनाथ और भाजपा पर जमकर निशाना साधा। शिवपाल यादव ने योगी आदित्यनाथ के गर्मी निकालने और बुलडोजर वाले बयान को लेकर कहा कि ऐसी भाषा किसी संत की नहीं हो सकती है।

हम प्रत्याशी लड़ाते तो सपा की सरकार कभी नहीं बनती
इटावा की जनसभा में शिवपाल यादव का दर्द भी झलका। शिवपाल यादव ने कहा कि हम तीन साल से चुनाव की तैयारी कर रहे थे और 100 सीटों पर अपने उम्मीदवार लड़ाना चाहते थे। हम यह जानते हैं कि अगर हम इतनी बड़ी संख्या में प्रत्याशी लड़ाते तो कभी सपा गठबंधन की सरकार नहीं बन सकती। लेकिन अब हम सबको मिलकर अखिलेश यादव को राज्य का मुख्यमंत्री बनाना है। बता दें कि इटावा में 20 फ़रवरी को वोट डाले जाएंगे।

सपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे शिवपाल यादव
शिवपाल यादव जसवंतनगर सीट से सपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं। जसवंतनगर को मुलायम परिवार का परंपरागत सीट कहा जाता है। 1967 से ही इस सीट पर मुलायम परिवार का कब्ज़ा है। मुलायम सिंह यादव छह बार इस सीट से विधायक रहे। उनके बाद 1996 से शिवपाल यादव इस सीट से विधायक हैं। जसवंतनगर से भारतीय जनता पार्टी ने विवेक शाक्य और बहुजन समाज पार्टी ने वीपी सिंह को उम्मीदवार बनाया है।












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