आजमगढ़ उपचुनाव में राजभर वोटर की भूमिका भी होगी अहम, क्या अखिलेश को मिलेगा गठबंधन का लाभ

लखनऊ, 20 जून: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के दौरान सपा के मुखिया अखिलेश यादव ने पूर्वांचल में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए राजभरों के नेता ओम प्रकाश राजभर के साथ गठबंधन किया था। ओम प्रकाश राजभर के साथ गठबंधन का ही नतीजा था कि पूर्वांचल में आजमगढ़ और गाजीपुर समेत कई जिलों में बीजेपी का पत्ता गोल हो गया था। लेकिन चुनाव के बाद राज्यसभा और एमएलसी चुनाव के दौरान अखिलेश के साथ उनके मतभेद की खबर सामने आई थी लेकिन राजभर ने सार्वजनिक तौर पर कोई बयान नहीं दिया था। अब आजमगढ़ उपचुनाव में अखिलेश को राजभर से सहयोग की उम्मीद है कि क्योंकि इस सीट पर करीब 90 हजार राजभर वोटर हैं जो किसी भी उम्मीदवार का समीकरण बिगाड़ सकते हैं।

आजमगढ़ में निर्णायक साबित हो सकते हैं 90 हजार राजभर

आजमगढ़ में निर्णायक साबित हो सकते हैं 90 हजार राजभर

विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव ने ओम प्रकाश राजभर के साथ गठबंधन किया था जिसका लाभ भी उनको मिला था। आजमगढ़ की सभी सीटों पर सपा ने परचम लहराया था। लेकिन अबकी बार राजभर पर अखिलेश कितना भरोसा कर पाएंगे यह देखने वाली बात होगी। राज्यसभा और एमएलसी चुनाव के दौरान राजभर ने भी दावा ठोका था लेकिन अखिलेश ने उनके दावे को नजरअंदाज कर दिया था। इसके बाद राजभर नाराज बताए जा रहे हैं। हालांकि आजमगढ़ में वह सपा के लिए प्रचार करते देखे जा रहे हैं। यानी बाहर से तो वो सपा के साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं लेकिन क्या वो अंदर से भी सपा के साथ हैं यह बड़ा सवाल है। सपा के लिए उनका साथ बेहद जरूरी है कि वोटों के बिखराव की सूरत में 90 हजार राजभर वोट सपा के लिए अमृत का काम कर सकते हैं।

क्या अखिलेश का पूरा साथ देंगे ओम प्रकाश राजभर या करेंगे खानापूर्ति

क्या अखिलेश का पूरा साथ देंगे ओम प्रकाश राजभर या करेंगे खानापूर्ति

यूपी विधानसभा चुनाव में साथ दिखे अखिलेश और राजभर में राज्यसभा और एमएलसी के चुनाव के दौरान मतभेद देखने को मिले थे। नाराज राजभर ने तो यहां तक बयान दे दिया था कि अखिलेश को एसी कमरे से बाहर निकलकर राजनीति करनी चाहिए। इस बयान को दोनों दलों के बीच मतभेद के तौर पर देखा गया था। अब सवाल है कि क्या ओम प्रकाश राजभर पूरी तरह से अखिलेश यादव के साथ खड़े रहेंगे या केवल खानापूर्ति ही करेंगे। आजमगढ़ में मुलायम परिवार की प्रतिष्ठा दांव पर है। इसलिए अखिलेश चाहेंगे कि ओम प्रकाश राजभर का पूरा साथ मिले ताकि इस कठिन लड़ाई को जीता जा सके।

2024 से पहले होगा अखिलेश-राजभर गठबंधन का लिटमस टेस्ट

2024 से पहले होगा अखिलेश-राजभर गठबंधन का लिटमस टेस्ट

यूपी विधानभा चुनाव के बाद हो रहे उपचुनाव एक तरह से गठबंधन के लिए लिटमस टेस्ट की तरह है। आजमगढ़ का उपचुनाव एक तरह से लिटमस टेस्ट की तरह ही है। इस चुनाव से यह अंदाजा लग जाएगा कि अखिलेश-राजभर के बीच विधानसभा चुनाव वाली ही ट्यूनिंग है या उनके भीतर दरार पड़ी है। जैसा की राजभर के पिछले बयानों से कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि ओम प्रकाश राजभर आजमगढ़ के 90 हजार राजभर वोटरों को साधने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। सपा को भी उम्मीद है कि विधानसभा चुनाव की तरह एक बार फिर उपचुना में भी इस समुदाय का पूरा साथ मिलेगा।

राजभरों ने नहीं दिया साथ तो बिगड़ेगा सपा का समीकरण

राजभरों ने नहीं दिया साथ तो बिगड़ेगा सपा का समीकरण

आजमगढ़ लोकसभा उपचुनाव में राजभर भी सपा की मुसीबतें बढ़ा सकते हैं। सपा के मुखिया अखिलेश यादव पहले ही दोहरी चुनौती से जूझ रहे हैं। मायावती और बीजेपी के चक्रव्यूह में फंसा यादव परिवार राजभरों पर उम्मीद टिकाए हुए है। दरअसल सपा की पूरी सियासत मुस्लिम और यादव वोट बैंक के इर्द गिर्द ही घूमती है। लेकिन इस सियासत को तोड़ने की कोशिश मायावती ओर बीजेपी की तरफ से हो रही है। मायावती ने जहां मुस्लिम वोट बैंक पर चोट मारी है तो बीजेपी सपा के कोर वोट बैंक यादव में सेंधमारी करने के प्रयास में जुटी है। इन दोनों समुदायों को सपा का वोट बैंक माना जाता है। लिहाजा यदि इनमें से एक में भी बिखराव हुआ तो सपा के लिए मुश्किल साबित होगा। ऐसे में आजमगढ़ में मौजूद 90 हजार राजभर वोटर सपा के उस नुकसान और सेंधमारी की भरपायी कर सकते हैं जो विपक्ष से हो सकती है। यदि राजभर भी छिटक गए तो फिर अखिलेश की मुश्किलें और बढ़ जाएंगी।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+