Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

शाहजहांपुर की अनोखी होली देखिए, 'अंग्रेज' को मारते हैं जूते

शाहजहांपुर में एक आदमी को लाट साहब बनाकर उसे जूतों से पीटते हुए जुलूस निकाला जाता है। लोग होली में अंग्रेजों के खिलाफ गुस्सा प्रकट करते हैं।

शाहजहांपुर। रंगों का त्यौहार होली और उसे मनाने का तरीका पूरे देश में अलग-अलग है। कहीं फूलों से होली खेली जाती है तो कहीं लाठीमार होली खेली जाती है लेकिन शाहजहांपुर में होली खेलने की परम्परा सबसे अनूठी है। यहां जूते मार होली का लुत्फ उठाया जाता है। ये जूते मार होली अंग्रेजों के प्रति अपना आक्रोश प्रकट करने के लिए किया जाता है। एक अंग्रेज को लाट साहब बनाकर उसे जूतों से पीटा जाता है जो कि लाट साहब के जुलूस के नाम से जानी जाती है। बेहद संवेदनशील माने जाने वाले लाट साहब के जुलूस में पुलिस की बेहद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की जाती है।

लाट साहब का निकाला जाता है जुलूस

लाट साहब का निकाला जाता है जुलूस

शाहजहांपुर में हुड़दंगियों का ये रेला लाट साहब के जुलूस का है। भैंसा गाड़ी पर बैठाकर जिस व्यक्ति को जूते से पीटा जा रहा है, वह होली के इस जुलूस का लाटसाहब है। जुलूस में मौजूद देवेंद्र कुमार ने बताया कि लाट साहब का जुलूस निकालने की ये परम्परा बरसों पुरानी है। चूंकि अंग्रेजों ने जो जुल्म हिन्दुस्तानियों पर किये हैं वो दुख आज भी हर किसी के दिल मे मौजूद है। यहां के लोग अंग्रेजों के प्रति अपना दर्द और आक्रोश बेहद अनूठे ढंग से प्रदर्शित करते हैं।

जुलूस में जमकर होता है हुड़दंग

जुलूस में जमकर होता है हुड़दंग

लाट साहब के इस जुलूस में अंग्रेज के रूप में एक व्यक्ति को भैंसा गाड़ी पर बिठाते हैं और उसे जूते और झाड़ू से पीटते हुए पूरे शहर में घुमाया जाता है। यहां खास बात ये होती है इस लाट साहब के बदन पर एक भी कपड़ा नहीं होता है। लेकिन जब ये जुलूस मेन रोड पर आता है तो लाट साहब को एक पन्नी की चादर से ढक दिया जाता है। इस जुलूस में हजारों की संख्या में हुड़दंगी जमकर हुड़दंग मचाते है। ये शाहजहांपुर की वर्षों पुरानी परम्परा है।

अंग्रेजों के खिलाफ गुस्सा निकालते हैं लोग

अंग्रेजों के खिलाफ गुस्सा निकालते हैं लोग

लाट साहब का जुलूस शहर में दो स्थानों से निकाला जाता है। पहला जुलूस थाना कोतवाली के बड़े चौक से और दूसरा जुलूस थाना आरसी मिशन के सराय काईया से जिसमें हुड़दंगी हर साल कोई न कोई वलवा जरूर खड़ा कर देते हैं। ये हुड़दंगी अंग्रेजों के लिए तो गन्दी-गन्दी फब्तियां कसते हैं। साथ में पुलिस पर भी जमकर गन्दी-गन्दी फब्तियां कसते नजर आते है। हालात ये होते हैं कि पुलिस ये सब नजारा और फब्तियां सुनने को मजबूर होती हैं। वैसे तो किसी को सरेआम पीटना गैर कानूनी होता है लेकिन यहां किसी को जूतों और झाड़ू से पीटने का ये पूरा खेल पुलिस की निगरानी में ही होता है। इसी के चलते इस बार शहर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस अधिकारियों समेत लगभग दो हजार पुलिस कर्मियों के अलावा रैपिड एक्शन फ़ोर्स, सीआरपीएफ और पीएसी को तैनात किया गया है ताकि शाहजहांपुर की होली शान्तिपूर्ण ढंग से निपट जाये। ये होली ब्रिटिश हुकूमत और उसके जुल्मों की याद ताजा कराती है वहीं अंग्रेजो के प्रति अपना गुस्सा भी प्रकट करती है।

कोर्ट में की गई इसे रोकने की अपील, खारिज

कोर्ट में की गई इसे रोकने की अपील, खारिज

पुरानी परम्परा होने के कारण जुलूस मे जिस व्यक्ति को लाट साहब बनाया जाता है वह शख्स दूसरे समुदाय का होता है। जुलूस मे लाट साहब बनने वाले शख्स को उसके बदले में बकायदा पैसे और कपड़े के जोड़े दिए जाते हैं। हालांकि इस परम्परा के खिलाफ हिन्दू समुदाय के कुछ लोगों ने लोअर कोर्ट और हाईकोर्ट तक में इसे रोकने की अपील की थी लेकिन अदालत ने उसे खारिज करते हुए इस पर रोक लगाने से इनकार कर दिया।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+