प्रियंका गांधी ने जारी किया ऑडियो संदेश, कहा- गृह राज्यमंत्री के इस्तीफा देने तक संघर्ष करेंगे
नई दिल्ली, अक्टूबर 05: लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा के पीड़ितों से मिलने पहुंचीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को सोमवार को यूपी पुलिस ने हिरासत में लिया है। 24 घंटे से अधिक समय से पुलिस ने उन्हें नजरबंद कर रखा है। इसी बीच मंगलवार शाम प्रियंका गांधी ने पीएसी गेस्ट हाउस के बाहर खड़े समर्थकों को फोन के जरिए संबोधित किया है। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से वादा किया है कि रिहा होने के बाद सभी से मुलाकात करेंगी। हम यह संघर्ष तब तक जारी रखेंगे जब तक गृह राज्य मंत्री इस्तीफा नहीं देते, चाहे कुछ भी हो जाए।

ऑडियो संदेश में प्रियंका गांधी ने कहा कि, हमारे देश को किसानों ने ही आजादी दिलाई किसान शहीद हुए और आज भी किसान का बेटा ही जवान बनकर देश की सीमाओं पर आजादी को सुरक्षित रख रहा है।जब कोई किसान संघर्ष या आंदोलन में अपनी जान गंवाता है तो हम उसे मृतक नहीं कहते हैं। हम उसे शहीद कहते हैं। आज एक ऐसी कायर सरकार है कि इन्हीं का गृह राज्यमंत्री भरी सभा में जनता को धमकाता है। उसका बेटा किसानों को गाड़ी के पहिए के तले कुचल देता है।
प्रियंका गांधी ने आगे कहा कि, एक पुराना श्लोक है, जनता की रक्षा ही राजा का कर्तव्य है। मोदी जी 100 किलोमीटर दूर अमृतोत्सव मनाने आए थे, लेकिन किसानों के आंसू पूछने लखीमपुर-खीरी नहीं पहुंचे। जितना आप मुझे दबाओगे हम उतनी ताकत से लगे रहेंगे। कांग्रेस के साथियों से कह दूं कि गृह राज्यमंत्री के इस्तीफे और उनके बेटे की गिरफ्तारी तक संघर्ष चलता रहेगा, रिहा होने के बाद आप लोगों से मिलूंगी।
Recommended Video
प्रियंका गांधी ने आगे कहा कि, ये कायर सरकार इन अपराधियों पर कार्रवाई करने की बजाए अपनी पूरी पुलिस फोर्स को एक विपक्ष की महिला को रोकने के लिए लगा देती है। जब ये हादसा हुआ तो कहां थी ये पुलिस? कहां थी ये सरकार? कहां था ये प्रशासन? प्रियंका गांधी ने आगे कहा कि मोदी जी मैं आपसे पूछना चाहती हूं कि आप नैतिकता कहां है? बता दें कि, प्रियंका गांधी वाड्रा, दीपेंद्र हुड्डा और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू समेत 11 नेताओं के खिलाफ दंड प्रक्रिया संहिता के तहत मामला दर्ज किया गया है।
इससे पहले प्रियंका गांधी ने मंगलवार शाम को एक चिट्ठी जारी कर कहा कि लखीमपुर खीरी जाते वक्त हिरासत में लेकर मुझे सीतापुर पीएसी परिसर लाया गया। इसके बाद से मुझे किसी तरह की कोई सूचना नहीं दी गई है। न तो बाहर कि परिस्थिति की जानकारी है, न कोई कारण बताया गया और न ही मुझे यह बताया गया है कि मुझपर किन धाराओं के तहत आरोप हैं। मैंने सोशल मीडिया पर एक दस्तावेज देखा जिसमें पुलिस ने 11 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इनमें से आठ तो ऐसे लोग हैं जो मेरी गिरफ्तारी के वक्त मौजूद भी नहीं थे।












Click it and Unblock the Notifications