इलाहाबाद में राहुल गांधी, परशुराम के वंशज से शिव के नीलकंठ अवतार तक
इलाहाबाद। शनिवार को कांग्रेस पार्टी की कमान राहुल गांधी के हाथों में आते ही इलाहाबाद में जमकर जश्न मनाया गया। देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के घर आनंद भवन इलाहाबाद पर कांग्रेसियों ने पटाखे फोड़े, ढोल-नगाड़े बजाएं और राहुल गांधी का नीलकंठ अवतार का पोस्टर जारी किया।

राहुल का नीलकंठ अवतार पोस्टर
पोस्टर में राहुल गांधी को नीलकंठ अवतार बताया गया है। हलांकि नीलकंठ अवतार कब हुआ था इस पर शायद ही कोई कांग्रेसी जवाब दे पाए, लेकिन भगवान शिव के परम भक्त के बाद अब राहुल गांधी को भगवान शिव के रूप में ही अवतरित किया गया है। बता दें कि धार्मिक व पौराणिक कथाओं में समुद्र मंथन के दौरान हलाहल विष पीने से भगवान शिव का कंठ नीला पड़ गया था। इस कारण से उन्हें नीलकंठ भी कहा जाता है । उसी नाम का इस्तेमाल अब राहुल गांधी के लिए किया गया है और इलाहाबाद में बकायदा पोस्टर जारी कर राहुल गांधी का अध्यक्ष रूप में नीलकंठ अवतार बताया गया है।

पंडित राहुल गांधी परशुराम के वंशज
बता दें कि गुजरात चुनाव से शुरू हुए राहुल गांधी के व्यक्तित्व परिवर्तन की कड़ी में यह सबसे बड़ा कांग्रेसियों का कदम है । इससे पहले राहुल गांधी को ब्राह्मण साबित करने के लिए उनके नाम के आगे पंडित राहुल गांधी लगाया जाने लगा, फिर कांग्रेस की ओर से उनके जनेऊ धारी ब्राह्मण होने की बातें सामने आई, फिर और आगे बढ़कर कांग्रेसियों ने शिव भक्त व भगवान परशुराम के वंशज के रूप में राहुल गांधी का जिक्र किया, लेकिन अब सारी सीमाओं को लांघते हुए राहुल गांधी सीधे भगवान शिव के नीलकंठ अवतार में प्रकट हो गए हैं। जो कांग्रेस की कमान संभाल रहे हैं।

चर्चा में पोस्टर
राहुल गांधी का नया पोस्टर इलाहाबाद में कांग्रेसियों द्वारा जारी किया गया है जिसमें भगवान शिव के चेहरे से लगा हुआ राहुल गांधी का चेहरा सामने रखा गया है और लिखा गया है नीलकंठ अवतार पंडित राहुल गांधी जी। इस पोस्टर में बैकग्राउंड में जहां संसद भवन है । वहीं सोनिया गांधी प्रमोद तिवारी के साथ स्थानीय नेताओं ने अपने चेहरे को जगह दी है।

जमकर मना नेहरू की जन्मस्थली पर जश्न
कांग्रेस अध्यक्ष की कमान संभालने के बाद शनिवार को संगम नगरी में राहुल गांधी के पुरखों की धरती यानी इलाहाबाद में जमकर जश्न मना। पंडित जवाहरलाल नेहरू के घर आनंद भवन के बाहर जमकर पटाखे फोड़े गए। कांग्रेसियों ने खूब उत्साह से डांस किया और ढोल बजाए। दरअसल 1885 में कांग्रेस पार्टी का जब गठन हुआ था उसके बाद कांग्रेस का राष्ट्रीय कार्यालय गांधी परिवार का पैतृक घर स्वराज भवन ही था और इलाहाबाद कांग्रेस का गढ़ हुआ करता था।












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