मोदी के गढ़ काशी से प्रियंका गांधी करेंगी चुनावी शंखनाद, जानिए कांग्रेस ने क्यों दिया "बनारस चलो" का नारा
लखनऊ, 09 अक्टूबर: उत्तर प्रदेश में तीन महीने के बाद यूपी में विधानसभा चुनाव का बिगुल बज जाएगा। इसको देखते हुए सभी राजनीतिक दल अपनी अपनी तैयारी में जुट गए हैं। इस बी कांग्रेस कांग्रेस पार्टी ने घोषणा की है कि वह लखीमपुर खीरी हिंसा पीड़ितों के लिए न्याय की मांग करते हुए रविवार को उत्तर प्रदेश के वाराणसी में 'किसान न्याय रैली' का आयोजन करने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा की ओर से होने वाली इस रैली पर सबकी निगाहें होंगी। कार्यक्रम से पहले जारी रैली के पोस्टर में पार्टी ने 'चलो बनारस' का नारा दिया है।

प्रियंका गांधी 10 अक्टूबर को वाराणसी, उत्तर प्रदेश के रोहनिया इलाके में एक मेगा रैली को संबोधित करेंगी। कांग्रेस नेता अजय राय ने कहा कि वह काशी विश्वनाथ मंदिर और दुर्गा कुंड मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद रैली को संबोधित करेंगी। दरअसल, पोस्टर में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा को बर्खास्त करने, किसानों के विरोध के दौरान भड़की लखीमपुर खीरी हिंसा के दोषियों की गिरफ्तारी और चार किसानों सहित आठ लोगों की मौत सहित पार्टी की मांगों का भी उल्लेख है। पोस्टर में पार्टी द्वारा उल्लिखित एक अन्य मांग केंद्र के तीन विवादास्पद कृषि कानूनों को निरस्त करने की है।
पूर्वांचल के लिए प्रियंका की न्याय रैली काफी अहम
वाराणसी में कांग्रेस के पूर्व विधायक और कद्दावर नेता अजय राय ने कहा कि,
"तैयारी जोरों पर है। रैली में पूर्वी यूपी के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी महासचिव भाजपा की राज्य सरकार का पर्दाफाश करेंगे जो महंगाई और पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस सहित पेट्रो उत्पादों की कीमतों में वृद्धि को रोकने में विफल रही है। किसान और युवा राज्य सरकार से परेशान हैं क्योंकि बेरोजगारी चरम पर है और बढ़ती महंगाई ने हर वर्ग को परेशान कर दिया है।"
सूत्रों ने कहा कि उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रमुख अजय कुमार लल्लू ने पार्टी के सभी पदाधिकारियों से रैली को बड़ी सफलता सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। प्रियंका गांधी, जो उत्तर प्रदेश में पार्टी संगठन की निगरानी और चुनाव के लिए तैयार करने में व्यस्त हैं, ने भी लखीमपुर खीरी कांड के मद्देनजर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर कांग्रेस के हमले का नेतृत्व किया।
रैली को सफल बनाने में कांग्रेस ने झोंकी ताकत
कांग्रेंस सोशल मीडिया के संयोजक अंशु अवस्थी के मुताबिक, रैली की तैयारियों के लिए उत्तर प्रदेश कांग्रेस के मीडिया विभाग में वार रूम बनाया गया है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दो दिन पहले से ही बनारस में रैली की तैयारियों को लेकर कैम्प कर रहे हैं और लगातार कार्यकर्ताओं को तैयारी संबंधी दिशा निर्देश जारी कर रहे हैं। खुद भी मौके पर जाकर तैयारियों का जायजा ले रहे हैं। राष्ट्रीय सचिव एवं सह प्रभारी धीरज गुर्जर भी कल ही तैयारियों का जायजा लेने के लिए कैम्प कर चुके हैं, राष्ट्रीय सचिव रोहित चौधरी, राष्ट्रीय सचिव प्रदीप नरवाल भी पहले ही पहुँच चुकें हैं।
बड़े नेताओं ने काशी में डाला डेरा
रैली को सफल बनाने के लिए कांग्रेस की नेता विधानमंडल दल आराधना मिश्रा मोना, नेता विधान परिषद दीपक सिंह, पूर्व मंत्री व मीडिया विभाग के चेयरमैन नसीमुद्दीन सिद्दीकी, पूर्व विधायक पंकज मलिक, पूर्व सांसद राजेश मिश्रा, पूर्व राज्यसभा सदस्य पीएल पुनिया, उत्तर प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष डॉ निर्मल खत्री, पूर्व विधायक अजय राय सहित अन्य पूर्व केंद्रीय मंत्री, पूर्व सांसद और पूर्व विधायक गण पहुंच चुकें हैं। 10 अक्टूबर को होने वाली किसान न्याय रैली में से बड़ी संख्या में किसान नेता और कार्यकर्ताओं का पहुंचना शुरू हो गया है।
वहीं बीएचयू में राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर रह चुके राजनीतिक विश्लेषक कौशल कुमार ने कहा कि,
''यह रैली कांग्रेस द्वारा पूर्वी यूपी में अपना आधार बहाल करने का एक प्रयास है, जहां उसे तीन दशक पहले तक लोगों का अपार समर्थन प्राप्त था। इसका क्या या कितना प्रभाव पड़ता है, यह निकट भविष्य में स्पष्ट होगा। हालांकि पिछले एक सप्ताह से लखीमपुर कांड में जिस तरह से उन्होंने जुझारुपन का परिचय दिया है उससे कांग्रेस के प्रति पहली बार अच्छा संदेश गया है।''
लखीमपुर कांड के बाद वाराणसी की रैली अहम
दरअसल पिछले रविवार को लखीमपुर खीरी में हिंसा की खबर फैलने के तुरंत बाद, वह लखीमपुर के लिए निकली थी, लेकिन उन्हें सोमवार सुबह से सीतापुर के पीएसी गेस्ट हाउस में नजरबंद कर दिया गया था। बुधवार को अपनी रिहाई के बाद, प्रियंका गांधी ने अपने भाई राहुल गांधी और अन्य कांग्रेस नेताओं के साथ, घटना में मारे गए किसानों के परिवार के सदस्यों से मुलाकात की और उन्हें हर संभव सहायता का वादा किया।












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