संभल में 10 दिसंबर तक बाहरी और जनप्रतिनिधि के प्रवेश पर रोक, सपा नेता माता प्रसाद बोले- मुझे भी रोका गया
Sambhal News: उत्तर प्रदेश के संभल को अब एक 'संवेदनशील क्षेत्र' में तब्दील कर दिया गया है। संभल में 10 दिसंबर तक बाहरी और जनप्रतिनिधि के प्रवेश पर रोक लगा दी है। जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) राजेंद्र पांडिया ने इस बात की घोषणा की है। उन्होंने कहा है कि संभल में न तो किसी बाहरी की एंट्री होगी, न ही कोई सोशल एक्टिविस्ट और नेता यहां 10 दिसंबर तक आ सकेंगे।
उत्तर प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष और समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता माता प्रसाद पांडे ने कहा कि संभल के जिलाधिकारी (डीएम) ने उन्हें फोन कर संभल नहीं आने को कहा है। असल में 15 सदस्यीय सपा प्रतिनिधिमंडल संभल जाने की तैयारी में थे, लेकिन उनको डीएम की ओर से रोका गया है।

शनिवार 30 नवंबर को माता प्रसाद पांडे ने कहा, ''रात में गृह सचिव ने मुझे फोन कर कहा कि मैं संभल ना जाऊ। उन्होंने कहा कि वहां स्थिति बदल सकती है। इसके बाद मुझे संभल डीएम का भी फोन आया है। उन्होंने भी कहा कि संभल मत आइए हमने रोक 10 दिसंबर तक बढ़ा दी है।''
सपा नेता माता प्रसाद बोले- आगे क्या करना है, ये हम बाद में तय करेंगे
सपा नेता माता प्रसाद पांडे ने कहा कि, ''हमें आगे क्या करना है, ये मैं पार्टी दफ्तर जाकर तय करूंगा।' डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के आरोप के जवाब देते हुए माता प्रसाद पांडे ने कहा, ''हम किसी को नहीं भड़काते हैं। भड़काने वाली भाषा उनकी ही रहती है। उन्हें पहले मुझे नोटिस देना चाहिए था कि आप संभल नहीं जा सकते लेकिन बिना किसी नोटिस के उन्होंने मेरे घर के बाहर पुलिस फोर्स तैनात कर दी है।''
माता प्रसाद ने एक अन्य बयान में कहा, ''न्याय आयोग संभल जा रहा है, प्रेस-मीडिया के लोग संभल जा रहे हैं, उनके जाने से कोई खतरा नहीं है तो, हमारे जाने से कैसे अशांति पैदा हो जाएगी। ये सरकार जानबूझकर अपने सारे कार्यों पर पर्दा डालने के लिए हम लोगों को रोक रही है।''
सपा सांसद हरेंद्र सिंह मलिक बोले- 24 नवंबर की घटना कैसे हुई? हम हकीकत देश के सामने रखेंगे
समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रतिनिधिमंडल के संभल दौरे पर समाजवादी पार्टी के सांसद हरेंद्र सिंह मलिक ने कहा,
"जमीनी हकीकत क्या है? 24 नवंबर की घटना कैसे हुई? हम हकीकत देश के सामने रखेंगे। अगर सरकार हमें इजाजत दे तो हम संसद में भी हकीकत बताएंगे। हम यह भी चाहेंगे कि जांच सच्चाई के आधार पर हो...हमें संभल में राज्य सरकार और पुलिस द्वारा की जा रही जांच पर भरोसा नहीं है। जब जिला प्रशासन घटना में शामिल है तो सरकार को अन्य माध्यमों से भी जांच करानी चाहिए...संभल की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है...हम ऐसा कुछ नहीं करेंगे जिससे संभल में हालात बिगड़ें...अगर उन्हें हमारे प्रतिनिधिमंडल के संभल दौरे से कोई दिक्कत है तो वे वीडियोग्राफी कराएं...अगर प्रशासन हमें इजाजत दे तो हम संभल जाएंगे।''












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